Category: Travel

And then there is the most dangerous risk of all — the risk of spending your life not doing what you want on the bet you can buy yourself the freedom to do it later.

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    नवी मुंबई

    इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Tesla ने नवी मुंबई के Nexus Seawoods Mall में अपना पहला इन-मॉल चार्जिंग स्टेशन लॉन्च कर दिया है। यह कदम भारत में कंपनी के तेजी से बढ़ते चार्जिंग नेटवर्क का हिस्सा है, जिससे इलेक्ट्रिक कार मालिकों को और अधिक सुविधा मिलेगी।

    इस नए चार्जिंग स्टेशन में कुल 8 चार्जर लगाए गए हैं, जिनमें

    • 4 V4 सुपरचार्जर (DC) शामिल हैं, जो 250 kW तक की स्पीड से चार्जिंग करते हैं
    • 4 डेस्टिनेशन चार्जर (AC) हैं, जो 11 kW की क्षमता प्रदान करते हैं

    यह सुविधा मॉल के B1 पार्किंग एरिया में उपलब्ध है, जहां ग्राहक शॉपिंग करते हुए आसानी से अपनी गाड़ी चार्ज कर सकते हैं।


    15 मिनट में 275 किमी की रेंज – लंबी यात्रा अब आसान

    Tesla के सुपरचार्जर की मदद से Tesla Model Y केवल 15 मिनट में लगभग 275 किलोमीटर तक की रेंज हासिल कर सकती है। इसका मतलब है कि नवी मुंबई से पुणे तक का सफर अब बिना किसी चिंता के किया जा सकता है।

    कंपनी का “Plug In, Charge and Go” सिस्टम बेहद आसान है और इसका अपटाइम 99.95% बताया गया है, जिससे यूजर्स को बिना रुकावट चार्जिंग अनुभव मिलता है।


    Tesla ऐप से पूरी प्रक्रिया कंट्रोल

    Tesla के मोबाइल ऐप के जरिए यूजर्स:

    • नजदीकी चार्जिंग स्टेशन ढूंढ सकते हैं
    • बैटरी प्री-कंडीशन कर सकते हैं
    • चार्जिंग स्टेटस मॉनिटर कर सकते हैं
    • पेमेंट और नोटिफिकेशन प्राप्त कर सकते हैं

    यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल और बेहद सहज बनाई गई है।


    भारत में Tesla का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा

    इस नए स्टेशन के साथ अब Tesla भारत में:

    • 4 चार्जिंग स्टेशन
    • 20 सुपरचार्जर
    • 14 डेस्टिनेशन चार्जर संचालित कर रही है

    इससे पहले कंपनी Gurugram, Delhi और Mumbai में अपने स्टेशन शुरू कर चुकी है।


    मॉल में Tesla का पॉप-अप स्टोर भी शुरू

    Nexus Seawoods मॉल में Tesla ने एक पॉप-अप स्टोर भी शुरू किया है, जहां ग्राहक:

    • गाड़ियों को करीब से देख सकते हैं
    • टेस्ट ड्राइव ले सकते हैं
    • नई तकनीक और फीचर्स के बारे में जान सकते हैं

    यह स्टोर ग्राहकों को एक इंटरएक्टिव अनुभव देता है।


    कीमत और विजन

    भारत में Tesla Model Y की शुरुआती कीमत ₹59.89 लाख रखी गई है। साथ ही कंपनी होम चार्जिंग सपोर्ट भी दे रही है, जिससे ग्राहकों को पूरी तरह से सुविधाजनक अनुभव मिल सके।

  • मुंबई लोकल ट्रेनों में 15 कोच, ऑटोमैटिक दरवाज़े और भीड़ नियंत्रण की मांग को लेकर सांसद नरेश म्हस्के और संजय दीना पाटिल ने रेल मंत्री को सौंपा ज्ञापन

    मुंबई लोकल ट्रेनों में 15 कोच, ऑटोमैटिक दरवाज़े और भीड़ नियंत्रण की मांग को लेकर सांसद नरेश म्हस्के और संजय दीना पाटिल ने रेल मंत्री को सौंपा ज्ञापन

