बारामती। आज सुबह बारामती, महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान ने लैंडिंग के समय भारी दुर्घटना का सामना किया। विमान क्रैश होते ही भीषण आग लग गई और उसके मलबे से धुआँ उठता हुआ देखा गया। यह हादसा एयरपोर्ट के लगभग खेत के पास सामने आया जहाँ विमान लैंड करने की कोशिश कर रहा था। मौके पर पुलिस, जिला प्रशासन और आपदा प्रतिक्रिया टीम तुरंत पहुंच चुकी हैं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया है। जहां महाराष्ट्र के बारामती के पास एनसीपी नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार का निजी विमान दुर्घटना में मौत हो गई है. लैंडिंग के दौरान विमान हादसा हुआ, जिसमें अजित पवार सहित विमान में सवार सभी लोगों की जान चली गई.
🚨 अजित पवार की स्थिति
प्राप्त रिपोर्ट्स के अनुसार वे बारामती में होने वाली एक भारी जनसभा कार्यक्रम के लिए आ रहे थे।महाराष्ट्र के बारामती के पास एनसीपी नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार का निजी विमान दुर्घटना में मौत हो गई है. लैंडिंग के दौरान विमान हादसा हुआ, जिसमें अजित पवार सहित विमान में सवार सभी लोगों की जान चली गई.
🧯 बचाव कार्य और प्रशासन की प्रतिक्रिया
- पुलिस और फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने के लिए कार्य शुरू कर दिया है।
- जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारी स्थल पर पहुंचकर राहत प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं।
📰 आगे क्या होने वाला है
सरकारी सूत्रों और अधिकारियों की तरफ से अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन केंद्रीय और राज्य स्तर पर जांच शुरू होने की उम्मीद है।
छह बार डिप्टी सीएम बनने वाले अजित पवार का सियासी सफर, सत्ता के हर समीकरण में निभाई अहम भूमिका
महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार का नाम उन नेताओं में शुमार है, जिन्होंने सत्ता के बदलते दौर में खुद को हर बार प्रासंगिक बनाए रखा। रणनीतिक फैसलों, संगठन पर पकड़ और निर्णायक राजनीति के चलते वे अब तक छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे।
अजित पवार पहली बार नवंबर 2010 में उपमुख्यमंत्री बने। इसके बाद उसी वर्ष दूसरी बार उन्हें यह जिम्मेदारी मिली। इसके बाद 2019 में उन्होंने देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, हालांकि यह सरकार अल्पकालिक रही।
जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाविकास अघाड़ी की सरकार बनी, तब भी अजित पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद 2023 में राजनीतिक समीकरण बदले और वे शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होकर एक बार फिर डिप्टी सीएम बने।
2024 में वे छठी बार उपमुख्यमंत्री बने, जो महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी गई।
2022 में आया सियासी टर्निंग पॉइंट, चाचा से अलग चुनी अपनी राह
अजित पवार ने राजनीति में कदम अपने चाचा शरद पवार के मार्गदर्शन में रखा था, लेकिन 2022 में उनके राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा मोड़ आया।
जब शरद पवार ने अपनी बेटी सुप्रिया सुले को राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में आगे बढ़ाना शुरू किया, तब अजित पवार ने अपनी अलग राजनीतिक राह चुनने का फैसला किया।
उन्होंने एनसीपी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल होने का कदम उठाया।
2023 में अजित पवार ने पार्टी संगठन पर मजबूत पकड़ बनाई और एनसीपी के नेतृत्व पर नियंत्रण स्थापित किया।
2024 में वे सत्ता में अपनी स्थिति को और मजबूत करने में सफल रहे और खुद को महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रभावशाली केंद्र के रूप में स्थापित किया।
महाराष्ट्र की राजनीति में मजबूत पकड़
लंबे राजनीतिक अनुभव और सत्ता के गलियारों की गहरी समझ के चलते अजित पवार ने खुद को केवल एक नेता नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में स्थापित किया।
उनका सियासी सफर यह दर्शाता है कि वे बदलते राजनीतिक हालात में भी निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता रखते थे।

