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  • वाशी-सानपाड़ा में अवैध खुदाई पर बवाल: MSEDCL अधिकारियों पर FIR की मांग, करोड़ों की संपत्ति नुकसान का आरोप

    वाशी-सानपाड़ा में अवैध खुदाई पर बवाल: MSEDCL अधिकारियों पर FIR की मांग, करोड़ों की संपत्ति नुकसान का आरोप

    नवी मुंबई: वाशी और सानपाड़ा इलाके में बिना अनुमति किए जा रहे खुदाई कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नवी मुंबई के उपमहापौर दशरथ भगत ने महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने गुरुवार को महापालिका आयुक्त को विस्तृत लिखित शिकायत सौंपी।


    बिना अनुमति खुदाई से सड़क और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान

    शिकायत के अनुसार, वाशी के सेक्टर 30, 31, 31A और सानपाड़ा के सेक्टर 1 तथा 13 से 20 के बीच महापालिका की सड़कों, फुटपाथ और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर बार-बार बिना अनुमति खुदाई की जा रही है। इस अवैध कार्य से न केवल बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि शहर के विकास कार्यों में भी लगातार बाधा उत्पन्न हो रही है।

    भगत ने आरोप लगाया कि यह काम पूरी तरह नियमों के विरुद्ध हो रहा है, जिससे परियोजनाओं की गति धीमी पड़ रही है और उनके गुणवत्ता व सौंदर्य पर भी असर पड़ रहा है।


    केबल मैप और समन्वय की कमी से बढ़ी परेशानी

    मामले में यह भी सामने आया है कि संबंधित विभाग के पास भूमिगत केबल्स का सटीक नक्शा और समन्वय की कमी है। इसके कारण खुदाई के दौरान केबल्स को नुकसान पहुंचता है, जिससे बार-बार मरम्मत की नौबत आती है।

    केबल्स को समय पर शिफ्ट न करने और योजना में खामियों के चलते महापालिका के काम प्रभावित हो रहे हैं। भगत के अनुसार, इस लापरवाही के कारण महापालिका को सैकड़ों करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।


    धूल प्रदूषण और नागरिकों के स्वास्थ्य पर असर

    अनियमित खुदाई के चलते सड़कों पर धूल का गुबार उठ रहा है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। इसका सीधा असर स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

    इसके अलावा, बिजली आपूर्ति से जुड़ी महापालिका की आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है, जिससे शहरी और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।


    FIR, नुकसान की भरपाई और रिपोर्ट की मांग

    उपमहापौर दशरथ भगत ने मांग की है कि:

    • संबंधित अधिकारियों के खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज किया जाए
    • हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई वसूली जाए
    • क्षतिग्रस्त संपत्तियों को तत्काल पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए
    • पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर महासभा में पेश की जाए

    कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा राजनीतिक मुद्दा

    भगत ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, तो इसे महापालिका सभागृह में ‘लक्षवेधी’ के जरिए उठाया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर राज्य स्तर पर भी इस मुद्दे को आगे बढ़ाया जाएगा।

  • बैंकॉक–म्यांमार ट्रेनिंग के बाद मुंबई में करोड़ों की ठगी! नवी मुंबई साइबर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया

    बैंकॉक–म्यांमार ट्रेनिंग के बाद मुंबई में करोड़ों की ठगी! नवी मुंबई साइबर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया

    नवी मुंबई | शेयर मार्केट और IPO में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। साइबर पुलिस की कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।

    कैसे हुआ पूरा मामला?

    गिरोह ने एक प्लेसमेंट और इंटर्नशिप कंपनी के मालिक को शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच दिया। अलग-अलग बहानों से उससे कुल ₹2,09,30,537 की रकम ठग ली गई। जब लंबे समय तक कोई रिटर्न नहीं मिला, तो पीड़ित ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    जांच में क्या सामने आया?

