Category: Uttarakhand

  • Toyota Strengthens Education and Healthcare Infrastructure in Uttarakhand: टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने उत्तराखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को किया मजबूत, 4 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ

    Toyota Strengthens Education and Healthcare Infrastructure in Uttarakhand: टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने उत्तराखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को किया मजबूत, 4 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ

    मुंबई | प्रतिनिधि

    टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (TKM) ने उत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामुदायिक कल्याण और आजीविका से जुड़ी कई सामुदायिक विकास परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने की घोषणा की है। राज्य सरकार के साथ वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत उधम सिंह नगर के खटीमा और नैनीताल के हल्द्वानी में संचालित इन सीएसआर कार्यक्रमों से 4 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

    Toyota Strengthens Education and Healthcare Infrastructure in Uttarakhand

    कंपनी ने सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विकास किया है। इसके तहत बच्चों के लिए आधुनिक शिक्षण सामग्री, उच्च गुणवत्ता वाला कक्षा फर्नीचर, स्वच्छ मध्याह्न भोजन तैयार करने के लिए उन्नत रसोई सुविधाएं और बेहतर खेल अवसंरचना उपलब्ध कराई गई है। इन पहलों से 13,532 छात्रों के सीखने के माहौल और समग्र शैक्षणिक अनुभव में सुधार होगा।

    सरकारी स्कूलों में बनेंगी आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं

    शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए टोयोटा ने खटीमा के नौ सरकारी स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण की परियोजना शुरू की है। कंपनी आधुनिक वैज्ञानिक उपकरण, मॉडल और प्रयोगशाला सामग्री उपलब्ध कराएगी, जिससे 7,000 से अधिक विद्यार्थियों को व्यावहारिक विज्ञान शिक्षा का लाभ मिलेगा और विज्ञान विषय में बेहतर शैक्षणिक परिणाम प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

    स्वास्थ्य सेवाओं को भी मिलेगा नया आधार

    टोयोटा किर्लोस्कर मोटर खटीमा उप जिला अस्पताल तथा देवरी और चकरपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक चिकित्सा एवं गैर-चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराकर स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत बना रही है। इस पहल से 3 लाख से अधिक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और हर वर्ष 1,500 से अधिक मातृत्व मामलों के सुरक्षित एवं प्रभावी प्रबंधन में सहायता मिलेगी।

    सतत विकास के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता

    टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड एवं एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट अफेयर्स) विक्रम गुलाटी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका किसी भी सशक्त समुदाय की नींव हैं। कंपनी उत्तराखंड सरकार के सहयोग से ऐसे स्थायी और विस्तार योग्य विकास मॉडल तैयार कर रही है, जो बच्चों, महिलाओं और स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में दीर्घकालिक सकारात्मक बदलाव लाएं।

  • Gyan Bharatam Mission: ज्ञान भारतम् मिशन के तहत अल्मोड़ा में पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को मिलेगी गति!

    Gyan Bharatam Mission: ज्ञान भारतम् मिशन के तहत अल्मोड़ा में पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को मिलेगी गति!

    Gyan Bharatam Mission: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने के उद्देश्य से बुधवार को विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

    मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्राचीन पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों, भोजपत्रों, हस्तलिखित ग्रंथों और अन्य ऐतिहासिक दस्तावेजों की पहचान, संरक्षण तथा सूचीकरण की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

    बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों के अलावा निजी संग्रहकर्ताओं के पास सुरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों और ऐतिहासिक अभिलेखों का विवरण एकत्र कर उनकी सूची तैयार की जाए।

    मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा ऐसे दुर्लभ संग्रहों की जानकारी जुटाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।

    क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त पांडुलिपियों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें पूरी सुरक्षा के साथ उनके मूल स्वामियों को वापस सौंप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल देश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और बौद्धिक धरोहर के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    बैठक में नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, मुख्य शिक्षा अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने अभियान को जनसहभागिता के माध्यम से व्यापक और प्रभावी बनाने पर बल दिया।

