ढाका/टोक्यो। बांग्लादेश में आगामी चुनावों से पहले यूनुस सरकार ने ट्रेड डिप्लोमेसी के मोर्चे पर एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। भारत के करीबी और भरोसेमंद मित्र जापान के साथ बांग्लादेश ने इकॉनमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (EPA) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस समझौते को बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के लिए सही समय पर उठाया गया एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
जापान की राजधानी टोक्यो में हुए इस समझौते से न सिर्फ दोनों देशों के बीच व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि निवेश, तकनीकी सहयोग, सर्विस सेक्टर और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में भी दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी का रास्ता खुलेगा।
सिर्फ ड्यूटी-फ्री नहीं, दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग का रोडमैप
यह समझौता केवल ड्यूटी-फ्री मार्केट एक्सेस तक सीमित नहीं है। इसके तहत दोनों देशों के बीच
- निवेश सुरक्षा
- टेक्नोलॉजी ट्रांसफर
- सर्विस सेक्टर में ट्रेड
- स्किल्ड ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट
- और मजबूत सप्लाई चेन सहयोग
जैसे क्षेत्रों में व्यापक और संरचित सहयोग तय किया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह डील बांग्लादेश को क्षेत्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति दिला सकती है।
चार साल में पूरा हुआ समझौता, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड से भी तेज़
बांग्लादेश-जापान आर्थिक साझेदारी समझौते की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज़ गति है। यह एग्रीमेंट सिर्फ चार साल में पूरा हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से बेहद कम समय माना जाता है।
इसकी शुरुआत 2022 में दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ पर गठित जॉइंट स्टडी टीम से हुई थी। टीम का मकसद लंबे समय के लिए मजबूत और संरचित दोतरफा आर्थिक रिश्तों का फ्रेमवर्क तैयार करना था।
दिसंबर 2023 में सिफारिशें सौंपने के बाद, 12 मार्च 2024 को औपचारिक बातचीत शुरू हुई। 2024 और 2025 के दौरान ढाका और टोक्यो में कुल सात दौर की बातचीत हुई, जिसमें टैरिफ, नॉन-टैरिफ बाधाएं, सर्विस सेक्टर, बौद्धिक संपदा अधिकार, लेबर और पर्यावरण मानकों जैसे मुद्दों पर सहमति बनी।
सितंबर 2025 में ड्राफ्ट फाइनल हुआ और 22 दिसंबर को बांग्लादेश के कॉमर्स एडवाइजर शेख बशीरुद्दीन तथा जापान के विदेश मंत्री इवाओ होरी ने बातचीत पूरी होने की औपचारिक घोषणा की।
बांग्लादेश को 7,379 उत्पादों पर ड्यूटी-फ्री एक्सेस
बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते के लागू होते ही
- बांग्लादेश को जापान में 7,379 उत्पादों पर ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा
- जबकि जापान को बांग्लादेश में 1,039 उत्पादों पर यह सुविधा दी जाएगी
सबसे अहम बात यह है कि बांग्लादेश का प्रमुख निर्यात क्षेत्र रेडीमेड गारमेंट्स समझौते के साथ ही जापान में पूरी तरह ड्यूटी-फ्री हो जाएगा। इसके अलावा गारमेंट सेक्टर के लिए स्टेप-अप प्रोडक्शन ट्रांसफॉर्मेशन का प्रावधान भी शामिल है, जिससे प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
सर्विस सेक्टर और निवेश में भी बड़ा विस्तार
समझौते के तहत सर्विस सेक्टर में भी बड़े स्तर पर प्रतिबद्धताएं की गई हैं।
- बांग्लादेश जापान के लिए 97 सब-सेक्टर खोलेगा
- जबकि जापान चार अलग-अलग मैकेनिज्म के जरिए बांग्लादेश के लिए 120 सब-सेक्टर खोलेगा
इससे बांग्लादेश में जापानी निवेश, तकनीकी सहयोग और कुशल मानव संसाधन के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
दोनों देशों के बीच कितना है व्यापार?
बांग्लादेश बैंक के आंकड़ों के मुताबिक,
- वित्तीय वर्ष 2024-25 में बांग्लादेश ने जापान से 1.8745 बिलियन डॉलर का आयात किया
- और जापान को 1.4115 बिलियन डॉलर का निर्यात किया
वहीं, 2020 से 30 सितंबर 2025 तक बांग्लादेश में जापान का कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 469.6 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 तक जापान के कमिटेड लोन 32.32 बिलियन डॉलर रहे, जिनमें से 22.36 बिलियन डॉलर माफ किए जा चुके हैं।
LDC से बाहर निकलने की चुनौती में बड़ी राहत
जॉइंट स्टडी टीम ने आगाह किया था कि बांग्लादेश के जल्द ही कम विकसित देश (LDC) की श्रेणी से बाहर निकलने के बाद मौजूदा ड्यूटी-फ्री सुविधाएं खत्म हो सकती हैं। ऐसे में जापान जैसी दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था के साथ यह साझेदारी बांग्लादेश के निर्यात सेक्टर की प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए बेहद अहम होगी।
गारमेंट इंडस्ट्री एसोसिएशन के पूर्व निदेशक मोहिउद्दीन रुबेल के मुताबिक,
“सिर्फ चार साल में किसी विकसित देश के साथ इतना जटिल समझौता पूरा करना दिखाता है कि स्पष्ट रणनीति, राजनीतिक इच्छाशक्ति और फोकस्ड बातचीत के दम पर बांग्लादेश हाई-इम्पैक्ट अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां बना सकता है।”

