Category: Maharashtra

  • Rickshaw stolen under influence of alcohol, AC mechanic arrested in Kalyan:दारू के नशे में रिक्षा चोरी, कल्याण में एसी मेकॅनिक गिरफ्तार

    कल्याण: शराब की लत कभी-कभी इंसान को इतना गिरा सकती है कि वह अपनी सामान्य सोच और विवेक खो बैठता है। कल्याण के कोळसेवाडी इलाके में एक ऐसे ही चौंकाने वाले मामले का सामने आया, जहां पेशे से एसी मेकॅनिक प्रांजल बर्वे ने शराब के नशे में रिक्षा चुराई, ताकि वह और शराब खरीद सके।

    चोरी की घटना: शराब की लत ने किया हैरान करने वाला कृत्य
    प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले रात के समय, प्रांजल बर्वे नशे की हालत में था और उसे और शराब की आवश्यकता महसूस हुई। इस दौरान, उसने अपनी इमारत के पास खड़ी रिक्षा को चालू किया और शराब खरीदने के लिए निकल पड़ा। हालांकि, कुछ दूरी पर ही रिक्षा की CNG खत्म हो गई, जिसके बाद उसने रिक्षा को विठ्ठलवाडी बस डिपो के पास छोड़ दिया और फरार हो गया।

    पुलिस की कार्रवाई: सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान
    रिक्षा चालक की शिकायत के बाद, कोळसेवाडी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी। पुलिस को सूचना मिली कि चोरी हुई रिक्षा विठ्ठलवाडी बस डिपो के पास खड़ी है। जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रिक्षा बरामद की, तो उन्होंने आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की। पुलिस कर्मचारी रोहित बुधवंत ने सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे व्यक्ति को पहचानते हुए आरोपी प्रांजल बर्वे को गिरफ्तार कर लिया।

    आरोपी का कबूलनामा और पुलिस जांच जारी
    पूछताछ में, आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया और अब वह अपने किए पर पछता रहा है। पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि आरोपी पर क्या कार्रवाई की जाएगी।

  • कल्याण में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई अधर में: भ्रष्टाचार और राजनीतिक दबाव के आरोप

    कल्याण: कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे ने एक पत्रकार परिषद में दावा किया कि नगरपालिका अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर कुछ खास व्यक्तियों को बचाने में संलिप्त हैं।

    सागर नगर में अवैध निर्माणों का मामला
    दुबे ने सागर नगर परिसर का हवाला देते हुए कहा कि सागर दशरथ पावशे की तीन मंजिला और पुंडलिक तथा यशवंत पावशे की चार मंजिला इमारतें बिना किसी अधिकृत अनुमति के बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि इन अवैध निर्माणों के खिलाफ कोळसेवाडी पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन और नगररचना अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

    कागजी खानापूरी और भ्रष्टाचार के आरोप
    हालांकि, इन मामलों में कार्रवाई के नाम पर अब तक केवल कागजी खानापूरी ही हुई है। दुबे ने आरोप लगाया कि पिछले एक साल से सहायक आयुक्त और उपायुक्त इस मुद्दे को अनदेखा कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा दिए गए बयानों—जैसे “पहले पुलिस इमारत खाली कराए” या “ऊपरी दबाव है”—यह स्पष्ट संकेत देते हैं कि कहीं न कहीं कार्रवाई में भ्रष्टाचार और राजनीतिक दबाव आड़े आ रहा है।

    प्रशासन से पारदर्शिता की मांग
    नागरिकों ने यह जानने की इच्छा जताई है कि आखिर वह ‘ऊपरी दबाव’ कौन है, जो अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई में रुकावट डाल रहा है। अंकुश दुबे ने प्रशासन से अनुरोध किया कि वे ऐसे मामलों में पारदर्शिता बनाए रखें और जनता को सच्चाई से अवगत कराएं।

    सहायक आयुक्त का बयान
    इस मामले में सहायक आयुक्त उमेश यमगर ने कहा, “दुबे जी की शिकायत पिछले दो साल से प्रलंबित है। हमने संबंधित इमारतों की बिजली और पानी काटने का आदेश दिया है। जैसे ही पुलिस सुरक्षा मिलेगी, हम कार्रवाई करेंगे।”

