मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग के बाद देश की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि जिन व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगे हों, उन्हें भारत रत्न(Bharat Ratna) जैसे सर्वोच्च सम्मान से नवाज़ना देश की गरिमा पर सवाल खड़े करता है।
भाई जगताप ने कहा कि भारत रत्न केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं और देश की प्रतिष्ठा से जुड़ा सम्मान है। उन्होंने कहा कि अब तक यह सम्मान उन्हीं महान व्यक्तित्वों को दिया गया है, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र, समाज या किसी बड़े उद्देश्य के लिए समर्पित किया।
विवादित नामों को सम्मान देना समझ से परे – भाई जगताप
कांग्रेस नेता ने कहा, “भारत रत्न (Bharat Ratna)से बड़ा कोई सम्मान नहीं है। संघ प्रमुख किसी संगठन के प्रमुख हैं, देश के नहीं। वीर सावरकर पर लगे आरोपों के बीच इस तरह की मांग समझ से परे है। अगर विवादित व्यक्तियों को भारत रत्न दिया गया, तो इसकी समीक्षा पूरा देश करेगा और सम्मान की गरिमा पर गंभीर सवाल उठेंगे।”
उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार में ऐसे कई मंत्री हैं जिन पर आरोप लगने की बातें रिपोर्ट्स में सामने आती रही हैं। ऐसे माहौल में भारत रत्न देने का फैसला सम्मान की तौहीन जैसा होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे को बेवजह हवा नहीं देना चाहते, अंतिम फैसला सरकार का होगा और जवाब जनता देगी।
कानून-व्यवस्था, कलाकार और राजनीति पर भी सरकार को घेरा
संघ प्रमुख के एक कार्यक्रम में अभिनेता सलमान खान की मौजूदगी पर प्रतिक्रिया देते हुए भाई जगताप ने कहा कि खेल और कला को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज कलाकारों को खुलेआम धमकियां मिल रही हैं, फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की घटना सामने आई है और गैंगस्टरों में कानून का कोई डर नहीं दिख रहा।
उन्होंने कहा कि 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड के खौफ पर काबू पाया गया था, लेकिन आज हालात फिर से चिंता पैदा कर रहे हैं, जो सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
तीन बच्चों वाले बयान पर भी जताई नाराज़गी
संघ प्रमुख के तीन बच्चों से जुड़े बयान को हास्यास्पद बताते हुए भाई जगताप ने कहा कि जब भारत पहले ही जनसंख्या के मामले में दुनिया में नंबर एक है, तब इस तरह की सलाह देना गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं पहले से ज्यादा असुरक्षित हैं और युवा खुद यह तय करने में सक्षम हैं कि उन्हें कब और किससे शादी करनी है।
अन्य मुद्दों पर भी रखी बेबाक राय
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर लगाए गए आरोपों पर भाई जगताप ने कहा कि केवल आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा, अगर आरोप सही हैं तो कार्रवाई होनी चाहिए।
बीएमसी में रितु तावड़े के मेयर बनने और घुसपैठियों पर दिए गए बयान को लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार चारों तरफ है, कानून भी मौजूद है, फिर पिछले 12 वर्षों में कितने घुसपैठियों को निकाला गया, यह जनता को बताया जाना चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि संसद देश का पवित्र मंदिर है, लेकिन वहां विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन जैसे गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा से बचा जा रहा है।
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े विमान हादसे के सवाल पर भाई जगताप ने कहा, “जहां धुआं होता है, वहां आग भी होती है।” उन्होंने 18 साल पुराने विमान, लैंडिंग प्रक्रिया और तकनीकी खामियों पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।
वहीं मीडिया को दिए बयान में उन्होंने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर कहा कि खेल, कला और संगीत को राजनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। भारत का क्रिकेट में दबदबा रहा है और विश्व कप जैसे आयोजनों को राजनीतिक नजरिये से देखना ठीक नहीं है।

