नवी मुंबई | शेयर मार्केट और IPO में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। साइबर पुलिस की कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।
कैसे हुआ पूरा मामला?
गिरोह ने एक प्लेसमेंट और इंटर्नशिप कंपनी के मालिक को शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच दिया। अलग-अलग बहानों से उससे कुल ₹2,09,30,537 की रकम ठग ली गई। जब लंबे समय तक कोई रिटर्न नहीं मिला, तो पीड़ित ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जांच में क्या सामने आया?
जांच के दौरान पुलिस को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक संदिग्ध खाते की जानकारी मिली, जो आर्शिल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर नवी मुंबई में खोला गया था। टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर पुलिस ने तुर्भे इलाके से सुशील भगवान जुवाटकर को हिरासत में लिया।
पूछताछ में उसने खुलासा किया कि यह खाता उसने अपने साथियों पंकज कपूर और निश्चल बरेयली के कहने पर खोला था।
बैंकॉक–म्यांमार में लिया था ट्रेनिंग
तफ्तीश में यह भी सामने आया कि पंकज कपूर और निश्चल बरेयली पहले बैंकॉक और म्यांमार के कुख्यात साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर्स में काम कर चुके हैं। वहां से ट्रेनिंग लेकर वे नवी मुंबई में नया कॉल सेंटर शुरू करने की तैयारी में थे।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन,2 लैपटॉप,3 पासपोर्ट,3 POS मशीन,24 बैंक अकाउंट खोलने के किट,12 नकली मुहरें, 2 हार्ड डिस्क भारी मात्रा में सामान जब्त किया है:
पुलिस की बड़ी कामयाबी
पुलिस ने इस केस में तीनों आरोपियों सुशील जुवाटकर, पंकज कपूर और निश्चल बरेयली को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, तत्पर कार्रवाई करते हुए पीड़ित के ₹62 लाख अलग-अलग बैंक खातों में फ्रीज (होल्ड) करने में सफलता हासिल की गई है। आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक प्रकाश कातकाडे और उनकी टीम कर रही है।