    जांच के दौरान पुलिस को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक संदिग्ध खाते की जानकारी मिली, जो आर्शिल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर नवी मुंबई में खोला गया था। टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर पुलिस ने तुर्भे इलाके से सुशील भगवान जुवाटकर को हिरासत में लिया।

    पूछताछ में उसने खुलासा किया कि यह खाता उसने अपने साथियों पंकज कपूर और निश्चल बरेयली के कहने पर खोला था।

    बैंकॉक–म्यांमार में लिया था ट्रेनिंग

    तफ्तीश में यह भी सामने आया कि पंकज कपूर और निश्चल बरेयली पहले बैंकॉक और म्यांमार के कुख्यात साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर्स में काम कर चुके हैं। वहां से ट्रेनिंग लेकर वे नवी मुंबई में नया कॉल सेंटर शुरू करने की तैयारी में थे।

    पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?

    पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन,2 लैपटॉप,3 पासपोर्ट,3 POS मशीन,24 बैंक अकाउंट खोलने के किट,12 नकली मुहरें, 2 हार्ड डिस्क भारी मात्रा में सामान जब्त किया है:

    पुलिस की बड़ी कामयाबी

    पुलिस ने इस केस में तीनों आरोपियों सुशील जुवाटकर, पंकज कपूर और निश्चल बरेयली को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, तत्पर कार्रवाई करते हुए पीड़ित के ₹62 लाख अलग-अलग बैंक खातों में फ्रीज (होल्ड) करने में सफलता हासिल की गई है। आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक प्रकाश कातकाडे और उनकी टीम कर रही है।

  • Narhari Zirwal:नरहरि ज़िरवाल वायरल वीडियो मामले में पहली कार्रवाई,ट्रांसजेंडर के भाई के खिलाफ केस दर्ज

    Narhari Zirwal:नरहरि ज़िरवाल वायरल वीडियो मामले में पहली कार्रवाई,ट्रांसजेंडर के भाई के खिलाफ केस दर्ज

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    नौकरी की मांग और वीडियो वायरल

    मुंबई: राज्य के मंत्री नरहरि ज़िरवाल का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में बड़ी हलचल मच गई। इस संबंध में अब मुंबई के कफ परेड पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है, और ट्रांसजेंडर की शिकायत पर कफ परेड पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।

    मिली जानकारी के अनुसार, कफ परेड पुलिस स्टेशन में ट्रांसजेंडर के भाई के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। FIR में आरोप है कि उसने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) में नौकरी की मांग की और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। खास बात यह है कि यह भी दावा किया गया है कि यह वीडियो अपने असली रूप में नहीं है, बल्कि इसे ‘एडिट’ या छेड़छाड़ करके वायरल किया गया है।

    कफ परेड पुलिस ने इंडियन पीनल कोड (IPC) के सेक्शन 79 और 351(1) के साथ-साथ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट (IT Act) के तहत केस दर्ज किया है। इन सेक्शन के मुताबिक, किसी की प्राइवेसी का उल्लंघन करना, बदनाम करने वाला कंटेंट फैलाना और धमकी देना जैसे क्राइम शामिल हैं। अब कफ परेड पुलिस इस केस की जांच कर रही है।

    ज़िरवाल का वीडियो वायरल
    मंत्री नरहरि ज़िरवाल का एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति के साथ एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विपक्ष ने वायरल वीडियो को लेकर मंत्री ज़िरवाल के इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, मंत्री नरहरि ज़िरवाल ने आरोप लगाया है कि वायरल वीडियो दो या तीन वीडियो को मिलाकर बनाया गया है। इसलिए, नरहरि ज़िरवाल का ट्रांसजेंडर व्यक्ति के साथ वीडियो असली है या नकली, इस बारे में ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया कि अगर नरहरि ज़िरवाल का वीडियो सच निकला तो एक्शन लिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के मंत्री नरहरि ज़िरवाल के बारे में वायरल हो रहे कथित वीडियो पर सफाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज़िरवाल ने दावा किया है कि वायरल वीडियो दो या तीन वीडियो को मिलाकर बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि वीडियो को वेरिफाई किया जाएगा, इसकी असलियत चेक की जाएगी और फिर कोई फैसला लिया जाएगा। NCP नेता और राज्य के मंत्री नरहरि ज़िरवाल का एक कथित वीडियो वायरल हो रहा है। ज़िरवाल से इससे इस्तीफा देने की मांग की जा रही है। पता चला है कि NCP के अंदर एक ग्रुप ने ऐसी मांग की है। यह भी पता चला है कि शिवसेना नेताओं ने ज़िरवाल के इस्तीफे की मांग की है।

