Category: Uncategorized

  • Kerala का नाम अब ‘केरलम’ होगा

    Kerala का नाम अब ‘केरलम’ होगा

    नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार (24 फरवरी 2026) को केरल का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने जानकारी देते हुए कहा कि भाषा के आधार पर राज्यों के गठन के समय से ही यह मांग उठती रही है कि ‘केरल’ का पारंपरिक और स्थानीय नाम ‘केरलम’ किया जाए। अब कैबिनेट ने इस मांग को स्वीकृति दे दी है।

    पहली बैठक ‘सेवा तीर्थ’ में

    यह निर्णय नए प्रधानमंत्री कार्यालय भवन Seva Teerth में आयोजित यूनियन कैबिनेट की पहली बैठक में लिया गया। इसे प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    पहले ही पारित हो चुका था प्रस्ताव

    केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से राज्य का नाम आधिकारिक रूप से ‘केरलम’ करने का अनुरोध किया था। राज्य सरकार का तर्क था कि ‘केरलम’ नाम राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को बेहतर ढंग से दर्शाता है।

    चुनावी संदर्भ में बड़ा कदम

    यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस निर्णय के सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव के साथ-साथ इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।

    अब औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद सभी आधिकारिक दस्तावेजों में राज्य का नाम ‘केरलम’ किया जाएगा।

  • ICC Men’s T20 World Cup: भारत ने नीदरलैंड को 17 रन से हराया, लगातार चौथी जीत

    ICC Men’s T20 World Cup: भारत ने नीदरलैंड को 17 रन से हराया, लगातार चौथी जीत

    अहमदाबाद में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप (ICC Men’s T20 World Cup) 2026 के 36वें मुकाबले में भारतीय टीम ने नीदरलैंड को 17 रन से हराकर टूर्नामेंट में अपनी लगातार चौथी जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 193 रन बनाए। जवाब में नीदरलैंड की टीम निर्धारित 20 ओवर में 176 रन ही बना सकी।

    भारत की पारी: दुबे की तूफानी अर्धशतकीय पारी

    टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत निराशाजनक रही। अभिषेक शर्मा लगातार तीसरे मैच में बिना खाता खोले आउट हो गए। हालांकि इसके बाद ईशान किशन ने आक्रामक अंदाज में 7 गेंदों पर 18 रन बनाकर रनगति तेज की, लेकिन वे भी बड़ी पारी नहीं खेल सके।

    bit.ly/INDvNED-T20-WorldCup-2026

    तिलक वर्मा ने 27 गेंदों में 31 रन की संयमित पारी खेलकर मध्यक्रम को संभाला। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 28 गेंदों पर 34 रन बनाकर पारी को स्थिरता दी।

    मुकाबले का रुख उस समय बदला जब शिवम दुबे क्रीज पर आए। उन्होंने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए महज 31 गेंदों में 66 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 4 चौके और 6 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। हार्दिक पांड्या ने भी 21 गेंदों में 30 रन का योगदान दिया। रिंकू सिंह 6 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 193/5 का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    नीदरलैंड की ओर से लोगन वैन बीक ने 3 विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की, जबकि आर्यन दत्त को 2 सफलता मिली।

    नीदरलैंड की पारी: संघर्ष के बावजूद लक्ष्य से दूर

    194 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड की टीम ने शुरुआत संभलकर की, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से वे दबाव में आ गए। भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में सटीक लाइन-लेंथ के साथ रन गति पर लगाम कसी।

    मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने साझेदारी की कोशिश की, लेकिन रन रेट बढ़ने के साथ जोखिम उठाने पड़े और विकेट गिरते रहे। अंतिम ओवरों में तेज रन बटोरने की कोशिश के बावजूद टीम 20 ओवर में 176 रन तक ही पहुंच सकी।