  • Kainchi Dham: कैंची धाम स्थापना दिवस पर उमड़ी श्रद्धा की भीड़, लाखों भक्तों ने बाबा नीम करौरी महाराज का लिया आशीर्वाद

    Kainchi Dham: कैंची धाम स्थापना दिवस पर उमड़ी श्रद्धा की भीड़, लाखों भक्तों ने बाबा नीम करौरी महाराज का लिया आशीर्वाद

    Kainchi Dham: उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में स्थापना दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसमूह उमड़ पड़ा। बाबा नीम करौरी महाराज के दर्शन के लिए देश-विदेश से आए एक लाख से अधिक भक्तों ने धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

    सुबह तड़के मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। दिनभर बीच-बीच में बारिश होने के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी और देर शाम तक दर्शन का सिलसिला जारी रहा।

    अमेरिका से आए श्रद्धालु मैक्स विलियम्स ने बताया कि वर्ष 2020 में बाबा नीम करौरी महाराज के बारे में जानकारी मिलने के बाद से ही उनकी कैंची धाम आने की इच्छा थी। पहली बार यहां पहुंचकर उन्हें गहन आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हुआ मानो बाबा ने स्वयं उन्हें यहां आने के लिए प्रेरित किया हो।

    पंजाब, महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने दर्शन व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन की सराहना की। भक्तों का कहना था कि भारी भीड़ के बावजूद दर्शन प्रक्रिया सुव्यवस्थित रही और उन्हें किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

    मेले के सफल संचालन के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के नेतृत्व में हल्द्वानी, भवाली, नैनीताल और कैंची धाम क्षेत्र में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी नेटवर्क और कंट्रोल रूम के जरिए पूरे आयोजन क्षेत्र पर लगातार नजर रखी गई।

    श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों से शटल बस सेवाएं चलाई गईं, जबकि यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई। पार्किंग स्थलों से श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से धाम तक पहुंचाया गया।

    सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बम निरोधक दस्ता भी तैनात रहा। मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में नियमित जांच अभियान चलाया गया तथा प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर के माध्यम से सुरक्षा जांच की गई।

    बारिश और भारी भीड़ के बावजूद पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सहायता में लगातार सक्रिय रहे। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध कराया गया। श्रद्धालुओं ने प्रशासन की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।

  • DM Inspects Pauri Health Centers: डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की जांच की, अस्पतालों में मिली भारी लापरवाही!

    DM Inspects Pauri Health Centers: डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की जांच की, अस्पतालों में मिली भारी लापरवाही!

    DM Inspects Pauri Health Centers: उत्तराखंड के पौड़ी में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सतपुली रेखा आर्य ने शनिवार को क्षेत्र के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक तथा कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जबकि व्यवस्थागत खामियां और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति भी सामने आई। डीएम ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व में जिलाधिकारी द्वारा सीएचसी सतपुली का निरीक्षण किए जाने के बाद स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में डीएम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रीठाखाल का निरीक्षण किया। यहां तैनात तीन कर्मचारियों में केवल फार्मासिस्ट उपस्थित मिले, जबकि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी 11 मई से लगातार अनुपस्थित पाए गए। एएनएम भी ड्यूटी पर नहीं मिलीं। निरीक्षण के दौरान ओपीडी में मात्र तीन मरीज दर्ज पाए गए। पीएचसी संगलाकोटी में चार कर्मचारियों में से केवल वार्ड बॉय और एएनएम मौजूद मिले।

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    प्रभारी चिकित्सक 10 मई से अनुपस्थित बताए गए, जबकि फार्मासिस्ट भी मौके पर नहीं मिले। यहां पेयजल व्यवस्था भी बाधित पाई गई। वहीं, पीएचसी पोखड़ा के निरीक्षण में एक चिकित्सक सहित आरबीएसके टीम के सभी सदस्य अनुपस्थित मिले। क्षेत्र भ्रमण रजिस्टर मांगे जाने पर संबंधित कर्मचारी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। रीठाखाल स्थित आयुष विंग में भी दोनों तैनात कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और फार्मासिस्ट मौके पर मौजूद नहीं थे।

