मध्य पूर्व में हालात बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। तेहरान और वाशिंगटन के बीच युद्ध की सुगबुगाहट अब खुली सैन्य तैयारी में बदलती नजर आ रही है। अमेरिकी धमकियों के बीच ईरान ने भी साफ संकेत दे दिए हैं कि अगर हमला हुआ, तो जवाब ऐसा होगा जिससे पूरा क्षेत्र थर्रा उठेगा।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान पर संभावित हमले की पूरी तैयारी कर ली है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी मिलते ही सैन्य कार्रवाई शुरू हो सकती है। इसके जवाब में ईरान ने युद्ध की शुरुआत में ही अमेरिका को निर्णायक झटका देने की रणनीति तैयार कर ली है, ताकि पूरे मध्य पूर्व में अफरातफरी मच जाए।
आंतरिक मोर्चे पर सख्ती, गवर्नरों को मिले विशेष अधिकार
युद्ध की आशंका को देखते हुए ईरान ने देश के सभी प्रांतों के गवर्नरों की शक्तियां बढ़ा दी हैं। अब वे आपूर्ति, संसाधन और सुरक्षा से जुड़े फैसले अपने विवेक से ले सकेंगे। इसका मकसद युद्ध के दौरान देश के भीतर अराजकता को रोकना और अमेरिका को लंबे समय तक उलझाए रखना है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर सबसे बड़ा दांव
ईरान की रणनीति का सबसे खतरनाक हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने पानी के भीतर मिसाइलें और विस्फोटक तैनात कर दिए हैं। युद्ध शुरू होते ही होर्मुज को बंद करने की योजना है, जिससे एशिया और मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति ठप हो सकती है और वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो जाएगा।
40 हजार अमेरिकी सैनिक निशाने पर
ईरान ने लगभग 40,000 अमेरिकी सैनिकों को अपनी ‘हिटलिस्ट’ में शामिल किया है। तेहरान का दावा है कि अगर युद्ध छिड़ा, तो अमेरिकी हताहतों की संख्या अफगानिस्तान युद्ध से भी ज्यादा हो सकती है। ईरान इसे अमेरिकी सैन्य तंत्र की कमर तोड़ने वाला कदम मान रहा है।
प्रॉक्सी वॉर से घिरेगा अमेरिका
ईरान सीधे टकराव के साथ-साथ प्रॉक्सी युद्ध की भी तैयारी कर चुका है। यमन के हूती विद्रोही, लेबनान का हिजबुल्लाह और इराक के सशस्त्र गुट अमेरिकी ठिकानों और हितों पर हमले कर सकते हैं। लाल सागर से लेकर खाड़ी क्षेत्र तक तनाव फैलने की आशंका है।
सुप्रीम लीडर की सुरक्षा सबसे ऊपर
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल उनके छोटे बेटे प्रशासनिक कामकाज देख रहे हैं, ताकि किसी भी तख्तापलट या अंदरूनी साजिश को नाकाम किया जा सके।
सैन्य ताकत में ईरान कोई कमजोर खिलाड़ी नहीं
ग्लोबल फायर पावर के अनुसार, ईरान सैन्य शक्ति के मामले में दुनिया में 16वें स्थान पर है।
- 6.10 लाख सक्रिय सैनिक
- 3 लाख से ज्यादा रिजर्व फोर्स
- 1.5 लाख की रिवोल्यूशनरी गार्ड
- 188 लड़ाकू विमान
- 129 हेलिकॉप्टर
- 1500+ मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम
- मजबूत पनडुब्बी बेड़ा
तेहरान और वाशिंगटन के बीच टकराव अब सिर्फ बयानबाज़ी नहीं रहा। अगर जंग शुरू होती है, तो उसका असर केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरा मध्य पूर्व और वैश्विक अर्थव्यवस्था इसकी चपेट में आ सकती है। दुनिया की नजरें अब व्हाइट हाउस और तेहरान—दोनों पर टिकी हैं।

