शिक्षक ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो

"शिक्षक" ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो

रोते हुए बच्चों का आना,
हँसते हुए उन्हें घर भिजवाना —
ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

ऊँगली पकड़कर वर्ण को शब्द,
शब्द से वाक्य बनाकर सिखाना —
ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

बचपन की उनकी शरारतों को सकारात्मकता से लेना,
गलती को सुधारना और सही होने पर प्रोत्साहन देना —
ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

शिक्षा ही नहीं, हर क्षेत्र में रास्ता दिखाना,
रंग, ढंग, उमंग भरी बातें सिखाना —
ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक ज्ञान —
इतनी क्षमता के काबिल बनाना —
ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

छोटी-बड़ी समस्याएँ सुलझाना,
आपस में न झगड़ना, मिल-बाँटकर खाना और दोस्ती करवाना —
ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

माता-पिता ईश्वर, तो तुम मंदिर हो,
हर अजनबी को प्यार से गले लगाना —
ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

परीक्षा में निहारना, हर उम्र में निखारना,
तीन घंटों का सफ़र बिना हिचकिचाहट गुज़ारना —
ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

बिना जन्म दिए जननी बनना,
पालक न होकर भी उससे बढ़कर सराहना —
ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

बिन बोले आँखें पढ़ लेना,
मन के क्लेश को हर लेना —
हर मुश्किल पल में थाम लेना —
ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

अनगिनत कार्य और भाँति-भाँति के लोग,
किसी की उलाहना, किसी का प्रतिशोध —
इन सभी का सामना करना —
ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

कब उम्र बीती आपकी, पता न चला आपको,
उम्र के हर पड़ाव में बचपना सँजोकर रखना —
ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

शिक्षक वो जो आजीवन समय का पाबंद रहा,
कब जीवन के संघर्षों में अब वो स्वच्छंद रहा!

नीड़ गैरों की सेवा में ख़ुद को तुमने खोया है,
पर सेवा-ख़ातिर ही ख़ुद को बहुत पिरोया है।

बीज सफलता का बोकर, पर लोगों को जो ज्ञान दिया,
सपना हो साकार सभी का — ऐसी शिक्षा का दान दिया।

शिक्षक ही वह ज्योति है, जो तपकर जलता रहता है,
इसी से विद्यार्थी का जीवन जगमग करता है!

हर बात, हर जज़्बात के लिए शुक्रिया,
हर एहसास के लिए शुक्रिया…
शिक्षक — ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!! 🙏

— विभा रू. द्विवेदी

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