    आखिरकार, नागरिकों का विश्वास दांव पर
    दुबे ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाता, तो यह नागरिकों के विश्वास पर गंभीर आघात होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर इस मामले में कोई अनहोनी होती है, तो उसके जिम्मेदार वे लोग होंगे जिन्होंने कानून को ताक पर रखकर अवैध निर्माणों को बढ़ावा दिया है।

  • Appeal to electricity customers to pay additional security deposit: बिजली ग्राहकों से अतिरिक्त सुरक्षा जमा राशि भरने की अपील

    कल्याण/वसई/पालघर: महावितरण ने कल्याण परिमंडल क्षेत्र के बिजली ग्राहकों से अपील की है कि वे अपने अप्रैल या मई माह के बिजली बिल के साथ अतिरिक्त सुरक्षा जमा राशि भरें। इसके लिए उपभोक्ताओं को एक अलग बिल प्रदान किया जा रहा है, जिसमें राशि की जानकारी और भुगतान की प्रक्रिया दी गई है। उपभोक्ताओं को यह राशि छह समान मासिक किश्तों में अदा करने की सुविधा भी प्रदान की गई है।

    सुरक्षा जमा राशि की पुनर्गणना
    महाराष्ट्र राज्य विद्युत नियामक आयोग की विद्युत आपूर्ति संहिता 2021 के विनियमन 13.1 के अनुसार, बिजली ग्राहकों से सुरक्षा राशि ली जाती है, जो हर वर्ष उपभोक्ताओं के पिछले वित्तीय वर्ष के औसत बिजली उपयोग के आधार पर पुनर्गणना की जाती है। मासिक बिल वाले उपभोक्ताओं के लिए यह राशि औसत बिल की दो गुना और तिमाही बिल वाले उपभोक्ताओं के लिए डेढ़ गुना तक हो सकती है।

    सुरक्षा राशि पर ब्याज और वापसी
    विनियमन 13.11 के अनुसार, जमा की गई सुरक्षा राशि पर रिजर्व बैंक के दर के अनुसार ब्याज भी दिया जाता है, जिसे बाद में बिजली बिल में समायोजित कर उपभोक्ताओं को लौटाया जाता है।

    ऑनलाइन भुगतान की सुविधा
    महावितरण ने www.mahadiscom.in वेबसाइट और महावितरण मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे अतिरिक्त सुरक्षा जमा राशि समय पर भरकर सहयोग प्रदान करें, जिससे बिजली आपूर्ति में कोई बाधा न आए और महावितरण की सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहें।

  • Smuggling Racket Busted: 13 लाख की चरस के साथ एक गिरफ्तार, पुलिस की सटीक कार्रवाई से भिवंडी में नशा तस्करी का भंडाफोड़

    भिवंडी | भिवंडी शहर में चरस और गांजा जैसे नशीले पदार्थों की चोरी-छिपे हो रही बिक्री ने स्थानीय युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। इन अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए ठाणे पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे और सह पुलिस आयुक्त डॉ. ज्ञानेश्वर चव्हाण के मार्गदर्शन में पुलिस तंत्र सक्रिय हो चुका है। भिवंडी अपराध शाखा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जनार्दन सोनावणे को सूचना मिली कि निजामपुरा के 32 क्वार्टर, राशनिंग ऑफिस के पास एक व्यक्ति चरस बेचने आने वाला है। इस सूचना के आधार पर उन्होंने एक विशेष पुलिस दल के साथ इलाके में जाल बिछाया और मेहबूब उर्फ पप्पू अब्दुलहक खान (उम्र 55, निवासी आंबेडकर चाल, टिटवाला) को रंगेहाथ पकड़ लिया। पुलिस ने उसके पास से 435 ग्राम चरस जब्त की है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 13 लाख 5 हजार रुपये आंकी गई है।

    पुलिस की विशेष टीम की कार्रवाई
    इस कार्रवाई का नेतृत्व डीसीपी अमरसिंह जाधव और एसीपी शेखर बागडे के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें सपोनि धनराज केदार, पोउनि रविंद्र पाटिल, सुधाकर चौधरी, पोहवा निलेश बोरसे, सुनील सालुंखे, वामन भोईर, साबिर शेख, सचिन जाधव, रंगनाथ पाटिल, सुदेश घाग, माया डोंगरे, उमेश ठाकुर, रविंद्र सालुंखे जैसे कई अधिकारी शामिल थे। इस मामले में निजामपुरा पुलिस स्टेशन में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक रविंद्र पाटिल द्वारा की जा रही है।

