मुंबई: महाराष्ट्र में विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर एक बार फिर मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं। कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य और पूर्व मंत्री बाला साहेब थोरात ने मुंबई में आयोजित महाविकास आघाड़ी (MVA) के भव्य सर्वदलीय ‘सत्य का मोर्चा’ को संबोधित करते हुए कहा कि “यह मोर्चा सिर्फ़ चुनाव आयोग के खिलाफ नहीं, बल्कि उन लोगों के खिलाफ है जो चुनाव आयोग को नियंत्रित करते हैं।”
थोरात ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में बोगस मतदाता सूचियों का बड़े पैमाने पर उपयोग हुआ था और अब वही सूचियाँ स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनावों के लिए भी इस्तेमाल की जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि इन सूचियों को तुरंत दुरुस्त किया जाए और तभी स्थानीय चुनाव कराए जाएँ।
उन्होंने कहा, “देशभर में मतचोरी हुई है — यह बात लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सबूतों के साथ उजागर की थी, लेकिन केंद्रीय चुनाव आयोग ने उस पर केवल औपचारिक और भ्रामक जवाब दिया। आयोग का उत्तर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में सबसे बोगस जवाबों में से एक है।”
थोरात ने आगे बताया कि उनके संगमनेर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण भाग में ही 9,500 से अधिक फर्जी मतदाता पाए गए हैं। “हमने आपत्ति दर्ज कराते हुए दुरुस्ती की मांग की, लेकिन तहसीलदार का कहना है कि उनके पास संशोधन का कोई अधिकार नहीं है। यदि यही सूची नगरपालिकाओं, महानगरपालिकाओं और जिला परिषद चुनावों में इस्तेमाल की जाएगी, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने राज्य चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष की ओर से बार-बार आग्रह के बावजूद आयोग कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया है।
इस बीच, सत्ता पक्ष द्वारा निकाले गए ‘मूक मोर्चा’ पर तंज कसते हुए थोरात ने कहा, “जब हम ‘सत्य का मोर्चा’ निकाल रहे हैं, तो सत्ताधारी दल मूक मोर्चा निकाल रहे हैं — कहीं इसमें चुनाव आयोग भी शामिल तो नहीं?”
कार्यक्रम में शरद पवार, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे जैसे दिग्गज नेताओं ने भी हिस्सा लिया और भाजपा-महायुती सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा।
“आयोग का सर्वर किसके कार्यालय में?: उद्धव ठाकरे का तीखा सवाल

मुंबई: मुंबई में आयोजित महाविकास आघाड़ी के ‘सत्य का महामोर्चा’ में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गट) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और मतचोरी की साज़िश चल रही है।
सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने चौंकाने वाला खुलासा किया — “मेरे और मेरे परिवार के चार सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की गई है। यह कोई सामान्य गलती नहीं बल्कि एक सोची-समझी चाल है। सवाल यह है कि आयोग का सर्वर आखिर किसके कार्यालय में है? कौन तय करता है कि किसका नाम हटाना है और किसे जोड़ना है? यह पूरा खेल लोकतंत्र को कमजोर करने की दिशा में है।”

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन कर झूठे मोबाइल नंबर के माध्यम से उनके परिवार के नाम हटाने का प्रयास किया गया था। चुनाव आयोग की टीम जब सत्यापन के लिए उनके घर पहुँची, तब यह बात सामने आई। उद्धव ने कहा, “यह साज़िश 23 अक्टूबर को रची गई थी — अब हमें न्याय चाहिए और हम इस पूरे मामले में अदालत का दरवाज़ा खटखटाएँगे।”

राज ठाकरे का आरोप: EVM और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का सबूत मेरे पास है’
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि वह 2017 से लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि EVM और मतदाता सूचियाँ दोनों में घोटाला है। उन्होंने दावा किया कि कल्याण ग्रामीण, डोंबिवली, मुरबाड और भिवंडी के 4,500 मतदाताओं ने मुंबई के मलबार हिल मतदारसंघ में भी मतदान किया है।
राज ठाकरे ने मंच से कहा, “यह कारस्थानें चुनाव आयोग के माध्यम से चल रही हैं। अगर ऐसे ही चुनाव होंगे तो हम लोकतंत्र में कैसे भरोसा करें? अब जनता को जागरूक होना होगा — एक-एक मतदाता सूची की जाँच करनी होगी, और अगर कहीं डुप्लिकेट या फर्जी नाम मिले तो वहीं उजागर करना होगा।”
उन्होंने अपने पास मौजूद दस्तावेज़ों का ‘सबूतों का ढेर’ मंच पर दिखाया, जिसमें हर लोकसभा क्षेत्र में 50,000 से 1 लाख तक दोहराए गए मतदाता नाम होने का दावा किया गया।

मोर्चे में ‘यमराज’ का अनोखा प्रदर्शन
मोर्चे में एक व्यक्ति ने यमराज के वेश में आकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उसने कहा, “मैं यमलोक से आया हूँ — 80, 90, 117, 124 साल के जो मतदाता इस दुनिया में नहीं हैं, उन्हें अब ले जाने आया हूँ। जो ‘झुकेगा नहीं’ बोलते हैं, पहले उन्हें ही ले जाऊँगा!”

‘लाल सलाम’ से गूंजा मोर्चा परिसर
इस मोर्चे में वामपंथी नेताओं शैलेंद्र कांबळे, अजित नवले, सुभाष लांडे, प्रकाश रेड्डी और मिलिंद रानडे ने ‘लाल सलाम’ के नारे लगाकर माहौल में जोश भर दिया। उनके साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस और उद्धव सेना के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

राज ठाकरे का लोकल ट्रेन से चर्चगेट तक सफर
राज ठाकरे ने मोर्चे में शामिल होने के लिए दादर से चर्चगेट तक लोकल ट्रेन से सफर किया। भीड़ के कारण उन्होंने दो लोकल ट्रेनें छोड़ीं और तीसरी (10:22 की) ट्रेन में सफर किया। दिलचस्प बात यह रही कि उन्हें “विंडो सीट” मिली और कुछ यात्रियों के कहने पर उन्होंने उनके टिकट पर ऑटोग्राफ भी दिए।

हम अदालत में जाएंगे, जनता का न्याय सबसे बड़ा: उद्धव ठाकरे
भाजपा की आलोचना करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब विपक्ष चुनाव आयोग से सवाल करता है, तो सत्ताधारी पूछते हैं — “अदालत में क्यों नहीं जाते?” अब हम अदालत में भी जाएंगे और जनता के न्यायालय में भी जाएंगे।
उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र की जनता लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने वालों को माफ़ नहीं करेगी। अगर मतचोरी करके चुनाव कराने की कोशिश की गई, तो यह जनता अपनी मुट्ठी का जवाब उनके सिर पर देगी।”