    प्लेइंग इलेवन में बदलाव

    इस मुकाबले में भारतीय टीम मैनेजमेंट ने दो बदलाव किए। अक्षर पटेल और कुलदीप यादव की जगह वॉशिंगटन सुंदर और अर्शदीप सिंह को मौका दिया गया। वहीं, नीदरलैंड ने भी एक बदलाव करते हुए नोह क्रोस को अंतिम एकादश में शामिल किया।

    मैच का नतीजा और महत्व

    इस जीत के साथ भारत ने अंक तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। लगातार चार जीत दर्ज कर टीम ने सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं। दूसरी ओर, नीदरलैंड को इस हार के बाद आगे के मुकाबलों में जीत की सख्त जरूरत होगी।

    शिवम दुबे की तूफानी पारी इस मैच का सबसे बड़ा आकर्षण रही, जिसने भारत को 190 के पार पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाई।

  • Wildlife Case: मशहूर लोगों को वन्यजीवों से खेलने की छूट नहीं: सुप्रीम कोर्ट

    Wildlife Case: मशहूर लोगों को वन्यजीवों से खेलने की छूट नहीं: सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को यूट्यूबर Elvish Yadav के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज मामले की सुनवाई के दौरान तीखी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि यदि लोकप्रिय व्यक्तियों को “बेजुबान पीड़ित” जैसे सांपों का मनोरंजन के लिए उपयोग करने की अनुमति दी जाती है, तो इससे समाज में “बहुत गलत संदेश” जाएगा।

    मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।

    क्या कहा अदालत ने?

    न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरश और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ एल्विश यादव की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने नोएडा में कथित रेव पार्टी में सांप के जहर के उपयोग से जुड़े मामले में दाखिल आरोपपत्र और आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी है।

    सुनवाई के दौरान पीठ ने सवाल उठाया:

    “क्या लोकप्रिय लोग मनोरंजन के लिए वन्यजीवों(Wildlife) के साथ इस प्रकार का व्यवहार कर सकते हैं? यदि उन्हें ऐसा करने दिया गया तो समाज में बहुत गलत संदेश जाएगा… क्या आप चिड़ियाघर जाकर जानवरों के साथ खेल सकते हैं? आप यह नहीं कह सकते कि आप जो चाहें करेंगे।”

    अदालत ने स्पष्ट किया कि उसका मुख्य सरोकार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज शिकायत से है।

    क्या है मामला?

    एल्विश यादव के खिलाफ नवंबर 2023 में मामला(Case) दर्ज हुआ था और 17 मार्च 2024 को उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अभियोजन के अनुसार पुलिस ने नौ सांप, जिनमें पांच कोबरा शामिल थे, बरामद किए थे। आरोप है कि कथित रेव पार्टियों में सांप के जहर का नशीले पदार्थ की तरह उपयोग किया जाता था।

    आरोपपत्र में दावा किया गया कि ऐसी पार्टियों में विदेशी नागरिकों सहित कई लोग कथित तौर पर सांप के जहर का सेवन करते थे।

    बचाव पक्ष की दलील

    यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुक्‍ता गुप्ता ने दलील दी कि वे केवल गायक के एक वीडियो में अतिथि के रूप में शामिल हुए थे और किसी रेव पार्टी या प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन का कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि यादव कथित स्थल पर मौजूद नहीं थे, न ही उनके पास से कोई सांप या नशीला पदार्थ बरामद हुआ।

    आगे क्या?