  • Illegal Water Connection: अनधिकृत नल कनेक्शन से पानी बेचने वाले के खिलाफ मामला दर्ज

    भिवंडी | शहर में भीषण जल संकट के बीच, अवैध नल कनेक्शन के कारण कई इलाकों में पानी की अनियमित आपूर्ति की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए महानगरपालिका आयुक्त अनमोल सागर ने जल आपूर्ति विभाग को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इन निर्देशों के तहत जल आपूर्ति विभाग के फ्लाइंग स्क्वाड प्रमुख विराज भोईर के नेतृत्व में एक बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा अनधिकृत नल कनेक्शन के माध्यम से पानी चुराकर बेचने का मामला उजागर हुआ है। कामतघर के फेणे गांव रोड इलाके में रहने वाला दीपक टाकुडके नामक व्यक्ति नगर निगम की मुख्य जल आपूर्ति लाइन में बिना अनुमति छेद करके एक अवैध नल कनेक्शन स्थापित किया था। इस कनेक्शन से वह 5,000 लीटर क्षमता के टैंक में पानी जमा करता था और पास की चॉल में अवैध रूप से पानी बेचता था।

    40,000 रुपये का नुकसान
    इस गैरकानूनी गतिविधि से जल लाइन को नुकसान पहुंचा और नगर निगम को लगभग ₹40,000 का आर्थिक नुकसान हुआ है। इस मामले में भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ जल चोरी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में अब कोई रियायत नहीं बरती जाएगी और जल चोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • Maharashtra Ratna Award: डॉ. पारसनाथ तिवारी को “महाराष्ट्र रत्न पुरस्कार” से सम्मानित किया जाएगा

    पुणे: सामाजिक, शिक्षा, संस्कृति, धर्म और राजनीति जैसे विविध क्षेत्रों में निरंतर कार्यरत एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. पारसनाथ तिवारी को इस वर्ष “महाराष्ट्र रत्न पुरस्कार” से सम्मानित किया जाएगा।

    यह पुरस्कार सांस्था अखिल भारतीय द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान महासम्मेलन के दौरान प्रदान किया जाएगा, जो 20 अप्रैल 2025, रविवार को पिंपरी चिंचवड के प्रतिष्ठित आचार्य अत्रे रंगमंदिर में संपन्न होगा। देशभर से कई गणमान्य अतिथि और विशिष्ट जन इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

    डॉ. तिवारी ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए जो कार्य किए हैं, वे प्रेरणास्रोत माने जाते हैं। उनके कार्यों में शिक्षा का प्रसार, सांस्कृतिक जागरूकता, सामाजिक समरसता और जनसेवा को प्राथमिकता दी गई है। यही कारण है कि उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जा रहा है।

    आयोजन समिति का कहना है कि यह सम्मान देशभर के उन विभूतियों को समर्पित है जो अपने क्षेत्र में विशेष पहचान बनाकर समाज के लिए कार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में अन्य विभूतियों को भी सम्मानित किया जाएगा और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी आकर्षण का केंद्र होंगी।

  • विले पार्ले में जैन मंदिर ध्वस्तीकरण का विरोध:राजनीतिक दलों की आई प्रतिक्रियाएँ और जैन समाज ने दर्ज कराया विरोध Protest against demolition of Jain temple in Vile Parle

    
    
    
    
    

    मुंबई: विले पार्ले (पूर्व) में 90 साल पुराने श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 16 अप्रैल 2025 को ध्वस्त कर दिया। BMC ने इसे अवैध निर्माण बताते हुए कार्रवाई की, लेकिन जैन समुदाय और कई राजनीतिक दलों ने इसकी कड़ी निंदा की है। इस घटना ने धार्मिक और राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है, जिसमें विभिन्न दलों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं। नीचे ताज़ा अपडेट और सभी संबंधित जानकारी दी गई है:
    मंदिर ध्वस्तीकरण का विवरण
    स्थान और तारीख: विले पार्ले (पूर्व) में नेमिनाथ कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर को 16 अप्रैल 2025 को BMC ने बुलडोजर से ध्वस्त किया।

    BMC का दावा: BMC ने मंदिर को अवैध निर्माण बताते हुए कहा कि यह एक मनोरंजन मैदान (RG) के लिए आरक्षित भूखंड पर था। BMC ने दावा किया कि मंदिर को हटाने से पहले कई नोटिस जारी किए गए थे।

