पटना। बिहार में सार्वजनिक स्थानों और वाहनों में अश्लील एवं द्विअर्थी गाने बजाने वालों के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस मुख्यालय को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि भोजपुरी, मगही, मैथिली या किसी भी भाषा में फूहड़ और अश्लील गानों(Vulger Songs) को तत्काल रोका जाए।

उन्होंने कहा कि बस, ऑटो, टैक्सी, ट्रेन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर ऐसे गाने बजाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। आदेश के बाद राज्यभर में पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
सम्राट चौधरी ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे मामलों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील गानों से समाज में फूहड़ता बढ़ती है और इसका सबसे नकारात्मक प्रभाव बच्चों और युवाओं की मानसिकता पर पड़ता है। साथ ही, यह महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती है।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देना सरकार की प्राथमिकता है, और इसी उद्देश्य से अश्लील गानों पर प्रतिबंध अनिवार्य हो गया है। इस फैसले के बाद बिहार पुलिस ने ‘अश्लील गाने नहीं, सभ्य समाज बनाएं’ के संकल्प के साथ राज्यव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अब किसी भी सार्वजनिक स्थल या वाहन में अश्लील गाना बजाना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा भी हो सकती है।
कानूनी प्रावधानों के तहत पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 296, 79 सहित अन्य सुसंगत धाराओं में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करेगी।
बिहार पुलिस ने ‘जन विश्वास हमारा संकल्प’ अभियान के तहत आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की अश्लीलता का विरोध करें और इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें। सरकार का मानना है कि जनभागीदारी और सख्त कानून के माध्यम से ही बिहार को एक सभ्य और सुरक्षित राज्य बनाया जा सकता है।

