Category: Maharashtra

  • A Caste-free Society:अहिल्यानगर के सौंदाला गांव का ‘जातिमुक्ति’ मॉडल पूरे महाराष्ट्र में लागू होना चाहिए, ताकि समाज में एकता, समानता और बंधुत्व को मजबूती मिले:हर्षवर्धन सपकाल

    A Caste-free Society:अहिल्यानगर के सौंदाला गांव का ‘जातिमुक्ति’ मॉडल पूरे महाराष्ट्र में लागू होना चाहिए, ताकि समाज में एकता, समानता और बंधुत्व को मजबूती मिले:हर्षवर्धन सपकाल

    मुंबई: भेदभाव और नफरत के बढ़ते माहौल के बीच अहिल्यानगर ज़िले के नेवासा तालुका स्थित सौंदाला गाँव ने ग्रामसभा में जातमुक्ति (A caste-free society) का प्रस्ताव पारित कर एक नई सामाजिक मिसाल पेश की है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल (Harshvardhan sapkal) ने गाँव का दौरा कर ग्रामवासियों को बधाई दी और कहा कि सौंदाला का यह विचार पूरे राज्य में फैलना चाहिए।

    ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए सपकाल ने कहा कि आज देश और दुनिया में जानबूझकर भेदभाव, डर और नफरत का वातावरण बनाया जा रहा है। जाति और धर्म की दीवारें खड़ी कर समाज में प्रेम और अपनापन कम किया जा रहा है। ऐसे समय में सौंदाला गाँव ने जातमुक्ति का प्रस्ताव पारित कर ‘डरो मत’ का संदेश दिया है, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है।

    उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन संभव है, लेकिन जाति की पहचान से व्यक्ति को जीवनभर जूझना पड़ता है। स्कूल में प्रवेश से लेकर विवाह और सामाजिक व्यवहार तक जाति की दीवारें मजबूत होती जा रही हैं। बीड ज़िले में संतोष देशमुख की हत्या के बाद सामाजिक वातावरण और अधिक तनावपूर्ण हुआ है। अपनी ही जाति की दुकान से सामान खरीदने या अपने ही समुदाय के लोगों को प्राथमिकता देने जैसी प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं, जो समाज को विभाजित करती हैं।

    सपकाल ने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने सद्भावना पदयात्रा निकालकर समाज के सभी वर्गों को साथ लाने का प्रयास किया है। उनका कहना था कि सौंदाला गाँव ने एकता, समानता और बंधुत्व का संदेश देकर सामाजिक समरसता की दिशा में ठोस कदम उठाया है।

    इस अवसर पर उन्होंने गाडगे महाराज की जयंती का भी उल्लेख किया और कहा कि गाडगे बाबा ने स्वच्छता, अंधश्रद्धा उन्मूलन और सामाजिक न्याय का संदेश दिया था। सौंदाला का निर्णय उनके विचारों से पूरी तरह मेल खाता है और प्रदूषित होते सामाजिक वातावरण में यह मानो शुद्धिकरण का कार्य है।

    दौरे के दौरान सौंदाला के सरपंच शरद आरगडे, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन जोशी, महासचिव प्रभावतीताई घोगरे, अहिल्यानगर जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सचिन गुजर, उपाध्यक्ष ज्ञानेश्वर मुरकुटे, अभिजीत लुनिया, जिला महासचिव रंजन जाधव, नेवासा तालुका अध्यक्ष नानासाहेब पठारे, महिला जिला अध्यक्ष लताताई डांगे, शिर्डी शहर अध्यक्ष सचिन चौगुले, पाथर्डी तालुका अध्यक्ष नासिर शेख सहित अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

  • Bank Fraud: नवी मुंबई में 6.90 करोड़ की SBI बैंक से धोखाधड़ी, फर्जी सरकारी दस्तावेजों से 51 लोगों ने लिया लोन

    Bank Fraud: नवी मुंबई में 6.90 करोड़ की SBI बैंक से धोखाधड़ी, फर्जी सरकारी दस्तावेजों से 51 लोगों ने लिया लोन

