नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र की चिकित्सक डॉ. संपदा मुंडे की मौत को “संस्थागत हत्या” करार देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की है।
पार्टी ने इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) या न्यायिक जांच गठित करने की भी मांग की है ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों को सज़ा मिल सके।
दिल्ली स्थित एआईसीसी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ और महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटील ने कहा कि सतारा जिले के एक अस्पताल में कार्यरत डॉ. संपदा मुंडे को राजनीतिक दबाव, ब्लैकमेलिंग और यौन उत्पीड़न के कारण आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि डॉ. संपदा पर एक चीनी मिल, जो पूर्व भाजपा सांसद रणजीत सिंह नाईक निम्बालकर की है, के अधिकारियों द्वारा फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेरफेर करने का दबाव डाला जा रहा था।
जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें लगातार परेशान और ब्लैकमेल किया गया। शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने बिना किसी जांच के नाईक को क्लीन चिट दी, जो स्पष्ट रूप से सत्ता के दुरुपयोग का मामला है।
उन्होंने राज्य महिला आयोग के रवैये पर भी नाराज़गी जताई, कहा कि आयोग ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात तक नहीं की और उल्टे चरित्र हनन में शामिल हो गया।
अतुल लोंढे पाटील ने कहा कि यह घटना आरएसएस की मानसिकता को दर्शाती है, जो दलितों और आदिवासियों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया रखती है और अपराधियों को संरक्षण देती है।
उन्होंने मांग की कि फडणवीस को मुख्यमंत्री और गृह मंत्री दोनों पदों से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
लोंढे ने यह भी बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डॉ. संपदा मुंडे के परिवार से बात कर न्याय की इस लड़ाई में कांग्रेस का पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है।