    सुप्रीम कोर्ट ने 6 अगस्त 2024 को ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। अब शीर्ष अदालत मामले में दर्ज शिकायत की जांच करेगी और अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।

  • Congress: प्रदेश कांग्रेस ने विमुक्त जाति व भटक्या जमाती विभाग की कमान एडवोकेट पल्लवी रेंके को सौंपी

    Congress: प्रदेश कांग्रेस ने विमुक्त जाति व भटक्या जमाती विभाग की कमान एडवोकेट पल्लवी रेंके को सौंपी

    मुंबई: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस(Maharashtra Pradesh Congress Committee) कमेटी के अंतर्गत संचालित ‘विमुक्त जाति व भटक्या जमाती सेल’ का रूपांतरण अब ‘विमुक्त जाति व भटक्या जमाती विभाग’ के रूप में किया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ के आदेश पर एडवोकेट पल्लवी रेंके को इस नवगठित विभाग का प्रमुख नियुक्त किया गया है।

    कांग्रेस ने बताया कि महाराष्ट्र में विमुक्त जातियों और भटक्या जमातियों की आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का कम से कम 11 प्रतिशत है। सामाजिक न्याय की स्थापना के उद्देश्य से कांग्रेस ने राज्य निर्माण के समय से ही इन समुदायों को शिक्षा और रोजगार में आरक्षण का समर्थन किया है।

    प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि कडकलक्ष्मी, वैदू, गोंधळी, जोशी, वासुदेव, बहुरूपी, भराडी, डोंबारी, टकारी, रामोशी, लमाण सहित लगभग 40 से अधिक ऐसी जनजातियां आज भी अपनी पारंपरिक भटकंती और व्यवसाय के कारण संगठित नहीं हो पाई हैं और विकास की मुख्यधारा से दूर हैं। इन्हीं बिखरे और वंचित समुदायों को संगठित करने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने विमुक्त जाति व भटक्या जमाती विभाग को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि इस वर्ग को न्याय दिलाने और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कांग्रेस पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।

  • Bhajan Sandhya: बोरीवली में 3 मार्च को होगा भव्य ‘भजन जामिंग’ कार्यक्रमराधे माँ रहेंगी प्रमुख आकर्षण

    Bhajan Sandhya: बोरीवली में 3 मार्च को होगा भव्य ‘भजन जामिंग’ कार्यक्रमराधे माँ रहेंगी प्रमुख आकर्षण

    मुंबई: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के पावन अवसर पर 3 मार्च 2026 को मुंबई के बोरीवली (पूर्व) स्थित देविपाड़ा मैदान में एक भव्य ‘भजन जामिंग’(Bhajan jamming) कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन शाम 4 बजे से प्रारंभ होगा।

    कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण के रूप में राधे माँ की उपस्थिति रहेगी। आयोजन में भक्ति संगीत और भजनों की संगीतमय प्रस्तुति के साथ भक्तिमय माहौल बनाया जाएगा।इस अवसर पर कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी, जिनमें मनोज तिवारी , शेखर जायसवाल और प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति रस में डूबने का विशेष अवसर होगा।

    कार्यक्रम का आयोजन देविपाड़ा मैदान, देविपाड़ा मेट्रो स्टेशन के सामने, बोरीवली (पूर्व), मुंबई – 400066 में किया जाएगा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।पास एवं अन्य जानकारी के लिए सेवादार टल्ली बाबा से मो. 98209 69020 पर संपर्क कर सकते हैं।

  • Sharmila Takes Charge in Presence Eknath: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शर्मिला पिंपलोलकर ने संभाला ठाणे मेयर का कार्यभार

    Sharmila Takes Charge in Presence Eknath: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शर्मिला पिंपलोलकर ने संभाला ठाणे मेयर का कार्यभार

    ठाणे: ठाणे महानगरपालिका में नवनिर्वाचित मेयर शर्मिला रोहित पिंपलोलकर(Sharmila Pimplolker) ने आज औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे(Eknath Shinde) विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    गौरतलब है कि 3 फरवरी को मनपा के मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव संपन्न हुआ था। इसमें शिवसेना की शर्मिला पिंपलोलकर निर्विरोध मेयर चुनी गईं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के कृष्णा दादू पाटिल को डिप्टी मेयर पद की जिम्मेदारी मिली।