    नवी मुंबई। सीबीडी बेलापुर स्थित State Bank of India की शाखा में सरकारी कंपनियों के फर्जी पहचान पत्र और वेतन प्रमाणपत्र के आधार पर 51 लोगों द्वारा करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी(Bank Fraud) किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

    जांच में इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे येमनाथ नाइक राठोड़, सद्दाम अली शेख और उन्हें काम सौंपने वाले राजू नायके का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि येमनाथ राठोड़ Central Reserve Police Force (सीआरपीएफ) में कार्यरत है और वह सीआरपीएफ कर्मियों की व्यक्तिगत ऋण फाइलें एसबीआई में मंजूरी के लिए ले जाता था। इसी दौरान उसकी बैंक अधिकारियों से पहचान हो गई, जिसका उसने दुरुपयोग किया।

    आरोप है कि अक्टूबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच राठोड़ ने 51 व्यक्तियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से 6.90 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत ऋण मंजूर करा लिया। लोन स्वीकृत होने के बाद आरोपियों ने कुछ महीनों तक किस्तें भरकर बैंक का विश्वास भी जीत लिया, लेकिन बाद में खातों में वेतन आना बंद हो गया और खाते एनपीए की स्थिति में पहुंचने लगे। इसी के बाद बैंक को शक हुआ।

    जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने लोन लेने के लिए GAIL, Bharat Heavy Electricals Limited (भेल), Steel Authority of India Limited (सेल), Oil and Natural Gas Corporation (ओएनजीसी), Indian Oil Corporation (आईओसीएल), Hindustan Aeronautics Limited, Bharat Sanchar Nigam Limited (बीएसएनएल) और National Highways Authority of India (एनएचएआई) जैसी नामी सरकारी कंपनियों के फर्जी पहचान पत्र और वेतन प्रमाणपत्र तैयार किए थे।

    जब बैंक ने संबंधित कंपनियों के मुंबई और हैदराबाद कार्यालयों से संपर्क कर सत्यापन किया तो पता चला कि जिन 51 लोगों के नाम पर लोन लिया गया, वे इनमें से किसी भी कंपनी में कार्यरत नहीं हैं। इसके बाद पूरे घोटाले का खुलासा हुआ।

    फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों की भूमिका तथा बैंक की आंतरिक प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।

  • Maharashtra Vidhan Sabha Session: अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, आर्थिक विरासत और बजट पर रखी स्पष्ट राय

    Maharashtra Vidhan Sabha Session: अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, आर्थिक विरासत और बजट पर रखी स्पष्ट राय

    मुंबई। राज्य के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर सरकार की ओर से पारंपरिक चाय बैठक का आयोजन किया गया। इससे पहले राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde और उपमुख्यमंत्री Sunetra Pawar की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। दिवंगत उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar के निधन के बाद सुनेत्रा पवार पहली बार मीडिया के सामने आईं और उन्होंने सरकार की भूमिका विस्तार से रखी।

    सुनेत्रा पवार ने कहा कि बजट सत्र से पहले चाय बैठक आयोजित करना पुरानी परंपरा है, जो केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि संवाद का मंच होता है। इस मंच के माध्यम से राज्य के विकास, जनता के मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि यह महायुति सरकार का दूसरा बजट सत्र है और जनता ने जो विश्वास दोबारा सरकार पर जताया है, उस पर खरा उतरने का प्रयास किया जा रहा है।

    उन्होंने दिवंगत अजित पवार के आर्थिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 11 बार राज्य का बजट पेश किया। उनका पहला बजट वर्ष 2011 में 1,44,783 करोड़ रुपये का था, जबकि पिछले वर्ष उनके कार्यकाल का अंतिम बजट 7,20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। सुनेत्रा पवार ने कहा कि यह वृद्धि केवल आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के सर्वांगीण विकास का संकेत है। उन्होंने बताया कि विकास की गति बनाए रखते हुए अजित पवार ने कभी भी आर्थिक अनुशासन से समझौता नहीं किया।

    उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सहयोग से अजित पवार की बजट प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। इस वर्ष का बजट उनका 12वां बजट होता, लेकिन उनके आकस्मिक निधन से यह संभव नहीं हो सका। हालांकि, उन्होंने बजट की तैयारी अंतिम चरण तक पहुंचा दी थी।

    सुनेत्रा पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है और इसी दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार का बजट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पेश करेंगे और यह राज्य के हर वर्ग को न्याय देने वाला होगा।

    लाडकी बहन योजना को लेकर उठी आलोचनाओं का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उचित आर्थिक नियोजन के कारण इस योजना के लिए कभी धन की कमी नहीं होने दी गई। अपने पहले विधिमंडल सत्र को लेकर उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सदन की कार्यवाही सकारात्मक और सुचारु रूप से चलेगी।

  • MH Budget Session:बजट सत्र के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, शिंदे ने सौंपे अपने अहम विभाग

    MH Budget Session:बजट सत्र के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, शिंदे ने सौंपे अपने अहम विभाग

    मुंबई। एकनाथ शिंदे Eknath Shinde ने विधानसभा के बजट सत्र(Budget Session) के दौरान अपने पास मौजूद महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी अस्थायी तौर पर शिवसेना के अन्य मंत्रियों को सौंप दी है। इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर Rahul Narwekar को पत्र लिखकर औपचारिक जानकारी दी है।

    किसे मिला कौन-सा विभाग?

    जारी पत्र के अनुसार —

    • दादा भुसे Dada Bhuse को सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का कार्यभार दिया गया है।
    • उदय सामंत Uday Samant को नगर विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
    • शंभूराज देसाई Shambhuraj Desai को गृह निर्माण विभाग का प्रभार दिया गया है।

    यह व्यवस्था फिलहाल विधानमंडल के बजट सत्र की अवधि तक प्रभावी रहेगी।

    क्यों उठाया गया यह कदम?

    बजट सत्र के दौरान विधानसभा और विधान परिषद — दोनों सदनों में एक साथ विभिन्न विभागों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। ऐसे में जवाब देने में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए, इसे ध्यान में रखते हुए यह अस्थायी निर्णय लिया गया है। अब संबंधित विभागों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर वही मंत्री देंगे जिन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    बजट सत्र की शुरुआत

    राज्यपाल आचार्य देवव्रत Acharya Devvrat के अभिभाषण के साथ सोमवार को राज्य विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत हुई। सत्र के पहले दिन उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का परिचय कराया गया, जबकि दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार Ajit Pawar को श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक प्रस्ताव पारित किया गया।

    हाल ही में संपन्न स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव परिणाम और अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद हो रहा यह पहला सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

  • Shivaji Maharaj Jayanti: शिवनेरी किला पर शिवजयंती के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, बड़ा हादसा टला

    Shivaji Maharaj Jayanti: शिवनेरी किला पर शिवजयंती के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, बड़ा हादसा टला

    छत्रपति शिवाजी महाराज ( shivaji Maharaj Jayanti) के जन्मस्थान शिवनेरी किले पर शिवजयंती के पावन अवसर पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। भारी जनसैलाब और संकरे रास्तों के कारण किला परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हो गए। प्रशासन की ढीली व्यवस्थाओं और पर्याप्त पुलिस बल की कमी को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    महाराष्ट्र के पुणे जिले के जुन्नर तालुका में स्थित इस ऐतिहासिक किले पर इस वर्ष शिवजयंती के मौके पर राज्य के विभिन्न हिस्सों से हजारों की संख्या में शिवभक्त पहुंचे थे। रात से ही शिवज्योत लेकर आए युवा, विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और दर्शनार्थी किले में एकत्र होने लगे थे। सुबह होते-होते किला परिसर खचाखच भर गया और आवाजाही अनियंत्रित होने लगी।

    संकरे रास्ते बने मुख्य कारण

    हादसे की मुख्य वजह किले के तंग और घुमावदार रास्ते रहे। अंबरखाना के नीचे स्थित हाथी दरवाजा क्षेत्र और गणेश दरवाजा जैसे संकरे मार्गों पर अचानक भीड़ का अत्यधिक दबाव बन गया। पहले से सीमित चौड़ाई वाले इन रास्तों पर जब एक साथ बड़ी संख्या में लोग आगे बढ़ने लगे तो हालात बेकाबू हो गए और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

    महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित

    धक्का-मुक्की के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और छोटे बच्चों को झेलनी पड़ी। अफरा-तफरी में कुछ महिलाएं और बच्चे नीचे गिर पड़े, जिससे कई लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल जुन्नर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

    प्रशासन की तैयारियों पर उठे सवाल

    इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था। भीड़ प्रबंधन के लिए स्पष्ट एंट्री-एग्जिट प्लान, बैरिकेडिंग और चरणबद्ध प्रवेश व्यवस्था का अभाव साफ दिखाई दिया।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष शिवजयंती पर भारी भीड़ उमड़ती है, इसके बावजूद इस बार भीड़ नियंत्रण के लिए ठोस और प्रभावी योजना नहीं बनाई गई। अब मांग उठ रही है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए अग्रिम पंजीकरण, सीमित प्रवेश, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन चिकित्सा दल की स्थायी तैनाती जैसे कदम उठाए जाएं, ताकि आस्था के इस महापर्व पर किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो।

  • Vijay Mallya Case:भारत वापसी पर असमर्थ विजय माल्या, बॉम्बे हाई कोर्ट में बताया कारण

    Vijay Mallya Case:भारत वापसी पर असमर्थ विजय माल्या, बॉम्बे हाई कोर्ट में बताया कारण

    भगोड़े कारोबारी Vijay Mallya ने भारत लौटने को लेकर असमर्थता जताई है। बुधवार को Bombay High Court में सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि वह यह नहीं बता सकते कि वह भारत कब लौट पाएंगे।

    मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश आलोक आराधे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ कर रही है। पिछली सुनवाई में अदालत ने माल्या से पूछा था कि क्या उनका भारत लौटने का इरादा है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि उनकी अनुपस्थिति में याचिकाओं पर सुनवाई करना मुश्किल होगा।

    माल्या ने क्या कहा?

    माल्या की ओर से वरिष्ठ वकील अमित देसाई ने अदालत में उनका बयान पढ़ा। बयान में कहा गया कि उनका भारतीय पासपोर्ट 2016 में रद्द कर दिया गया था। साथ ही, यूनाइटेड किंगडम की अदालतों के आदेशों के कारण वह ब्रिटेन से बाहर यात्रा नहीं कर सकते।

    दलील दी गई कि उन्हें किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज के लिए आवेदन करने या उसे रखने की अनुमति नहीं है। ऐसे में वह यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि भारत कब लौट सकेंगे।

    माल्या मार्च 2016 से ब्रिटेन में रह रहे हैं।

    किन याचिकाओं पर चल रही है सुनवाई?

    माल्या ने हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की हैं—

    1. उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के आदेश को चुनौती।
    2. भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती।

    बचाव पक्ष का कहना है कि आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के लिए उनका भारत में मौजूद होना जरूरी नहीं है।

    क्या हैं आरोप?

    70 वर्षीय माल्या पर बैंकों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज की अदायगी में चूक और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। जनवरी 2019 में एक विशेष अदालत ने उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था।

    हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को माल्या के बयान पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अगले महीने होगी।

  • INDIA गठबंधन में बढ़ती खींचतान, Sanjay Raut ने उठाए नेता बदलने की मांग

    INDIA गठबंधन में बढ़ती खींचतान, Sanjay Raut ने उठाए नेता बदलने की मांग

    नई दिल्ली/मुंबई – लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 सीटों पर रोकने के बाद उत्साहित दिखा विपक्षी INDIA गठबंधन अब अंदरूनी मतभेदों से जूझता नजर आ रहा है। हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में चुनावी हार के बाद गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं।

    महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने गठबंधन की सक्रियता पर खुलकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि INDIA अलायंस केवल लोकसभा चुनाव के आसपास ही सक्रिय होता है, जबकि अन्य समय दलों के बीच संवाद तक नहीं होता।

