भिवंडी: ‘वंदे मातरम्’ गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भिवंडी के छत्रपति शिवाजी महाराज मैदान पर एक भव्य सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसीलदार अभिजीत खोले ने की, जिसमें संत कबीर औद्योगिक विद्यालय और नगर पालिका विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक रुपेश म्हात्रे, स्वामी स्वरूपानंद, पूर्व शिक्षा समिति सभापति सुंदर नाईक, नायब तहसीलदार आदेश म्हात्रे, पंचायत समिति गटशिक्षणाधिकारी संजय अस्वले, समाज कल्याण विभाग प्रमुख मिलिंद पळसूले, मनपा शिक्षा प्रशासनाधिकारी सौदागर शिखरे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इस अवसर पर एडवोकेट प्रबोध जयवंत ने कहा कि “वंदे मातरम् गीत में कश्मीर से कन्याकुमारी तक की अखंड भारत की छवि दिखाई देती है। 1905 के वंगभंग आंदोलन के समय इस गीत ने देश को एक सूत्र में बांधा था, और आज भी यह राष्ट्र की एकता और रक्षा के लिए प्रेरणा देता है।” उन्होंने बताया कि अंग्रेज शासन के दौरान भी ‘वंदे मातरम्’ शब्द का खौफ था, क्योंकि यह शब्द देशभक्ति की अग्नि को प्रज्वलित करता था।
कार्यक्रम के अध्यक्ष अभिजीत खोले ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह शासकीय उपक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा, “‘वंदे मातरम्’ के ये दो शब्द हमारी विविधता में एकता और राष्ट्र निर्माण की भावना का प्रतीक हैं।”
इस मौके पर भादवड आईटीआई के छात्रों ने ‘वंदे मातरम्’ विषय पर प्रभावी पथनाट्य प्रस्तुत कर समा बाँध दिया।
इसी क्रम में, भिवंडी महानगरपालिका मुख्यालय में भी गुरुवार को सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन संपन्न हुआ। महाराष्ट्र शासन के पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग के आदेशानुसार, तथा मनपा प्रशासक व आयुक्त अनमोल सागर के निर्देशों के तहत यह आयोजन उपायुक्त विक्रम दराडे की अध्यक्षता में हुआ।
इस अवसर पर उपायुक्त (कर) बालकृष्ण क्षीरसागर, शहर अभियंता जमील पटेल, मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप गाडेकर, सहायक आयुक्त अजित महाडी, अतिरिक्त अभियंता सचिन नाइक सहित सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। शहर के सभी प्रभाग समिति कार्यालयों और स्कूलों में भी सामूहिक गायन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