    मुंबई-ठाणे (संवाददाता): मुंबई उपनगरीय रेलवे सेवाओं में बढ़ती भीड़ और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सांसद Naresh Mhaske ने केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw के समक्ष महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने सभी लोकल ट्रेनों को जल्द से जल्द 15-कोच में बदलने, ट्रेनों में ऑटोमैटिक डोर क्लोजिंग सिस्टम अनिवार्य करने और स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन के लिए अलग कंट्रोल रूम स्थापित करने का सुझाव दिया।यह मुद्दे दिल्ली में संसद भवन में आयोजित सेंट्रल रेलवे एडवाइजरी कमेटी की बैठक में उठाए गए, जिसकी अध्यक्षता Ashwini Vaishnaw ने की। इस बैठक में महाराष्ट्र से सांसद Naresh Mhaske और Sanjay Dina Patil सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

    बैठक में रेलवे की सुरक्षा, भर्ती, नीतियों और विकास कार्यों पर चर्चा हुई। इस दौरान Naresh Mhaske ने मुंबई लोकल ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ के कारण यात्रियों की जान को हो रहे खतरे की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि 12-कोच ट्रेनों में क्षमता से चार गुना अधिक यात्री सफर करने को मजबूर हैं, जिससे ट्रेन से गिरकर मौत, गंभीर चोट और स्थायी विकलांगता के मामले सामने आते हैं।सांसद ने सुझाव दिया कि 15-कोच ट्रेनों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए, सभी ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाज़े लगाए जाएं और प्लेटफॉर्म की ऊंचाई व चौड़ाई बढ़ाने के कार्य को तेज किया जाए। इसके अलावा, स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग कंट्रोल रूम स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।

    बैठक में Naresh Mhaske ने ठाणे लोकसभा क्षेत्र की अन्य समस्याएं भी उठाईं। उन्होंने बताया कि CIDCO और रेलवे के बीच समन्वय की कमी के कारण बेलापुर क्षेत्र में रेलवे स्टेशनों का विकास कार्य अटका हुआ है। इस पर Ashwini Vaishnaw ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे अब बेलापुर के स्टेशनों के विकास को मंजूरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

    इस अवसर पर सांसदों ने ठाणे, मीरा-भायंदर, वाशी और मुंबई महानगर क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों से जुड़ी समस्याओं को लेकर रेल मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा।

  • सेंट्रल रेलवे के मुख्य विद्युत वितरण इंजीनियर आर.के. चौबे को CBI ने 5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा !

    सेंट्रल रेलवे के मुख्य विद्युत वितरण इंजीनियर आर.के. चौबे को CBI ने 5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा !

    सुजीत मिश्र

    मुंबई: सेंट्रल रेलवे मुख्यालय CSMT में तैनात मुख्य विद्युत वितरण इंजीनियर (CEDE) आर.के. चौबे को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कथित रूप से ₹5 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 9 मार्च 2026 को दोपहर करीब 2 बजे एक ट्रैप ऑपरेशन के दौरान की गई।


    सूत्रों के अनुसार, एक ठेकेदार ने CBI से शिकायत की थी कि रेलवे से जुड़े काम के बदले अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत की जाँच के बाद CBI ने पूरी योजना बनाकर जाल बिछाया।
    बताया जाता है कि तय योजना के तहत जैसे ही आरोपी अधिकारी ने ₹5 लाख की रकम स्वीकार की, पहले से मौजूद CBI टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
    गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी अब इस मामले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जाँच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि जाँच के दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

  • Ola, Uber & Rapido:महाराष्ट्र में ओला, उबर और रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक

    Ola, Uber & Rapido:महाराष्ट्र में ओला, उबर और रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य में Ola, Uber और Rapido की बाइक टैक्सी सेवाओं पर फिलहाल रोक लगा दी है। सरकार ने तीनों कंपनियों के अस्थायी लाइसेंस (Temporary Licenses) तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं।