    पदभार ग्रहण समारोह के दौरान महानगरपालिका आयुक्त सौरभ राव भी मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मेयर शर्मिला पिंपलोलकर, डिप्टी मेयर कृष्णा दादू पाटिल तथा शिवसेना के गटनेता पवन कदम का स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर नवनिर्वाचित नगरसेवक और नगरसेविकाएं भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह का माहौल उत्साहपूर्ण रहा।

    नई महापौर से शहर के विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • Vande Mataram 150 yrs Celebration: आधिकारिक कार्यक्रमों में अब 3 मिनट 10 सेकंड का “वंदे मातरम्” अनिवार्य, सरकार ने जारी किया नया प्रोटोकॉल

    Vande Mataram 150 yrs Celebration: आधिकारिक कार्यक्रमों में अब 3 मिनट 10 सेकंड का “वंदे मातरम्” अनिवार्य, सरकार ने जारी किया नया प्रोटोकॉल

    वंदे मातरम् का छह अंतरों वाला संस्करण, जिसकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” के गायन और वादन को लेकर एक नया आधिकारिक प्रोटोकॉल जारी किया है। अब सभी सरकारी एवं आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम्(Vande Mataram) का छह अंतरों वाला संस्करण, जिसकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है, अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।

    वंदे मातरम्

    छंद 1

    वन्दे मातरम्।
    सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्,
    शस्यश्यामलां मातरम्।
    शुभ्रज्योत्स्ना-पुलकित-यामिनीम्,
    फुल्ल-कुसुमित-द्रुम-दल-शोभिनीम्,
    सुहासिनीं सुमधुर-भाषिणीम्,
    सुखदां वरदां मातरम्।
    वन्दे मातरम्।।


    छंद 2

    वन्दे मातरम्।
    कोटि-कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले,
    कोटि-कोटि-भुजैर्धृत-खर-करवाले,
    अबला केन मा एत बले?
    बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं,
    रिपुदलवारिणीं मातरम्।
    वन्दे मातरम्।।


    छंद 3

    वन्दे मातरम्।
    तुमि विद्या, तुमि धर्म,
    तुमि हृदि, तुमि मर्म,
    त्वं हि प्राणाः शरीरे।
    बाहुते तुमि मा शक्ति,
    हृदये तुमि मा भक्ति,
    तोमारई प्रतिमा गढ़ि
    मन्दिरे-मन्दिरे मातरम्।
    वन्दे मातरम्।।


    छंद 4

    वन्दे मातरम्।
    त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी,
    कमला कमलदलविहारिणी,
    वाणी विद्यादायिनी।
    नमामि त्वाम्।
    नमामि कमलाम् अमलाम् अतुलाम्,
    सुजलां सुफलां मातरम्।
    वन्दे मातरम्।।


    छंद 5

    वन्दे मातरम्।
    श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषिताम्,
    धरणीं भरणीं मातरम्,
    शत्रुदलवारिणीं मातरम्।
    वन्दे मातरम्।।


    छंद 6

    वन्दे मातरम्।
    त्वं हि शक्ति, त्वं हि शक्ति,
    त्वं हि शक्ति मातरम्।
    वन्दे मातरम्।।

    यह नियम राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अवसरों, राष्ट्रपति के आगमन, उनके भाषणों अथवा राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में लागू होगा।

    इसके साथ ही राज्यों के राज्यपालों के आगमन तथा उनके संबोधन से पूर्व और पश्चात भी इसी निर्धारित संस्करण और समय-सीमा का पालन करना आवश्यक होगा।

    सरकार के अनुसार, इस निर्णय का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत की प्रस्तुति में एकरूपता, गरिमा और प्रोटोकॉल की स्पष्टता सुनिश्चित करना है।


    अब तय समय-सीमा के भीतर ही होगा गायन

    नए निर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का गायन या वादन निर्धारित 3 मिनट 10 सेकंड की अवधि के भीतर ही किया जाएगा। इससे पहले विभिन्न आयोजनों में इसकी अवधि और प्रस्तुति शैली में भिन्नता देखने को मिलती थी।

    सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में उठाया गया है।


    क्या “वंदे मातरम्” शुरू में सिर्फ बंगाल का गीत था?