    राउत ने कहा, “सिर्फ संसद में हंगामा करने से कुछ नहीं होगा। विपक्षी नेताओं को बोलने तक नहीं दिया जाता। ऐसे में गठबंधन को हर समय सक्रिय रहना चाहिए, चाहे चुनाव हों या न हों।”

    उन्होंने किसान आंदोलन, कानून-व्यवस्था और मणिपुर जैसे मुद्दों पर संयुक्त रणनीति बनाने की जरूरत बताई। साथ ही यह भी कहा कि यदि गठबंधन केवल संसद तक सीमित रहेगा तो असर नहीं पड़ेगा।

    नेतृत्व को लेकर भी चर्चा

    नेतृत्व परिवर्तन के सवाल पर राउत ने कहा कि अलग-अलग दलों की अलग राय हो सकती है। किसी का मत हो सकता है कि Mamata Banerjee या M. K. Stalin नेतृत्व करें, लेकिन इस पर फैसला गठबंधन की बैठक में ही होना चाहिए।

    उन्होंने यह भी दोहराया कि सभी दल चाहते हैं कि गठबंधन लगातार सक्रिय रहे और समन्वित प्रयास करे।

    🗳️ आगे की चुनावी चुनौती

    इस वर्ष चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव प्रस्तावित हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल और असम जैसे अहम राज्य शामिल हैं। चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों का ऐलान कर सकता है। ऐसे में INDIA गठबंधन की रणनीति और एकजुटता पर सभी की नजरें टिकी हैं।

  • Congress: प्रदेश कांग्रेस ने विमुक्त जाति व भटक्या जमाती विभाग की कमान एडवोकेट पल्लवी रेंके को सौंपी

    Congress: प्रदेश कांग्रेस ने विमुक्त जाति व भटक्या जमाती विभाग की कमान एडवोकेट पल्लवी रेंके को सौंपी

    मुंबई: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस(Maharashtra Pradesh Congress Committee) कमेटी के अंतर्गत संचालित ‘विमुक्त जाति व भटक्या जमाती सेल’ का रूपांतरण अब ‘विमुक्त जाति व भटक्या जमाती विभाग’ के रूप में किया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ के आदेश पर एडवोकेट पल्लवी रेंके को इस नवगठित विभाग का प्रमुख नियुक्त किया गया है।

    कांग्रेस ने बताया कि महाराष्ट्र में विमुक्त जातियों और भटक्या जमातियों की आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का कम से कम 11 प्रतिशत है। सामाजिक न्याय की स्थापना के उद्देश्य से कांग्रेस ने राज्य निर्माण के समय से ही इन समुदायों को शिक्षा और रोजगार में आरक्षण का समर्थन किया है।

    प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि कडकलक्ष्मी, वैदू, गोंधळी, जोशी, वासुदेव, बहुरूपी, भराडी, डोंबारी, टकारी, रामोशी, लमाण सहित लगभग 40 से अधिक ऐसी जनजातियां आज भी अपनी पारंपरिक भटकंती और व्यवसाय के कारण संगठित नहीं हो पाई हैं और विकास की मुख्यधारा से दूर हैं। इन्हीं बिखरे और वंचित समुदायों को संगठित करने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने विमुक्त जाति व भटक्या जमाती विभाग को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि इस वर्ग को न्याय दिलाने और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कांग्रेस पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।

  • One of the busiest bridges in the city, Dadar’s Tilak Bridge, will be closed in Mumbai: मुंबई के तिलक ब्रिज पर तीन महीने के लिए भारी गाड़ियों पर बैन, ट्रैफिक जाम से राहत के लिए कदम

    One of the busiest bridges in the city, Dadar’s Tilak Bridge, will be closed in Mumbai: मुंबई के तिलक ब्रिज पर तीन महीने के लिए भारी गाड़ियों पर बैन, ट्रैफिक जाम से राहत के लिए कदम

    मुंबई(Mumbai): देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक ट्रैफिक जाम की समस्या है, और इसे लेकर जल्द ही कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा। शहर के सबसे व्यस्त पुलों में से एक दादर का तिलक ब्रिज अब भारी वाहनों के लिए तीन महीने (12 फरवरी से 12 मई, 2026) के लिए बंद रहेगा।