    सरकार के अनुसार इन कंपनियों को महाराष्ट्र में केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी चलाने की शर्त पर अनुमति दी गई थी, लेकिन आरोप है कि कंपनियों ने इलेक्ट्रिक बाइक के बजाय पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सी संचालित कीं। इसे नियमों का उल्लंघन और सरकार के साथ धोखाधड़ी माना गया है।

    परिवहन विभाग के मुताबिक नियमों का पालन न करने के कारण तीनों कंपनियों के अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं, जिसके चलते फिलहाल राज्य में उनकी बाइक टैक्सी सेवाएं बंद रहेंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी को ही अनुमति दी जाएगी, ताकि सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिल सके।

    बताया गया है कि सरकार ने कंपनियों को जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए पहले एक महीने का समय दिया था, लेकिन तय समय में दस्तावेज जमा नहीं किए गए। इस पर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि कंपनियों को एक और एक महीने की अंतिम मोहलत दी गई है। यदि इस अवधि में भी दस्तावेज जमा नहीं किए गए तो उनके लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए जाएंगे।

    सरकार ने शुरुआत में ईको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से ई-बाइक टैक्सी को अनुमति दी थी। लेकिन कंपनियों द्वारा पेट्रोल बाइक का इस्तेमाल जारी रखने के कारण यह कार्रवाई की गई है।

    नए फैसले के मुताबिक यदि कहीं भी पेट्रोल बाइक टैक्सी चलती हुई पाई गई, तो ड्राइवर और बाइक मालिक दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा और बाइक को भी जप्त किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से मुंबई सहित महाराष्ट्र में गैरकानूनी बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक लगने की संभावना है, हालांकि इससे हजारों ड्राइवरों की आजीविका पर असर पड़ सकता है।

  • Prayas:‘प्रयास’ नुक्कड़ नाटक श्रृंखला से 6 हजार श्रमिकों को दिया गया सुरक्षा का संदेश

    Prayas:‘प्रयास’ नुक्कड़ नाटक श्रृंखला से 6 हजार श्रमिकों को दिया गया सुरक्षा का संदेश

    ठाणे: मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने ‘प्रयास’(Prayas) नामक नुक्कड़ नाटक श्रृंखला का आयोजन किया।

    23 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक चले इस अभियान के दौरान बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के विभिन्न निर्माण स्थलों पर लगभग 6 हजार श्रमिकों को कार्यस्थल सुरक्षा का संदेश दिया गया। कलाकारों ने रोचक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रमिकों को हेलमेट, हार्नेस बेल्ट, सेफ्टी शूज़ और पीपीई किट जैसे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

    यह अभियान कॉरिडोर के 40 निर्माण स्थलों पर चलाया गया, जिनमें गुजरात के 24 और महाराष्ट्र के 16 स्थल शामिल हैं। इन स्थानों में स्टेशन, कास्टिंग यार्ड, सुरंग, डिपो, पुल और वायाडक्ट जैसे निर्माण स्थल शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं।

    नुक्कड़ नाटक के जरिए श्रमिकों को यह संदेश दिया गया कि सुरक्षा नियमों का पालन करें, बिना प्रशिक्षण के काम न करें, शॉर्टकट से बचें और काम शुरू करने से पहले संभावित जोखिमों का आकलन करें।

    पिछले तीन वर्षों से चल रही यह पहल श्रमिकों में सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित कार्य संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

  • Central Railway:मध्य रेल में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया, 36 महिला कर्मचारियों को किया गया सम्मानित

    Central Railway:मध्य रेल में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया, 36 महिला कर्मचारियों को किया गया सम्मानित

    मुंबई: मध्य रेल(Central Railway) में 9 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) में केंद्रीय कर्मचारी कल्याण कोष (CSBF) के तत्वावधान में महिला कर्मचारी उपलब्धि सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

    इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “Give to Gain” रखी गई, जिसका उद्देश्य महिलाओं को अवसर, सम्मान, समानता और सहयोग देकर समाज में प्रगति और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम की शुरुआत मध्य रेल के महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई।

