नवी मुंबई: वाशी और सानपाड़ा इलाके में बिना अनुमति किए जा रहे खुदाई कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नवी मुंबई के उपमहापौर दशरथ भगत ने महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने गुरुवार को महापालिका आयुक्त को विस्तृत लिखित शिकायत सौंपी।
बिना अनुमति खुदाई से सड़क और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान
शिकायत के अनुसार, वाशी के सेक्टर 30, 31, 31A और सानपाड़ा के सेक्टर 1 तथा 13 से 20 के बीच महापालिका की सड़कों, फुटपाथ और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर बार-बार बिना अनुमति खुदाई की जा रही है। इस अवैध कार्य से न केवल बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि शहर के विकास कार्यों में भी लगातार बाधा उत्पन्न हो रही है।
भगत ने आरोप लगाया कि यह काम पूरी तरह नियमों के विरुद्ध हो रहा है, जिससे परियोजनाओं की गति धीमी पड़ रही है और उनके गुणवत्ता व सौंदर्य पर भी असर पड़ रहा है।
केबल मैप और समन्वय की कमी से बढ़ी परेशानी
मामले में यह भी सामने आया है कि संबंधित विभाग के पास भूमिगत केबल्स का सटीक नक्शा और समन्वय की कमी है। इसके कारण खुदाई के दौरान केबल्स को नुकसान पहुंचता है, जिससे बार-बार मरम्मत की नौबत आती है।
केबल्स को समय पर शिफ्ट न करने और योजना में खामियों के चलते महापालिका के काम प्रभावित हो रहे हैं। भगत के अनुसार, इस लापरवाही के कारण महापालिका को सैकड़ों करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
धूल प्रदूषण और नागरिकों के स्वास्थ्य पर असर
अनियमित खुदाई के चलते सड़कों पर धूल का गुबार उठ रहा है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। इसका सीधा असर स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
इसके अलावा, बिजली आपूर्ति से जुड़ी महापालिका की आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है, जिससे शहरी और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
FIR, नुकसान की भरपाई और रिपोर्ट की मांग
उपमहापौर दशरथ भगत ने मांग की है कि:
- संबंधित अधिकारियों के खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज किया जाए
- हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई वसूली जाए
- क्षतिग्रस्त संपत्तियों को तत्काल पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए
- पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर महासभा में पेश की जाए
कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा राजनीतिक मुद्दा
भगत ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, तो इसे महापालिका सभागृह में ‘लक्षवेधी’ के जरिए उठाया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर राज्य स्तर पर भी इस मुद्दे को आगे बढ़ाया जाएगा।