  • घुमाने के बहाने लेजाकर पत्नी की हत्या ,पति ने कबूला जुर्म

    घुमाने के बहाने लेजाकर पत्नी की हत्या ,पति ने कबूला जुर्म

    महाराष्ट्र के Virar इलाके से एक बेहद सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक युवक ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी, और इस वारदात में उसका एक दोस्त भी शामिल था।

    यह मामला तब उजागर हुआ जब Vajreshwari के पास शिरवली गांव के एक सुनसान खेत में एक महिला का सड़ा-गला शव मिला। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना पुलिस के लिए मुश्किल हो गया। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी विश्लेषण के जरिए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।

    पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मृतका की पहचान 22 वर्षीय मधुबाला उर्फ प्रियाकुमारी यादव के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, उसके पति रोशन यादव (26) ने अपने दोस्त भानुप्रताप यादव (30) के साथ मिलकर उसकी हत्या की।

    बताया जा रहा है कि रोशन को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था, जिसके चलते दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। 19 मार्च को वह पत्नी को घुमाने के बहाने Vajreshwari के एक सुनसान इलाके में ले गया, जहां उस पर धारदार हथियार से हमला किया। हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए उसने पत्थर से उसका चेहरा भी कुचल दिया।

    वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी शव को मौके पर छोड़कर फरार हो गए थे। हालांकि, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

    इस घटना से इलाके में भारी आक्रोश है और स्थानीय लोग आरोपियों के लिए सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

  • महिला को पुलिस वाला बताकर धमकाया, 2 महिलाओं समेत 5 गिरफ्तार

    महिला को पुलिस वाला बताकर धमकाया, 2 महिलाओं समेत 5 गिरफ्तार

    मुंबई |  एक हाउसवाइफ को पुलिसवाला बताकर धमकाकर 2 लाख रुपये ठगने की घटना हुई है। डर दिखाकर ऑनलाइन दो लाख रुपये ऐंठ लिए गए। आरे पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने 2 महिलाओं समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    ड्रग्स और प्रॉस्टिट्यूशन के झूठे जुर्म में फंसाने का डर दिखाकर पैसे ऐंठे गए। लिंक भेजकर पैसे का लेन-देन करने के लिए मजबूर किया गया। पुलिस टेक्निकल जांच के जरिए आरोपियों का पता लगाने में सफल रही है। इंडियन पीनल कोड की धारा 308, 318, 319, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। शक है कि कुछ और महिलाओं के साथ भी ठगी हुई है। आरे पुलिस आगे की जांच कर रही है और और भी खुलासे होने की संभावना है। मीरा भयंदर में बिज़नेस लोन देने वाले को फंसाकर लूटा गया
    एक चौंकाने वाली घटना हुई है जिसमें ठाणे के एक 40 साल के आदमी को फंसाकर पीटा गया ताकि उससे पैसे वसूले जा सकें। यह घटना मीरा-भायंदर के मीरा रोड इलाके में हुई। उसे लोन लेने के बहाने जाल में फंसाकर पीटा गया और रंगदारी वसूली गई। इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है और तीन फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

    मिली जानकारी के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति बिज़नेस लोन देने का काम करता है और ‘टिंडर’ ऐप के ज़रिए एक महिला से मिला था। महिला ने संबंधित व्यक्ति को मीरा रोड के रामदेव पार्क इलाके में यह कहकर बुलाया कि उसे बिज़नेस लोन की ज़रूरत है और उसे डॉक्यूमेंट्स लेने के लिए मिलने के लिए कहा। जैसा प्लान था, जब संबंधित व्यक्ति उस जगह पर पहुंचा, तो महिला उसे एक घर में ले गई। वहां पहले से इंतज़ार कर रहे तीन लोगों ने उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने उसे पीटा और 1.5 लाख रुपये मांगे और उसे धमकाकर 45 हज़ार रुपये वसूल लिए और भाग गए।

    इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, सिटी पुलिस ने टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर संबंधित महिला का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 309, 127, 102, 115(2), 351(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। इस बीच, पुलिस इस साजिश में शामिल बाकी तीन आरोपियों की तलाश कर रही है और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा, पुलिस ने बताया है।