    यहां बायोमेट्रिक मशीन भी बंद मिली। निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में बायोमेट्रिक मशीनें निष्क्रिय पाई गईं तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की जा रही थी। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्र परिसरों में झाड़ी कटान और साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। उप जिलाधिकारी रेखा आर्य ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि निरीक्षण आख्या जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजी जाएगी, ताकि संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

  • Bus Permit Case: काशीपुर-मुरादाबाद रूट पर बस परमिट मामले में उत्तराखंड परिवहन निगम को आवश्यक निर्देश!

    Bus Permit Case: काशीपुर-मुरादाबाद रूट पर बस परमिट मामले में उत्तराखंड परिवहन निगम को आवश्यक निर्देश!

    Bus Permit Case: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने काशीपुर-मुरादाबाद रूट पर उत्तर प्रदेश के बस संचालकों को हो रही संचालन संबंधी दिक्कतों के मामले में सुनवाई करते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम को आवश्यक निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ में हुई।

    सुनवाई के बाद अदालत ने याचिका का निस्तारण करते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम को निर्देश दिया कि बस संचालकों द्वारा दिए गए प्रत्यावेदन पर विधि के अनुसार निर्णय लिया जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि संबंधित संचालकों को उक्त रूट पर स्थायी परमिट दिया जाना है या नहीं। अदालत ने निगम को निर्णय से याचिकाकर्ताओं को अवगत कराने को भी कहा है।

    मामले के अनुसार मुरादाबाद निवासी बस संचालक नदीम खान और 24 अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा कि वर्ष 2018 में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच हुए समझौते के तहत मुरादाबाद से काशीपुर रूट पर दोनों राज्यों की बसों का संचालन बिना किसी बाधा के किया जाना तय हुआ था।

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    इसके लिए दोनों राज्यों के परिवहन निगमों से परमिट लेने की व्यवस्था बनाई गई थी। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि उत्तराखंड परिवहन निगम उन्हें केवल अस्थायी परमिट जारी कर रहा है, जिसका प्रत्येक तीन माह में नवीनीकरण कराना पड़ता है। इसके चलते उन्हें बार-बार परिवहन निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं और बस संचालन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    याचिका में कहा गया कि स्थायी परमिट जारी किए जाने के संबंध में वर्ष 2023 में परिवहन निगम को प्रार्थना पत्र दिया गया था लेकिन अब तक उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत से स्थायी परमिट जारी करने के निर्देश देने की मांग की गयी थी।

  • Kauthig Mumbai 2026: मुंबई में प्रवासी उत्तराखण्डियों के “कौथिग” का भव्य आगाज़

    Kauthig Mumbai 2026: मुंबई में प्रवासी उत्तराखण्डियों के “कौथिग” का भव्य आगाज़

    मुंबई में प्रवासी उत्तराखण्डियों के बहुप्रतीक्षित सांस्कृतिक महापर्व “कौथिग मुंबई” का 08 मई 2026 से भव्य शुभारंभ हो गया। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपरा, कला और भाईचारे को समर्पित यह आयोजन समाज के लिए गर्व, संस्कृति और एकता का प्रतीक माना जा रहा है।

    आयोजकों ने बताया कि यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी जड़ों, परंपराओं और उत्तराखंडी पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। महोत्सव में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पारंपरिक लोकगीत-लोकनृत्य, उत्तराखंडी व्यंजन और सामाजिक मेल-मिलाप आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

    “कौथिग मुंबई” के जरिए प्रवासी उत्तराखण्डियों को एक मंच पर जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में उत्तराखण्डी समाज के लोगों की उपस्थिति देखने को मिल रही है, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और सांस्कृतिक रंगत नजर आ रही है।

