संजय राजगुरु
अंबरनाथ (Ambernath News): आगामी नगर परिषद और स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अंबरनाथ की राजनीति में बड़ा हड़कंप मच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता और नगर परिषद चुनाव के इच्छुक उम्मीदवार प्रवीण गोसावी ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि अंबरनाथ नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 26 (महालक्ष्मी नगर–संतोषी माता नगर क्षेत्र) की मतदाता सूची में करीब “100 मुस्लिम फ़र्ज़ी मतदाता”(Fake Voters) शामिल किए गए हैं। उनके इस दावे ने पूरे शहर में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है।
गोसावी ने राज्य चुनाव आयोग (Election Commission)को दिए अपने लिखित बयान में कहा है कि 2009 से इस वार्ड की मतदाता सूची में एक ही पते पर लगभग 100 मतदाता दर्ज हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाता है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस पूरे प्रकरण की गहन जांच की मांग की है ताकि पता चल सके कि ये मतदाता वास्तव में उसी पते पर रहते भी हैं या नहीं।
प्रवीण गोसावी(PravinGosavi) ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आरोप किसी धर्म या समाज के खिलाफ नहीं, बल्कि फर्जी पंजीकरण की व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “अगर ये सभी मतदाता असली साबित होते हैं और वास्तव में मौजूद हैं, तो मैं व्यक्तिगत रूप से 5 लाख रुपये का इनाम दूँगा।”
उन्होंने राज्य चुनाव आयोग (ElectionCommission) को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आयोग बिना संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित किए चुनाव कराता है, तो इससे लोकतंत्र की नींव कमजोर होगी। गोसावी ने कहा, “अगर फर्जी मतदाताओं के ज़रिए मतदान हुआ तो मैं खुद ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की पहल करूंगा। यदि इससे क़ानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होगी।”
गोसावी के इस दावे के बाद महालक्ष्मी नगर और आसपास के क्षेत्रों में इस मुद्दे पर तीखी चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने इलाके में एक बड़ा बैनर भी लगाया है, जिसमें कथित ‘100 फर्जी मतदाताओं’ की तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। इससे स्थानीय नागरिकों में उत्सुकता और बहस दोनों बढ़ गई हैं। कुछ लोग तो अब मज़ाक में कहने लगे हैं कि “कौन है वो सौ लोग?” ताकि 5 लाख रुपये का इनाम पा सकें।
राज्य भर में मतदाता सूचियों में फर्जी प्रविष्टियों और त्रुटियों को लेकर विवाद पहले से ही चल रहा है। ऐसे में अंबरनाथ का यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि राज्य चुनाव आयोग के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। अब सबकी निगाहें आयोग की जांच पर टिकी हैं , क्या ये 100 मतदाता वास्तव में मौजूद हैं या यह एक राजनीतिक दांव है? आने वाले दिनों में यह मामला अंबरनाथ की राजनीति का सबसे चर्चित मुद्दा बन सकता है।

