मुंबई: आगामी स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनावों में संभावित हार को देखते हुए महाविकास आघाड़ी (MVA) मतदाता सूची पर संदेह का झूठा नैरेटिव फैलाकर नया राजनीतिक कट रच रही है — ऐसा आरोप भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने लगाया है।
भाजपा की ओर से मविआ और मनसे के सत्य मोर्चे के जवाब में गिरगांव चौपाटी पर मूक आंदोलन आयोजित किया गया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काले पट्टे बांधकर महाविकास आघाड़ी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
रविंद्र चव्हाण ने कहा —
“महायुती सरकार जनता के सपनों का महाराष्ट्र बनाने में जुटी है, जबकि महाविकास आघाड़ी अराजकता फैलाकर राज्य को पीछे धकेलने की साजिश कर रही है। विदेशी फंडिंग और समाजविरोधी संगठनों की मदद से यह लोग अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं।”
लोढा का खुला चैलेंज
भाजपा मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने कहा —
“अस्लम शेख, अमिन पटेल और अबू आसिम आज़मी के क्षेत्रों में कम से कम 5,000 बांग्लादेशी और रोहिंग्या मतदाता हैं। अगर यह दावा गलत साबित हुआ तो मैं इस्तीफा दूंगा — और अगर सही निकला तो इन्हें इस्तीफा देना चाहिए।”
लोढा ने बताया कि इस मामले में वे सोमवार को चुनाव आयोग से औपचारिक शिकायत करेंगे।
“यह असत्य का तमाशा है” — अमित साटम
भाजपा विधायक अमित साटम ने कहा कि महाविकास आघाड़ी आत्ममंथन करने की बजाय झूठ फैलाने में लगी है।
“मतदाता उन्हें नकार रहे हैं, और वे समाज में विभाजन पैदा करने की राजनीति कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
शरद पवार की असुविधा पर सुप्रिया सुळे का गुस्सा
सत्य मोर्चा रैली के दौरान एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को मंच तक पहुंचने में परेशानी हुई, जिससे सांसद सुप्रिया सुळे भड़क उठीं। पवार की गाड़ी मंच तक नहीं पहुंच पाई और उन्हें डिवाइडर पार करना पड़ा। सुळे ने आयोजकों को फटकार लगाई और पुलिस से बात कर वाहन को स्टेज तक बुलवाया।
शर्मिला ठाकरे का भाजपा पर वार
मोर्चे में शामिल शर्मिला ठाकरे (राज ठाकरे की पत्नी) ने सवाल उठाया —
“जब हम चुनाव आयोग से सवाल करते हैं, तो जवाब भाजपा देती है। क्या चुनाव आयोग भाजपा का कार्यालय है?”
उन्होंने भाजपा के मूक आंदोलन पर तंज कसते हुए कहा, “आपका आंदोलन तो मूक है, फिर इतनी बड़बड़ क्यों?”
मोर्चे में अमित ठाकरे, उनकी पत्नी मिताली ठाकरे और बड़ी संख्या में मनसे कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
मानवता की मिसाल
मोर्चे के दौरान एक एंबुलेंस के लिए भीड़ ने रास्ता खाली कर मानवीयता की मिसाल पेश की। वहीं, फैशन स्ट्रीट के दुकानदारों ने सुरक्षा के चलते अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।

