Thane Development News: कोपरी की ज़िंदगी कीचड़ में फँसी: पुनर्विकास कार्यों से सड़कें बनी दलदल, नागरिकों का जीवन दूभर

कोपरी की ज़िंदगी कीचड़ में फँसी: पुनर्विकास कार्यों से सड़कें बनी दलदल, नागरिकों का जीवन दूभर

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ठाणे, 30 अक्टूबर: ठाणे का कोपरी इलाका इन दिनों कीचड़, मिट्टी और अव्यवस्था से जूझ रहा है। जहाँ एक ओर पुनर्विकास परियोजनाओं के नाम पर इमारतों की खुदाई का काम दिन-रात चल रहा है, वहीं सड़क पर फैली मिट्टी और बारिश के पानी ने पूरे इलाके को कीचड़ के दलदल में बदल दिया है।

पैदल चलना, स्कूल के बच्चों का आना-जाना, और दोपहिया वाहनों का आवागमन — सब एक “जोखिम भरा सफ़र” बन गया है। हर दिन किसी न किसी के फिसलने, कपड़े गंदे होने या मामूली चोट लगने की घटनाएँ सामने आ रही हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह से देर रात तक खुदाई और डंपरों के आने-जाने से सड़कों पर मिट्टी की परत जम जाती है। जैसे ही बारिश होती है, सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं। “डंपर चालक मिट्टी को ढककर नहीं ले जाते, जिससे पूरी सड़क पर गाद फैल जाती है,” एक निवासी ने कहा।

कोपरी में बड़े पैमाने पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की उचित निगरानी न होने से नागरिकों का जीवन दूभर हो गया है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी परेशान हैं। “पैर रखने की जगह नहीं मिलती,” एक महिला निवासी ने नाराज़गी जताई।

स्थानीय नागरिकों ने ठाणे नगर निगम से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। “हर दिन लाखों रुपये वसूलने वाला नगर निगम नागरिकों की दुर्दशा पर चुप क्यों है?” — यह सवाल गुस्साए नागरिकों ने उठाया। उन्होंने प्रशासन से मिट्टी हटाने और सड़कों की सफाई के लिए विशेष टीम तैनात करने की अपील की है।

स्कूल और दफ़्तर के समय में यहाँ भीषण भीड़ रहती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना और बढ़ जाती है। कई रिक्शा और दोपहिया वाहन चालक अब इन सड़कों से गुजरने से बचने लगे हैं।

सुनील नाइक, ठाणे पूर्व ने बताया कि निवासियों को उम्मीद है कि ठाणे नगर निगम इस “कीचड़ मार्च” को गंभीरता से लेगा और पुनर्विकास के नाम पर फैले इस अव्यवस्था पर जल्द नियंत्रण करेगा।

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