    इस दौरान महाप्रबंधक ने मध्य रेल की विभिन्न इकाइयों और विभागों से चयनित 36 महिला कर्मचारियों को “सशक्त नारी पुरस्कार” देकर सम्मानित किया। इनमें लोको पायलट, इंजीनियर, तकनीशियन, शिक्षिका, वाणिज्य निरीक्षक, आरपीएफ कर्मी, कार्यालय अधीक्षक और अन्य विभागों की कर्मचारी शामिल थीं।

    इनमें से 21 महिला कर्मचारियों को मुख्यालय, मुंबई मंडल और विभिन्न वर्कशॉप से व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया गया। सम्मानित कर्मचारियों में अनुराधा रॉय भी शामिल हैं, जिन्हें 8 मार्च को नई दिल्ली में रेलवे बोर्ड द्वारा “Outstanding Women Award” से भी सम्मानित किया गया था।

    कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण के तहत 8 आश्रित अविवाहित बेटियों को साइकिल और 3 महिला आश्रितों को सिलाई मशीनें भी वितरित की गईं।

    इस मौके पर महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी ने बताया कि मध्य रेल में लगभग 9 हजार महिलाएं विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं और महिला सशक्तिकरण के लिए कई पहलें की जा रही हैं।

    कार्यक्रम में लेखिका और TED एलुमना अनुपमा पांडे ने भी प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में मुंबई मंडल के डीआरएम, वरिष्ठ अधिकारी और रेलवे कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

  • Mumbai Coastal Road:मुंबई कोस्टल रोड की ‘मेलोडी रोड’ पर विवाद, शोर से परेशान ब्रीच कैंडी के निवासी

    Mumbai Coastal Road:मुंबई कोस्टल रोड की ‘मेलोडी रोड’ पर विवाद, शोर से परेशान ब्रीच कैंडी के निवासी

    मुंबई: हाल ही में शुरू की गई कोस्टल रोड की ‘मेलोडी रोड’(Mumbai Coastal Road) अब विवादों में घिरती दिखाई दे रही है। इस सड़क पर लगाए गए विशेष म्यूजिकल पैच के कारण जब वाहन गुजरते हैं तो सड़क से “जय हो” की धुन बजती है। इस अनोखे प्रयोग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था और कई वाहन चालकों को यह अनुभव काफी रोचक भी लगा।

    लेकिन अब समुद्र किनारे बसे पॉश इलाके ब्रीच कैंडी के स्थानीय निवासियों ने इस पहल पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सड़क पर बजने वाली यह धुन लगातार सुनाई देती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को ध्वनि प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस इलाके में प्रसिद्ध ब्रीच कैंडी अस्पताल के साथ-साथ कई उद्योगपतियों और राजनेताओं के आवास भी स्थित हैं।

    एक महीने में ही बढ़ी शिकायतें

    कोस्टल रोड पर ‘मेलोडी रोड’ शुरू हुए अभी करीब एक महीना ही हुआ है, लेकिन इस दौरान ही स्थानीय लोगों की शिकायतें सामने आने लगी हैं। ब्रीच कैंडी एएलएम (एरिया लोकल मैनेजमेंट) और ब्रीच कैंडी रेजिडेंट्स फोरम ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय और मुंबई महानगरपालिका को पत्र लिखकर अपनी नाराज़गी जाहिर की है।

    करीब 650 परिवारों का प्रतिनिधित्व करने वाले इन संगठनों का कहना है कि कोस्टल रोड पर उत्तर दिशा की ओर जाने वाले मार्ग पर बजने वाली यह धुन सीधे रिहायशी इलाकों तक सुनाई देती है। इससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और कई निवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

    सुबह से देर रात तक सुनाई देता है संगीत

    निवासियों के अनुसार यह धुन सुबह लगभग 6 बजे से लेकर आधी रात तक सुनाई देती रहती है। ऐसे में लोगों के लिए खिड़कियां खुली रखना मुश्किल हो जाता है, खासकर बुजुर्गों के लिए यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है।