    जैन समुदाय का आरोप: मंदिर के ट्रस्टी अनिल शाह और जैन समुदाय ने आरोप लगाया कि BMC ने जल्दबाजी में कार्रवाई की, जबकि मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में विचाराधीन था। समुदाय ने यह भी दावा किया कि ध्वस्तीकरण के दौरान पवित्र मूर्तियों, ग्रंथों और धार्मिक वस्तुओं का अपमान किया गया।

    कोर्ट की स्थिति: मंदिर के प्रबंधन ने BMC के नोटिस के खिलाफ सिटी सिविल कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे 8 अप्रैल को खारिज कर दिया गया। हालांकि, कोर्ट ने हाईकोर्ट में अपील के लिए मौखिक स्थगन आदेश दिया था। जैन समुदाय का दावा है कि BMC ने इस आदेश की अनदेखी की। बॉम्बे हाईकोर्ट ने अब आगे की ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी है।

    जैन समुदाय का विरोध प्रदर्शन: 19 अप्रैल 2025 को विले पार्ले (पूर्व) में हजारों जैन समुदाय के सदस्यों ने विशाल विरोध रैली निकाली।

    मांगें: समुदाय ने मांग की है कि मंदिर को उसी स्थान पर पुनर्निर्माण किया जाए और ध्वस्तीकरण में शामिल BMC अधिकारियों को निलंबित किया जाए।

    नेतृत्व: दिगंबर जैन ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हापावत के नेतृत्व में सात सदस्यीय समिति इस मामले को आगे बढ़ा रही है।

    राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएँ

    भारतीय जनता पार्टी (BJP):
    BJP के वरिष्ठ नेता और कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, जो जैन समुदाय से हैं, ने विरोध रैली में हिस्सा लिया और मंदिर को 10 दिनों के भीतर उसी स्थान पर पुनर्निर्माण का आश्वासन दिया।

    विले पार्ले के BJP विधायक पराग अलवानी और घाटकोपर के विधायक पराग शाह ने भी प्रदर्शन में भाग लिया और BMC की कार्रवाई की निंदा की।

    हालांकि, कुछ X पोस्ट और विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि BJP के दबाव में ही BMC ने यह कार्रवाई की, जिसे BJP ने खारिज किया है।

    समाजवादी पार्टी (SP):
    SP अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंदिर ध्वस्तीकरण की निंदा करते हुए BJP पर जैन समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे BJP शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों पर हमले का हिस्सा बताया।

    यादव ने कहा कि जैन समुदाय संख्यात्मक रूप से छोटा हो सकता है, लेकिन यह उनके PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) गठबंधन का हिस्सा है। उन्होंने BJP पर जैन संपत्तियों को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया।

    कांग्रेस:

    सांसद वर्षा गायकवाड़ ने विरोध रैली में हिस्सा लिया और जैन समुदाय के साथ एकजुटता व्यक्त की। कांग्रेस ने इस मुद्दे को धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ के रूप में उठाया और BMC की कार्रवाई को गैर-कानूनी बताया।

    विश्व हिंदू परिषद (VHP):
    VHP ने भी जैन समुदाय के साथ एकजुटता दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग की।

    अन्यों की प्रतिक्रिया
    >कुछ स्थानीय नेताओं और संगठनों ने आरोप लगाया कि ध्वस्तीकरण एक स्थानीय होटल व्यवसायी के दबाव में किया गया, जिसे मंदिर की जगह होटल बनाने की योजना थी।

    > X कई यूजर्स ने BJP पर धार्मिक विवाद को भड़काने का आरोप लगाया, जबकि कुछ ने इसे BMC की प्रशासनिक विफलता बताया।

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंदिर के शेष हिस्से के ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी है। जैन समुदाय ने मांग की है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस दोषी BMC अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें। BJP नेता मंगल प्रभात लोढ़ा ने मंदिर पुनर्निर्माण का वादा किया है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे चुनावी स्टंट करार दिया है।

    BMC अधिकारी नवनाथ गाडगे पर कार्रवाई की मांग तेज हो रही है। जैन समुदाय का आरोप है कि BMC ने कोर्ट के मौखिक स्थगन आदेश की अनदेखी कर ध्वस्तीकरण किया, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कदम है। विपक्षी दल इसे BJP की अल्पसंख्यक-विरोधी नीति का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि BJP ने मंदिर पुनर्निर्माण का वादा कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की है। X पर मिली प्रतिक्रियाएँ दर्शाती हैं कि जनता इस मुद्दे को धार्मिक और प्रशासनिक दोनों नजरिए से देख रही है।

