Best Teacher Award: भिवंडी तालुका स्तरीय आदर्श शिक्षक सम्मान समारोह संपन्न, सांसद बाल्या मामा ने जताई नाराजगी

तालुका स्तरीय आदर्श शिक्षक सम्मान समारोह संपन्न, सांसद बाल्या मामा ने जताई नाराजगी

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भिवंडी | प्रतिनिधि

भिवंडी पंचायत समिति शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित तालुका स्तरीय गुणवंत शिक्षक सम्मान समारोह शहर में धूमधाम से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भिवंडी के सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा उपस्थित थे।

इस अवसर पर पंचायत समिति के पूर्व सभापति महादेव घरत, विकास भोईर, गट विकास अधिकारी गोविंद खामकर, गट शिक्षा अधिकारी संजय अस्वले समेत अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में तालुका के लगभग 900 शिक्षकों में से 10 आदर्श शिक्षकों को सम्मानित किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री मेरी शाला सुंदर शाला वर्ष 2023-24 के अंतर्गत तीन सरकारी और तीन निजी प्रबंधन स्कूलों को पुरस्कार प्रदान किए गए। जिला परिषद देवरुंग स्कूल को आदर्श शाला पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

सम्मानित शिक्षकों में संदीप लडकू मांजे, अर्चना दीपक डेगाणे, श्रद्धा शरद पाटील, पुष्पा परशुराम थोरात, छाया लक्ष्मण जाधव, जफर अहमद हुसेन मुजावर, शांताराम कुशा पवार, संदीप रामदास पाटील, विश्वास काथोड जाधव और मेघाली शशिकांत चौधरी शामिल रहे।
इसके अलावा जिला आदर्श पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका पुष्पावती तुकाराम भोईर, आदर्श केंद्र प्रमुख प्रिया प्रकाश पाटील, और आदर्श विषय विशेषज्ञ योगिता पुंडलिक चौधरी को भी सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री स्वच्छ सुंदर शाला स्पर्धा में क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यालय — जिला परिषद शाला खंबाळे, जिला परिषद शाला सोनाळे, परिषद शाला कुसापूर, तथा निजी प्रबंधन श्रेणी में बी.बी. पाटील विद्यालय (कुरुंद), कन्या विद्यालय (वज्रेश्वरी) और आश्रम शाला (शिरोळे) को भी पुरस्कृत किया गया।

“कमीशन के लालच में इमारतें बन रही हैं, शिक्षक नहीं रखे जा रहे” — सांसद बाल्या मामा

सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार विद्यालय भवनों की मरम्मत और निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा — “सरकारी मशीनरी कमीशन के लालच में इमारतें बना रही है, पर बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक नहीं हैं। 308 ज़िला परिषद स्कूलों में 195 शिक्षकों की कमी है। जब तक यह स्थिति नहीं सुधरती, शिक्षा का स्तर नहीं उठेगा।”

उन्होंने आगे कहा कि वे इस मुद्दे पर सरकार से व्यक्तिगत रूप से फॉलोअप करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर अपने व्यक्तिगत खर्च से मानदेय पर शिक्षकों की व्यवस्था करने के लिए भी तैयार हैं।

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