    पत्र में यह भी कहा गया है कि कोस्टल रोड पर पहले से ही तेज रफ्तार वाहनों के कारण शोर अधिक रहता है और अब इस म्यूजिकल रोड के कारण ध्वनि प्रदूषण और बढ़ गया है।

    सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता

    स्थानीय संगठनों ने यह भी आशंका जताई है कि यह सड़क तेज रफ्तार वाहनों के लिए बनाई गई है, ऐसे में सड़क से निकलने वाला संगीत ड्राइवरों का ध्यान भटका सकता है और इससे सड़क सुरक्षा को खतरा भी पैदा हो सकता है। इसके अलावा इलाके में अस्पताल और स्कूल होने के कारण मरीजों, छात्रों और बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    बीएमसी करेगी डेसिबल स्तर की जांच

    शिकायत मिलने के बाद मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ‘मेलोडी रोड’ से होने वाले शोर की जांच करने का निर्णय लिया है। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार कोस्टल रोड के आसपास की रिहायशी इमारतों में ध्वनि का डेसिबल स्तर मापा जाएगा।

  • Mumbai Rail Neer Contractor :रेल नीर ठेकेदार पर रंगदारी का आरोप: टिळक नगर में कैंटीन संचालक से मांगे 2 लाख, महीनों तक वसूले 30-30 हजार

    Mumbai Rail Neer Contractor :रेल नीर ठेकेदार पर रंगदारी का आरोप: टिळक नगर में कैंटीन संचालक से मांगे 2 लाख, महीनों तक वसूले 30-30 हजार

    टिळक नगर में कैंटीन संचालक से रंगदारी, गैंग बनाकर करता रहा वसूली फिलहाल दो पर मामला दर्ज

    “प्रोटेक्शन मनी” के नाम पर 2 लाख की मांग, महीनों तक वसूले 30-30 हजार रुपये
    शिकायत के बाद कई कंप्लेनर आए सामने

    मुंबई | प्रतिनिधि

    मुंबई के टिळक नगर इलाके में रेल नीर(Rail Neer) ठेकेदारी से जुड़े एक व्यक्ति पर कैंटीन संचालक से रंगदारी मांगने और मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है। टिळक नगर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता शिवप्रकाश रामलखन यादव (37) टिळक नगर रेलवे स्टेशन के पास एक कैंटीन चलाते हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच दो स्थानीय लोगों ने उनसे “प्रोटेक्शन मनी” के नाम पर लगातार पैसों की मांग की और डराकर उनसे रकम वसूली।

    2 लाख रुपये की मांग, हर महीने हफ्ता

    शिकायत के मुताबिक आरोपी सेतुरामानंद पिल्लई उर्फ सेतुभाई और सुभाष कांदर उर्फ सुभाषभाई ने कैंटीन चलाने के बदले पहले 2 लाख रुपये प्रोटेक्शन मनी और हर महीने 40 हजार रुपये देने का दबाव बनाया।

    पीड़ित ने आरोप लगाया कि डर के कारण उसने पहले 1 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और इसके बाद कई महीनों तक हर महीने करीब 30 हजार रुपये आरोपियों को देता रहा।

    पैसे देने से मना करने पर मारपीट

    पीड़ित के अनुसार फरवरी 2026 में जब उसने और पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उसे टिळक नगर इलाके में बुलाकर कथित रूप से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद उसने टिळक नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत के बाद सामने आ रहे अन्य मामले

    सूत्रों के अनुसार शिकायत सामने आने के बाद इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भी शिकायतें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि रेल नीर व्यवसाय में पार्टनर रहे मुकेश मिश्रा के साथ भी आरोपियों द्वारा मारपीट और धोखाधड़ी की घटना हुई थी।

    आरोप है कि प्रोटेक्शन मनी नहीं देने पर दबाव बनाकर उनका धंधा हथिया लिया गया, जिसके बाद मुकेश मिश्रा अपने गांव लौट गए। डर के कारण उन्होंने उस समय पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई।