    क्यों लिया गया निर्णय:
    मुंबई में सायन ब्रिज और एलफिंस्टन ब्रिज के निर्माण कार्यों के चलते शहर में लगातार ट्रैफिक जाम लग रहा है। इन पुलों पर काम के कारण ठाणे और नवी मुंबई से आने वाले वाहन धारावी और तिलक ब्रिज की तरफ मोड़ दिए जा रहे हैं, जिससे दादर और माटुंगा इलाके में भीड़ और जाम बढ़ गया है।

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक मिक्सर, डंपर, ट्रेलर और अन्य भारी वाहनों के लिए तिलक ब्रिज पर यात्रा पर रोक रहेगी। इस फैसले का उद्देश्य इमरजेंसी वाहनों के लिए रास्ता साफ रखना और ट्रैफिक की स्थिति में सुधार लाना है।

    भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग:

    • ईस्टर्न सबर्ब्स और नवी मुंबई से आने वाली गाड़ियां तिलक ब्रिज के बजाय सायन हॉस्पिटल जंक्शन से दाएं मुड़ेंगी, फिर वे सुलोचना शेट्टी मार्ग, कुंभारवाड़ा जंक्शन, कटारिया मार्ग, शोभा होटल, सावरकर रोड, चैत्यभूमि, सिद्धिविनायक मंदिर और अप्पासाहेब मराठे चौक होते हुए अपने गंतव्य पर पहुंचेंगी।
    • दक्षिणी दिशा में परेल और लालबाग के लिए दादर TT ब्रॉडवे जंक्शन से हिंदमाता ब्रिज, परेल वर्कशॉप, लालबाग ब्रिज, भारतमाता सिग्नल से गरम खाड़ा सिग्नल तक दाएं मुड़कर चिंचपोकली ब्रिज का रास्ता लिया जा सकता है।
    • डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर रोड से उत्तर की ओर जाने वाले ट्रैफिक के लिए भी वैकल्पिक मार्ग बनाए गए हैं।
    • सेना भवन से आने वाले वाहन सेना भवन, एल. जे. रोड, शोभा होटल, कटारिया रोड, कुंभारवाड़ा जंक्शन और सुलोचना शेट्टी मार्ग का उपयोग करेंगे।

    उल्लेखनीय है कि गुरुवार को मुंबई जिला की डीपीडीसी बैठक में, जिसकी अध्यक्षता डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने की, भी शहर में ट्रैफिक जाम की स्थिति और इसके समाधान के उपायों पर चर्चा हुई।

  • Bhajan Sandhya: बोरीवली में 3 मार्च को होगा भव्य ‘भजन जामिंग’ कार्यक्रमराधे माँ रहेंगी प्रमुख आकर्षण

    Bhajan Sandhya: बोरीवली में 3 मार्च को होगा भव्य ‘भजन जामिंग’ कार्यक्रमराधे माँ रहेंगी प्रमुख आकर्षण

    मुंबई: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के पावन अवसर पर 3 मार्च 2026 को मुंबई के बोरीवली (पूर्व) स्थित देविपाड़ा मैदान में एक भव्य ‘भजन जामिंग’(Bhajan jamming) कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन शाम 4 बजे से प्रारंभ होगा।

    कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण के रूप में राधे माँ की उपस्थिति रहेगी। आयोजन में भक्ति संगीत और भजनों की संगीतमय प्रस्तुति के साथ भक्तिमय माहौल बनाया जाएगा।इस अवसर पर कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी, जिनमें मनोज तिवारी , शेखर जायसवाल और प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति रस में डूबने का विशेष अवसर होगा।

    कार्यक्रम का आयोजन देविपाड़ा मैदान, देविपाड़ा मेट्रो स्टेशन के सामने, बोरीवली (पूर्व), मुंबई – 400066 में किया जाएगा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।पास एवं अन्य जानकारी के लिए सेवादार टल्ली बाबा से मो. 98209 69020 पर संपर्क कर सकते हैं।