  • ATM फ्रॉड मुंबई: ओडिशा से मुंबई फ्लाइट से आया आदमी, ATM से पैसे निकालने वाले सीनियर सिटिजन को ठगा, पुलिस ने किया मज़ाक

    ATM फ्रॉड मुंबई: ओडिशा से मुंबई फ्लाइट से आया आदमी, ATM से पैसे निकालने वाले सीनियर सिटिजन को ठगा, पुलिस ने किया मज़ाक

    मुंबई: शहर में सीनियर सिटिज़न को टारगेट करके ATM कार्ड बदलकर उनसे ठगी करने वाले आरोपियों के खिलाफ डिंडोशी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और उसके पास से कई ATM कार्ड और कैश बरामद किया गया है। आरोपी ओडिशा से प्लेन से मुंबई आता था और ATM मशीन से पैसे निकालने वाले बुजुर्गों को बातों में उलझाकर उनके कार्ड बदलकर ठगता था।

    ATM फ्रॉड मोडस ऑपरेंडी : फ्रॉड का तरीका
    आरोपी ने मलाड ईस्ट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ATM से पैसे निकालने गए एक सीनियर सिटिज़न की मदद करने के बहाने कार्ड बदल लिया और उनसे करीब 40,000 रुपये ठग लिए।

    पुलिस जांच : पुलिस कार्रवाई
    इस घटना के बाद डिंडोशी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। सड़क के 60 से 70 CCTV फुटेज और टेक्निकल जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी का पता लगाया। इसके बाद आरोपी को नायगांव ईस्ट इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।

    आरोपी की जानकारी: आरोपी की जानकारी
    गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम संभव कुमार कृष्णचंद्र आचार्य (उम्र 35) है। पुलिस ने उसके पास से चोरी का कैश, अलग-अलग बैंकों के 25 ATM कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

    मुंबई साइबर क्राइम: और भी क्राइम होने की संभावना
    बताया गया है कि इस आरोपी के खिलाफ मुंबई के अलग-अलग पुलिस थानों में ऐसे ही क्राइम दर्ज हैं। पता चला है कि वह सीनियर सिटिजन की मदद करने के बहाने ATM कार्ड बदलता है।

    डिंडोशी पुलिस जांच कर रही है कि क्या इस मामले में आरोपी के और भी साथी हैं और मुंबई में और कितनी जगहों पर ठगी की है।

  • मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर के तौर पर अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म, शहर को मिलेगी पहली महिला कमिश्नर

    मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर के तौर पर अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म, शहर को मिलेगी पहली महिला कमिश्नर

    मुंबई: राज्य का ध्यान खींच रहे मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर पद के लिए नाम कन्फर्म होने की बात सामने आई है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की खास और मेट्रो वुमन के नाम से मशहूर अश्विनी भिड़े का नाम मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर पद के लिए कन्फर्म हो गया है। अश्विनी भिड़े अभी मुख्यमंत्री की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रही हैं और पता चला है कि मंगलवार को उनके नाम का ऐलान किया जाएगा। मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर भूषण गगरानी 31 मार्च को रिटायर होने वाले हैं। पता चला है कि अब उनकी जगह अश्विनी भिड़े को अपॉइंट किया जाएगा। अश्विनी भिड़े 1995 बैच की IAS ऑफिसर हैं और पहले भी कई अहम पदों पर काम कर चुकी हैं। सोमवार शाम को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे के बीच एक मीटिंग हुई। इस मीटिंग में दो नाम चर्चा में थे, जिसमें असीम गुप्ता और अश्विनी भिड़े पर चर्चा हुई। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि आखिरकार अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म हो गया। अश्विनी भिड़े मुंबई मेट्रो काम: एकनाथ शिंदे के साथ एक घंटे तक चर्चा शुरुआत में ऐसी चर्चा थी कि राज्य के उपमुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने अश्विनी भिड़े के नाम का विरोध किया था। हालांकि, सोमवार रात को अश्विनी भिड़े ने एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। बताया गया है कि दोनों के बीच करीब एक घंटे तक चर्चा हुई। इसके बाद चर्चा है कि अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म हो गया। अश्विनी भिड़े मुख्यमंत्री के पक्ष में अधिकारी हैं और उन्होंने मुंबई मेट्रो और कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के निर्माण में महत्वपूर्ण काम किया है। अश्विनी भिड़े के साथ मिलिंद म्हैसकर, असीम गुप्ता, संजय मुखर्जी भी मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर के पद के लिए चर्चा में थे। हालांकि, खबर है कि इन तीनों अधिकारियों की वरिष्ठता को नजरअंदाज करके अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म किया गया। अश्विनी भिड़े को कमिश्नर के तौर पर पूरे तीन साल का समय मिलेगा। चर्चा है कि मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में महिलाएं ही राज करेंगी क्योंकि मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की मेयर एक महिला हैं और साथ ही कमिश्नर के तौर पर भी एक महिला को ही अपॉइंट किया जाएगा। पिछले कुछ समय से मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के एडमिनिस्ट्रेशन में लगातार करप्शन हो रहा है। उस बैकग्राउंड में, कमिश्नर की ज़िम्मेदारी अश्विनी भिड़े के पास आने से उनके सामने म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन की इमेज सुधारने की एक बड़ी चुनौती होगी।