    इन धाराओं में मामला दर्ज

    टिळक नगर पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 352, 351(3), 308(5), 3(5) और 115(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

    मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक मयूर सुलेपाटिल को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

  • Central Railway: मध्य रेल के मुंबई मंडल में बिना टिकट यात्रा पर सख्ती, 16.16 लाख मामलों से 71.31 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला

    Central Railway: मध्य रेल के मुंबई मंडल में बिना टिकट यात्रा पर सख्ती, 16.16 लाख मामलों से 71.31 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला

    मुंबई: मध्य रेल(Central Railway) के मुंबई मंडल ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा के खिलाफ अभियान तेज करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल 2025 से फरवरी 2026) के दौरान 16.16 लाख मामलों का पता लगाया और यात्रियों से कुल 71.31 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के 15.90 लाख मामलों और 68.56 करोड़ रुपये की वसूली की तुलना में क्रमशः 2 प्रतिशत और 4 प्रतिशत अधिक है।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस अवधि में एसी लोकल ट्रेनों में 1.10 लाख मामलों से 3.51 करोड़ रुपये, प्रथम श्रेणी डिब्बों में 1.46 लाख मामलों से 4.66 करोड़ रुपये और द्वितीय श्रेणी डिब्बों में 11.68 लाख मामलों से 58.60 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में किराए के अंतर के 50,809 मामलों से 2.98 करोड़ रुपये तथा बिना बुक किए गए सामान के 1.40 लाख मामलों से 1.56 करोड़ रुपये वसूले गए।

    फरवरी 2026 के दौरान ही अनियमित यात्रा के 1.65 लाख मामले सामने आए, जिनसे 8.58 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। मध्य रेल के अनुसार टिकट जांच टीमों द्वारा उपनगरीय, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में नियमित विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाई जा सके।

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें, ताकि जुर्माने और असुविधा से बचा जा सके।

  • Scrap Scam:तुर्भे गुड्स शेड में रद्दी घोटाले की चर्चा: 300 किलो में से 200 किलो गायब होने का आरोप

    Scrap Scam:तुर्भे गुड्स शेड में रद्दी घोटाले की चर्चा: 300 किलो में से 200 किलो गायब होने का आरोप

    मुंबई: मध्य रेलवे के मुंबई मंडल अंतर्गत तुर्भे गुड्स शेड में कथित तौर पर रद्दी बिक्री को लेकर एक बड़ा घोटाला(Scam) सामने आने की चर्चा है। यहां कार्यरत सीजीएस गिरीश कुमार शर्मा पर 300 किलोग्राम रद्दी में से 200 किलोग्राम गायब कर केवल 100 किलोग्राम दिखाकर बिक्री करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

    सूत्रों के अनुसार 13 जनवरी 2026 को गुड्स शेड में कुल 300 किलोग्राम रद्दी मौजूद थी, लेकिन दस्तावेज़ों में केवल 100 किलोग्राम रद्दी(Scrap) दिखाकर उसकी बिक्री कर दी गई। इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि बिक्री से संबंधित दस्तावेज़ों पर न तो सीसीआई के हस्ताक्षर हैं और न ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की उपस्थिति दर्ज है।

    नियमों के अनुसार इस प्रकार की किसी भी बिक्री प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी और दस्तावेज़ों पर उनके हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं। ऐसे में इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। चर्चा है कि आखिर 300 किलो रद्दी में से 200 किलो कहां चली गई और क्या यह पूरा मामला अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है या फिर जिम्मेदार विभाग की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ।

    बताया जाता है कि संबंधित अधिकारी के कार्यकाल के दौरान समय पालन और कार्यप्रणाली को लेकर भी पहले कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

    अब इस मामले को लेकर रेलवे प्रशासन की भूमिका पर सबकी निगाहें टिकी हैं। यह देखना होगा कि क्या उच्च अधिकारी इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर सच्चाई सामने लाते हैं या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में ही दबकर रह जाता है।