खोपोली में दिनदहाड़े हत्या का खुलासा, सुपारी देकर की गई वारदात, पुलिस जांच तेज
नवी मुंबई।खोपोली नगर परिषद की नवनिर्वाचित शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की नगरसेविका मानसी कालोखे के पति मंगेश कालोखे (45) की हत्या मामले में रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और कॉन्ट्रैक्ट किलरों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, इस सनसनीखेज हत्याकांड का एक मुख्य कॉन्ट्रैक्ट किलर अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
व्यस्त चौराहे पर दिनदहाड़े हत्या
गौरतलब है कि 26 दिसंबर की सुबह करीब 7 बजे, खोपोली के एक व्यस्त चौराहे पर मंगेश कालोखे की तलवार, कोयता और कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घटना के वक्त वे अपनी दो बेटियों को स्कूल छोड़कर बाइक से घर लौट रहे थे।पुलिस के अनुसार, हमलावर पहले से ही काले रंग की कार में घात लगाकर बैठे थे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए।
मुख्य साजिशकर्ता रविंद्र देवकर
रायगढ़ की पुलिस अधीक्षक आंचल दलाल ने बताया कि इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता रविंद्र देवकर है, जो एनसीपी (अजित पवार गुट) की नेता उर्मिला देवकर का पति है।हाल ही में हुए खोपोली नगर परिषद चुनाव में मानसी कालोखे ने उर्मिला देवकर को पराजित किया था, जिसके बाद राजनीतिक रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई।सुपारी देकर कराई गई हत्यापुलिस के अनुसार, रविंद्र देवकर ने मंगेश कालोखे की हत्या के लिए तीन कॉन्ट्रैक्ट किलरों को सुपारी दी थी।हत्या को अंजाम देने वाले कुल पांच आरोपियों में—रविंद्र देवकर का बड़ा बेटा दर्शन देवकर,उसका बॉडीगार्ड महेश धायतडाक,और तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर शामिल हैं।इनमें से दो कॉन्ट्रैक्ट किलरों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य कॉन्ट्रैक्ट किलर फरार है।
एनसीपी नेताओं की भूमिका की जांच
एसपी आंचल दलाल ने बताया कि पुलिस इस मामले में रायगढ़ जिला एनसीपी अध्यक्ष सुधाकर घारे और एनसीपी प्रवक्ता भारत भगत की भूमिका की भी जांच कर रही है।मृतक के भतीजे द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में दोनों के नाम शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मुख्य कॉन्ट्रैक्ट किलर की गिरफ्तारी के बाद ही इनकी भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।अब तक 9 आरोपी गिरफ्तारइससे पहले, हत्या के 48 घंटे के भीतर पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें रविंद्र देवकर, उसकी पत्नी उर्मिला देवकर, बेटे दर्शन और धनंजयएनसीपी समर्थक विशाल देशमुख, दिलीप पवार, महेश धायतडाक, सागर मोरे, सचिन खराडे शामिल हैं।वहीं, एफआईआर में नामजद सामाजिक कार्यकर्ता सचिन चव्हाण की तलाश अभी भी जारी है।जांच तेज, जल्द गिरफ्तारी का दावापुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेज़ी से जारी है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