    कुछ इतिहासकारों और विचारकों का मत है कि “वंदे मातरम्” प्रारंभ में पूरे भारत का राष्ट्रगीत नहीं था, बल्कि यह बंगाल की सांस्कृतिक चेतना से उपजा एक साहित्यिक गीत था।

    इस गीत की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अत्यंत संस्कृतनिष्ठ बंगाली भाषा में की थी। इसे पहली बार 7 नवंबर 1875 को ‘बंगदर्शन’ पत्रिका में प्रकाशित किया गया। बाद में 1882 में प्रकाशित उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंदमठ’ में यह गीत शामिल किया गया।

    हालांकि, जो गीत मातृभूमि की स्तुति के रूप में साहित्यिक अभिव्यक्ति था, वही आगे चलकर भारत के स्वतंत्रता संग्राम की धड़कन बन गया।

    स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान:

    • क्रांतिकारी इसे संघर्ष से पहले फुसफुसाकर गाते थे,
    • विद्यार्थी विरोध प्रदर्शनों में इसे स्वर देते थे,
    • और यह ब्रिटिश शासन के विरुद्ध राष्ट्रभावना का प्रतीक बन गया।

    राष्ट्रीय गीत के रूप में मान्यता

    भारत का राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” है, जिसका अर्थ है — “हे मातृभूमि, मैं तुम्हें नमन करता हूँ।”

    1950 में संविधान सभा ने इसे “राष्ट्रीय गीत” का दर्जा दिया। हालांकि राष्ट्रगान “जन गण मन” है, लेकिन वंदे मातरम् को समान सम्मान प्रदान किया गया है।

    यह गीत भारत को एक हरित, समृद्ध और पालन-पोषण करने वाली मां के रूप में चित्रित करता है —
    सुजलां, सुफलां, मलयज-शीतलाम्…

    आज इस ऐतिहासिक गीत की रचना को लगभग 150 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं।


    एकरूपता बनाम बहस

    जहाँ सरकार इसे प्रोटोकॉल स्पष्टता और राष्ट्रीय सम्मान से जोड़कर देख रही है, वहीं कुछ वर्गों में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भों को लेकर बहस भी समय-समय पर उठती रही है।

    फिर भी इसमें कोई संदेह नहीं कि “वंदे मातरम्” भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक अमिट प्रतीक रहा है और आज भी राष्ट्रभावना से गहराई से जुड़ा हुआ है।

  • BJP–NCP political deal: सीएम फडणवीस का अचानक दिल्ली दौरा, सियासी हलचल तेज; सुनेत्रा पवार भी जाएंगी दिल्ली

    BJP–NCP political deal: सीएम फडणवीस का अचानक दिल्ली दौरा, सियासी हलचल तेज; सुनेत्रा पवार भी जाएंगी दिल्ली

    मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सोमवार (9 फरवरी) देर रात अचानक दिल्ली पहुंचने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की और इसके बाद मंगलवार तड़के मुंबई लौट आए। इस गोपनीय दौरे को मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

    राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। खास तौर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विलय को लेकर चर्चाएं तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस संबंध में महायुति के सहयोगी दलों के साथ बातचीत का दौर शुरू हो चुका है।

    फडणवीस के बाद सुनेत्रा पवार का दिल्ली दौरा

    मुख्यमंत्री के अचानक दिल्ली दौरे के तुरंत बाद अब दिवंगत अजित पवार की पत्नी और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के दिल्ली जाने की जानकारी सामने आई है। सुनेत्रा पवार मंगलवार (10 फरवरी) शाम 6:45 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगी।

    उपमुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, वह बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट करेंगी। उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद यह उनकी पहली औपचारिक दिल्ली यात्रा बताई जा रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री फडणवीस के देर रात किए गए गोपनीय दौरे के बाद सुनेत्रा पवार की इस यात्रा को राजनीतिक रूप से खास महत्व दिया जा रहा है।

    इस दौरे के दौरान एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और पार्टी के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल भी सुनेत्रा पवार के साथ दिल्ली में मौजूद रहेंगे।

    सीएम देवेंद्र फडणवीस के अचानक दिल्ली दौरे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज, सुनेत्रा पवार की दिल्ली यात्रा को भी खास माना जा रहा है।
    सीएम देवेंद्र फडणवीस के अचानक दिल्ली दौरे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज, सुनेत्रा पवार की दिल्ली यात्रा को भी खास माना जा रहा है।

    जिला परिषद चुनावों में बीजेपी पहले, एनसीपी दूसरे नंबर पर

    इसी बीच महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न हुए 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनावों के नतीजों ने भी सियासी समीकरणों को नई दिशा दी है। इन चुनावों में बीजेपी पहले स्थान पर रही, जबकि अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी दूसरे नंबर पर रही।

    इन चुनावों में जिला परिषद की 731 और पंचायत समितियों की 1462 सीटों के लिए मतदान हुआ था।
    जिला परिषद की 731 सीटों में से बीजेपी ने सबसे ज्यादा 233 सीटें जीतीं। इसके बाद अजित पवार गुट की एनसीपी को 167 और शिंदे गुट की शिवसेना को 162 सीटें मिलीं। महायुति ने कुल मिलाकर 731 में से 562 सीटों पर जीत दर्ज की है।

    वहीं, विपक्षी महाविकास आघाड़ी को करारा झटका लगा है। कांग्रेस को 56, शरद पवार गुट को 26 और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना को 43 सीटें मिली हैं। इस तरह एमवीए को कुल मिलाकर सिर्फ 125 सीटों से संतोष करना पड़ा।

    आने वाले दिनों में बड़े सियासी संकेत(BJP–NCP political deal)

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री का अचानक दिल्ली दौरा, उसके तुरंत बाद सुनेत्रा पवार की प्रस्तावित यात्रा और हालिया चुनावी नतीजे—ये सभी घटनाएं महाराष्ट्र में आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक फैसलों की ओर इशारा कर रही हैं।

  • Land Deal: पार्थ पवार से जुड़ी कंपनी ने 21 करोड़ की स्टांप ड्यूटी नोटिस को दी चुनौती, IGR के सामने होगी सुनवाई

    Land Deal: पार्थ पवार से जुड़ी कंपनी ने 21 करोड़ की स्टांप ड्यूटी नोटिस को दी चुनौती, IGR के सामने होगी सुनवाई

    मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजित पवार के बेटे पार्थ पवार से जुड़ी कंपनी को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। संबंधित कंपनी ने महाराष्ट्र पंजीकरण विभाग द्वारा जारी करीब 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी वसूली नोटिस को चुनौती देते हुए अपील दायर की है। विभागीय सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है।

    सूत्रों के अनुसार, पंजीकरण विभाग ने पुणे के मुंधवा इलाके में स्थित जमीन की बिक्री विलेख (Land Deal) से जुड़े मामले में 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी जमा करने का नोटिस जारी किया था। विभाग का कहना है कि जमीन की बिक्री के दौरान नियमानुसार स्टांप शुल्क अदा नहीं किया गया, जिसके चलते यह राशि वसूल की जानी चाहिए थी। नोटिस में 10 फरवरी तक भुगतान की समयसीमा तय की गई थी।

    पहले भी जारी हो चुका है वसूली आदेश
    इससे पहले पंजीकरण विभाग ने एक आदेश जारी कर अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी और उसके साझेदार दिग्विजय पाटिल को 40 एकड़ सरकारी जमीन की बिक्री विलेख के दौरान माफ की गई स्टांप ड्यूटी जमा करने का निर्देश दिया था। उस आदेश में भी भुगतान की अंतिम तारीख 10 फरवरी तय की गई थी।