  • झोपड़पट्टी मुक्त होगा मुंबई , एकनाथ शिंदे का प्लान

    झोपड़पट्टी मुक्त होगा मुंबई , एकनाथ शिंदे का प्लान

    मुंबई|मुंबई को झोपड़पट्टी-मुक्त बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा और व्यापक अभियान शुरू करने का फैसला किया है। उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने ‘हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे शहरी जनकल्याण अभियान’ की घोषणा की है, जिसे Balasaheb Thackeray की जन्मशताब्दी के अवसर पर शुरू किया जा रहा है।

    इस योजना का उद्देश्य पुराने झोपड़पट्टी क्षेत्रों का तेज़ी से पुनर्विकास करना और नई झोपड़ियों के निर्माण पर सख्ती से रोक लगाना है।

    बड़े पैमाने पर पुनर्विकास

    सरकार ने समूह पुनर्विकास मॉडल को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके तहत ऐसे इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां कम से कम 50 एकड़ क्षेत्र में 51% से अधिक झोपड़पट्टियां मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में निजी, सरकारी और अर्ध-सरकारी जमीनों पर बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।

    योजना के तहत पहले विस्तृत सर्वे, बायोमेट्रिक डेटा संग्रह और क्षेत्र का सटीक मापन किया जाएगा। इसके बाद Brihanmumbai Municipal Corporation और Mumbai Metropolitan Region Development Authority जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर काम आगे बढ़ाया जाएगा।

    बेहतर घरों का वादा

    झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों को इस योजना से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पहले जहां 180 से 269 वर्गफुट तक के फ्लैट दिए जाते थे, अब सरकार 300 वर्गफुट के घर देने की तैयारी कर रही है। साथ ही पुराने प्रोजेक्ट्स को नए मानकों के अनुसार अपग्रेड भी किया जाएगा।

    ‘नेत्रम’ तकनीक से निगरानी

    नई झोपड़पट्टियों को रोकने के लिए सरकार ‘नेत्रम’ नामक आधुनिक तकनीक का उपयोग करेगी। इसमें सैटेलाइट इमेजरी, जीआईएस और डिजिटल डेटा की मदद से पूरे शहर पर नजर रखी जाएगी। हर चार महीने में उपग्रह से तस्वीरें लेकर यह जांच होगी कि कहीं अवैध निर्माण तो नहीं हो रहा। यदि ऐसा पाया जाता है, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

    मेंटेनेंस शुल्क में बदलाव

    ऊंची इमारतों के निर्माण को देखते हुए मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। प्रस्ताव के अनुसार:

    • 70 मीटर तक की इमारत: ₹1 लाख
    • 70 से 120 मीटर: ₹2 लाख
    • 120 मीटर से अधिक: ₹3 लाख

    इसके लिए विकास नियंत्रण एवं प्रोत्साहन नियम 2034 में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की गई है।