  • क्या महाराष्ट्र की राजनीति में होगा ‘ठाकरे मिलन’? राज ठाकरे ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ, बोले – अब निजी लड़ाइयों से ऊपर उठने का वक्त है

    Raj Thackeray extended the hand of friendship

    अश्विनी कुमार दुबे। राष्ट्रीय स्वाभिमान
    मुंबई | महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर करवट लेने को तैयार दिख रही है। शिवसेना से अलग होकर अपनी राह चुनने वाले राज ठाकरे ने अब उद्धव ठाकरे के साथ संभावित एकता की बड़ी झलक दे दी है। राज ठाकरे ने कहा है कि “हमारे मतभेद, झगड़े और वैचारिक टकराव अपनी जगह हैं, लेकिन महाराष्ट्र के हित के सामने यह सब बौना है।”

    यह बयान उन्होंने फिल्म निर्माता महेश मांजरेकर के यूट्यूब चैनल पर दिए इंटरव्यू के दौरान दिया, जिसमें महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीति, शिवसेना से रिश्ता और भाजपा के साथ संभावित समीकरणों पर खुलकर चर्चा हुई।

    “साथ आना मुश्किल नहीं, बस इच्छाशक्ति होनी चाहिए”: राज ठाकरे
    राज ठाकरे ने संकेत दिया कि अगर राज्य का हित सर्वोपरि हो, तो पुराने विवादों को भुलाकर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि एक साथ आना और एक साथ रहना कोई कठिन बात है। ये निजी इच्छा या राजनीतिक स्वार्थ का मामला नहीं है — सवाल सिर्फ इच्छाशक्ति का है।” उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी मराठी समर्थक ताकतें एकजुट होकर एक मंच पर आएं। उनका इशारा साफ था — क्षेत्रीय अस्मिता को बचाने के लिए राजनीतिक पार्टियों को अपने मतभेद भुलाकर साथ आना चाहिए।

    उधर, उद्धव ठाकरे ने भी नरम रुख दिखाते हुए कहा कि “मेरी तरफ से कभी कोई झगड़ा नहीं था”, जिससे इस संभावित मेल की अटकलों को और बल मिला है। राज ठाकरे ने एकनाथ शिंदे और भाजपा से जुड़े सवालों पर भी खुलकर राय रखी। उन्होंने आगे कहा कि जब उन्होंने शिवसेना छोड़ी थी, तो कई विधायक और सांसद उनके संपर्क में आए थे, लेकिन उन्होंने कभी किसी के अधीन काम करने का विचार नहीं किया। बालासाहेब को छोड़ने का मतलब था स्वतंत्र राह अपनाना। इसलिए मैंने किसी दूसरी पार्टी में विलय नहीं किया।

    भाजपा के साथ संभावित गठबंधन पर उन्होंने कहा कि, “मेरी विचारधारा भाजपा से मेल नहीं खाती। लेकिन राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता। मैं जो भी करूंगा, महाराष्ट्र और मराठी मानुस के हित में करूंगा।”

    क्या ठाकरे बंधुओं की एकता से बदलेगा महाराष्ट्र का राजनीतिक संतुलन?
    विश्लेषकों का मानना है कि अगर उद्धव और राज ठाकरे एक साथ आते हैं, तो यह महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है। एक ओर जहां शिवसेना (उद्धव गुट) को अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़नी पड़ रही है, वहीं मनसे को भी राजनीतिक मुख्यधारा में वापसी की तलाश है। ऐसे में अगर दोनों ‘ठाकरे’ एकजुट होते हैं, तो यह न सिर्फ मराठी अस्मिता की राजनीति को मजबूती देगा, बल्कि महा विकास आघाड़ी (MVA) के समीकरणों को भी नया जीवन दे सकता है।

  • पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद का भिवंडी में प्रदर्शन

    भिवंडी | पश्चिम बंगाल में पिछले कई वर्षों से हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से भिवंडी में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह आंदोलन बजरंग दल के कोंकण प्रांत मंत्री संदीप भगत के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।प्रदर्शनकारियों ने भिवंडी प्रांत कार्यालय के सामने धरना देकर केंद्र सरकार से पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। साथ ही, वहां हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचारों को तुरंत रोकने की भी अपील की गई।इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाज़ी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो बजरंग दल उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस प्रदर्शन में वैभव महाडिक, दादा गोसावी सहित कई अन्य स्थानीय कार्यकर्ता भी सक्रिय रूप से शामिल रहे।

    मुख्य मांगें:

    >पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए
    >हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचारों पर तत्काल रोक लगे
    >दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए”
    यह आंदोलन सरकार और प्रशासन को एक कड़ा संदेश देता है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका विरोध पूरे देशभर में फैल सकता है।

  • “Promotion Scam in Navi Mumbai Municipal Corporation”नवी मुंबई महापालिका में पदोन्नति घोटाला: “पैसे दो, पद पाओ” का नया फॉर्मूला उजागर

    14 जूनियर इंजीनियरों से करोड़ों की वसूली का आरोप, व्हाट्सऐप चैट ने खोली पोल, एंटी करप्शन ब्यूरो से जांच की मांग तेज़

    ज्योति दुबे | राष्ट्रीय स्वाभिमान
    नवी मुंबई। नवी मुंबई महापालिका में भ्रष्टाचार का एक और चौंकाने वाला चेहरा सामने आया है। इस बार मामला सिर्फ फाइलों में दबे भ्रष्टाचार का नहीं है—बल्कि यह खुलासा एक ऐसे व्हाट्सऐप चैट से हुआ है जिसने पूरे सिस्टम की सच्चाई सामने रख दी है।

    आरोप है कि 14 कनिष्ठ अभियंताओं (जूनियर इंजीनियरों) को पदोन्नति दिलवाने के नाम पर करोड़ों रुपये की उगाही की गई। ये आरोप केवल हवा में नहीं हैं, बल्कि व्हाट्सऐप चैट में स्पष्ट शब्दों में लिखा गया है:

    “काम हो गया है, सभी लोग पैसे दें। पैसे प्रशासन विभाग में देने हैं।” इस एक लाइन ने महापालिका के प्रशासनिक तंत्र की सड़ांध को उजागर कर दिया है।

    प्रशासन विभाग के अधिकारी निशाने पर
    विश्वस्त सूत्रों की मानें तो इस घोटाले में प्रशासन विभाग के दो अधिकारियों और एक वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। पदोन्नति की प्रक्रिया को कथित रूप से “बिकाऊ” बना दिया गया — जहां योग्यताओं से अधिक बोली की कीमत मायने रखती है।

    आंतरिक जांच और फॉरेंसिक एग्ज़ामिनेशन की तैयारी
    महापालिका सूत्रों के अनुसार इस घोटाले की आंतरिक जांच जल्द शुरू हो सकती है और व्हाट्सऐप चैट की फॉरेंसिक जांच भी करवाई जाएगी ताकि इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की पुष्टि हो सके।

    अब निगाहें महापालिका आयुक्त पर
    सवाल यह है कि क्या महापालिका आयुक्त इस पूरे मामले में निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई करेंगे? या फिर यह मामला भी बाकी घोटालों की तरह “फाइलों में दफन” कर दिया जाएगा?

    प्रशासनिक तंत्र पर उठते सवाल
    नवी मुंबई महापालिका जैसी संस्था, जो करोड़ों के बजट और हजारों नागरिकों की ज़िम्मेदारी उठाती है, यदि इसी तरह अंदर से सड़ चुकी है, तो आम नागरिक किससे न्याय की उम्मीद करें?

    क्या सरकारी पदोन्नति अब एक व्यापार बन चुका है? क्या यह प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बनती कि वह पारदर्शिता सुनिश्चित करे और दोषियों को बिना देरी सजा दिलवाए?

    राष्ट्रीय स्वाभिमान की यह रिपोर्ट प्रशासन से मांग करती है कि

    >तुरंत प्रभाव से आरोपी अधिकारियों को निलंबित किया जाए।

    >सीबीआई या एंटी करप्शन ब्यूरो जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए।

    >जांच पूरी होने तक सभी संबंधित प्रमोशनों को स्थगित किया जाए।

    “अगर न्याय प्रणाली भ्रष्टाचार के आगे घुटने टेक दे, तो लोकतंत्र की आत्मा मर जाती है।”