    IGR के सामने होगी अब सुनवाई
    पंजीकरण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि स्टांप ड्यूटी जमा करने की अंतिम तारीख तक भुगतान नहीं किया गया, बल्कि संबंधित कंपनी ने आदेश को चुनौती देते हुए अपील दाखिल कर दी है। अब इस पूरे मामले की सुनवाई पंजीकरण महानिरीक्षक (IGR) के समक्ष होगी। हालांकि अधिकारी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि 21 करोड़ रुपये की मांग वाले आदेश को किन आधारों पर चुनौती दी गई है।

    300 करोड़ रुपये के सौदे से जुड़ा मामला
    बताया जा रहा है कि अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी द्वारा करीब 40 एकड़ जमीन को लगभग 300 करोड़ रुपये में बेचने का सौदा उस समय विवादों में आया, जब यह सामने आया कि संबंधित जमीन सरकारी है और कंपनी को स्टांप शुल्क में छूट दी गई थी। इसी खुलासे के बाद यह मामला प्रशासनिक और कानूनी जांच के दायरे में आ गया।

  • Environment Crime: क्या पेड़ों पर लाइटिंग करना निसर्ग की हत्या है?

    Environment Crime: क्या पेड़ों पर लाइटिंग करना निसर्ग की हत्या है?

    पर्यावरणविद डॉ. प्रशांत सिनकर ने की ठाणे में ज़िंदा पेड़ों पर सजावट बंद करने की मुख्यमंत्री से मांग

    ठाणे (Thane News)।
    शहर में ज़िंदा पेड़ों पर की जा रही बिजली की लाइटिंग और सजावट को लेकर पर्यावरण का गंभीर मुद्दा खड़ा हो गया है। पर्यावरणविद डॉ. प्रशांत सिनकर ने इस प्रथा को सीधे-सीधे पर्यावरण अपराध (Environment Crime) करार देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से ठाणे में ऐसे सभी कार्य तुरंत बंद करने की मांग की है।

    डॉ. सिनकर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि त्योहारों, कार्यक्रमों और तथाकथित ब्यूटीफिकेशन के नाम पर ज़िंदा पेड़ों पर वायरिंग, ड्रिलिंग, कीलें ठोकना और भारी लाइटिंग उपकरण टांगना पेड़ों के लिए घातक साबित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पेड़ सजावटी खंभे नहीं, बल्कि शहर की सांस और नागरिकों की जीवनरेखा हैं।

    पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल पेड़ों को शारीरिक नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि पक्षियों, कीट-पतंगों और पूरी जैव विविधता (बायोडायवर्सिटी) पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। पेड़ों पर की गई लाइटिंग उनके प्राकृतिक विकास, जीवन चक्र और पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ रही है।

    डॉ. सिनकर ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर राज्य और केंद्र सरकार नेट ज़ीरो लाइफ मिशन और क्लाइमेट चेंज से लड़ने की बातें कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निकाय खुलेआम ज़िंदा पेड़ों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने इसे नीति और ज़मीनी हकीकत के बीच की खतरनाक विडंबना बताया।

    इस पृष्ठभूमि में डॉ. सिनकर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि

    • ज़िंदा पेड़ों पर किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रिक लाइटिंग, डेकोरेशन और विज्ञापन सामग्री लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए
    • नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं

    अपने पत्र के अंत में उन्होंने भावनात्मक अपील करते हुए लिखा,
    “पेड़ चीख नहीं सकते, लेकिन पूरे शहर को चुपचाप उनके ज़ख्म सहने पड़ते हैं। अगर आज हम पेड़ों के लिए नहीं खड़े हुए, तो कल शहर के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो जाएगा।”

    पर्यावरणविदों का मानना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो इसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को चुकाना पड़ेगा।