    सरकार का कहना है कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य मुंबई के लाखों लोगों को सुरक्षित, पक्के और बेहतर सुविधाओं वाले घर उपलब्ध कराना है, साथ ही शहर में अवैध बस्तियों के विस्तार को रोकना भी प्राथमिकता है। अगर यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो आने वाले समय में मुंबई का शहरी परिदृश्य काफी बदल सकता है।

  • बड़ी खबर! शिवसेना ठाकरे ग्रुप में बड़ा भूचाल, नेता उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ BJP में शामिल

    बड़ी खबर! शिवसेना ठाकरे ग्रुप में बड़ा भूचाल, नेता उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ BJP में शामिल

    मुंबई | शिवसेना ठाकरे ग्रुप को एक और बड़ा झटका लगा है, उसके नेता शिवसेना ठाकरे ग्रुप के चीफ उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ BJP में शामिल हो गए हैं। महाविकास अघाड़ी ने लोकसभा चुनाव में अच्छी सफलता हासिल की थी, लेकिन फिर महाविकास अघाड़ी विधानसभा चुनाव में इस सफलता को बरकरार नहीं रख पाई, नहीं, महाविकास अघाड़ी को इस चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा, महायुति को इस चुनाव में बड़ी सफलता मिली। इसके बाद से ही शिवसेना ठाकरे ग्रुप में खलबली मची हुई है। कई दिग्गज नेता उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर शिवसेना शिंदे ग्रुप और BJP में शामिल हो गए हैं। इस बीच, उद्धव ठाकरे अभी तक इस खलबली को रोक नहीं पाए हैं। अब एक बार फिर शिवसेना ठाकरे ग्रुप को बड़ा झटका लगा है।

    शिवसेना ठाकरे ग्रुप को डोंबिवली में बड़ा झटका लगा है। शहर प्रमुख प्रकाश तेलगोटे अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ BJP में शामिल हो गए हैं। कल्याण डोंबिवली में मनपा चुनाव के बाद शिवसेना ठाकरे ग्रुप के लिए यह पहला बड़ा झटका माना जा रहा है। शिवसेना ठाकरे ग्रुप के शहर प्रमुख सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा में शामिल हो गए हैं। प्रकाश तेलगोटे ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और भाजपा नगरसेवक दीपेश म्हात्रे की मौजूदगी में भाजपा का दामन थामा। इस बीच जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक प्रकाश तेलगोटे शिवसेना ठाकरे ग्रुप से नाखुश थे और कहा जा रहा है कि पार्टी में सीनियर नेताओं की मनमानी के कारण वे उद्धव ठाकरे को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। मनपा चुनाव में भी एक-दो मनपा को छोड़कर शिवसेना ठाकरे ग्रुप को ज्यादा सफलता नहीं मिली थी। इस चुनाव में भी भाजपा राज्य में नंबर वन पार्टी बनी रही, जबकि शिवसेना शिंदे ग्रुप को भी अच्छी सफलता मिली। उसके बाद एक बार फिर नेता दूसरी पार्टियों में शामिल होते दिख रहे हैं। पार्टी में इस लीकेज को रोकने की बड़ी चुनौती अब उद्धव ठाकरे के सामने होगी।

  • IPL 2026: मुंबई इंडियंस का 14 साल का वनवास खत्म, पहले मैच में शानदार जीत

    IPL 2026: मुंबई इंडियंस का 14 साल का वनवास खत्म, पहले मैच में शानदार जीत

    मुंबई इंडियंस ने IPL 2026 टूर्नामेंट में जीत के साथ शुरुआत की है। पिछले कुछ सालों से लगा बुरा दाग आखिरकार मिट गया है। मुंबई इंडियंस 2013 से 2025 तक IPL में अपना पहला मैच हारती रही थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।
    मुंबई इंडियंस का पहले मैच में हार का 14 साल का वनवास आखिरकार खत्म हो गया है। मुंबई इंडियंस ने पहले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स को 6 विकेट से हरा दिया। कोलकाता नाइट राइडर्स ने जीत के लिए 221 रन का टारगेट दिया था। नमन धीर ने आखिरी ओवर की पहली बॉल पर चौका लगाया और मुंबई इंडियंस जीत गई। मुंबई इंडियंस ने IPL टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार 221 रन का टारगेट सफलतापूर्वक चेज किया है।