  • Yogi v/s Amukteshwaranand: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मामले में सनसनीखेज दावा,  आशुतोष के गवाह ने कथित दबाव और प्रलोभन का किया खुलासा

    Yogi v/s Amukteshwaranand: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मामले में सनसनीखेज दावा, आशुतोष के गवाह ने कथित दबाव और प्रलोभन का किया खुलासा

    वाराणसी। ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद(Amukteshwaranand) सरस्वती से जुड़े बहुचर्चित प्रकरण में सोमवार को घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ में आयोजित प्रेस वार्ता में रमाशंकर दीक्षित नामक व्यक्ति ने दावा किया कि उन पर उनकी नाबालिग बेटी के नाम का सहारा लेकर शंकराचार्य पर गंभीर आरोप लगाने के लिए दबाव बनाया गया।

    दीक्षित के अनुसार, उन्हें कथित रूप से आर्थिक प्रलोभन दिया गया ताकि वे लिखित शिकायत देकर मामला दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को ठुकराने के बाद उन्हें अप्रत्यक्ष धमकियों का सामना करना पड़ा। दीक्षित ने पूरी घटना को लिखित रूप में अपने हस्ताक्षर सहित मठ प्रशासन को सौंपने और मीडिया के सामने रखने की बात कही।

    दूसरी ओर, शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी प्रयागराज जिला न्यायालय में पेश हुए। सुनवाई के दौरान पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई के पहलुओं पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में शिकायत और गवाहों की विश्वसनीयता की गहन जांच अनिवार्य है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि आरोप असत्य सिद्ध होते हैं या गवाह बयान से पलटता है, तो शिकायतकर्ता के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई संभव है।

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायालय ने निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच पर जोर दिया है। फिलहाल सभी पक्ष आगामी सुनवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

    संपादकीय दृष्टि से यह प्रकरण कानून-प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में राजनीतिक बयानबाजी से परे रहकर पारदर्शी और समयबद्ध जांच आवश्यक है, ताकि न तो किसी निर्दोष की प्रतिष्ठा पर आंच आए और न ही वास्तविक शिकायत दबे। कानून के समक्ष सभी समान हैं—और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आएगा।

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  • Religion News: बद्रीनाथ–केदारनाथ में मोबाइल पर नो-एंट्री? गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक

    Religion News: बद्रीनाथ–केदारनाथ में मोबाइल पर नो-एंट्री? गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक

    देहरादून: चारधाम यात्रा 2026 से पहले बद्रीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति मोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंध और गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर सख्त नियम लागू करने पर विचार कर रही है। (BKTC) आगामी चारधाम यात्रा सीजन के लिए श्रद्धालुओं पर कड़े नियम लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नियमों में मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध और गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक जैसे अहम बिंदु शामिल हैं।

    ‘राष्ट्रीय स्वाभिमान’ फोटो

    समिति का कहना है कि इन प्रस्तावों का मुख्य उद्देश्य मंदिरों की पवित्रता बनाए रखना और हाल के वर्षों में मंदिर परिसर में बढ़ती वीडियोग्राफी, रील्स और ब्लॉगिंग की प्रवृत्ति पर लगाम लगाना है। समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के अनुसार, इन नियमों को लेकर जल्द होने वाली बैठक में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

    हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने पर गंभीरता से विचार चल रहा है। यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में मोबाइल का उपयोग करते हुए पाया गया, तो मोबाइल जब्त किया जा सकता है और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।

    इसके अलावा, भविष्य में मंदिर परिसर में ब्लॉगिंग, शूटिंग या फिल्मिंग के लिए बीकेटीसी या जिला प्रशासन से लिखित पूर्व-अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति शूटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। समिति का मानना है कि इससे न केवल अनुशासन बना रहेगा, बल्कि भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।

    समिति सूत्रों के मुताबिक, चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और सोशल मीडिया गतिविधियों को देखते हुए यह कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।