मुंबई। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में महिलाओं की सुरक्षा(Women Security) को लेकर विधानभवन में उपसभापति डॉ. नीलम गोऱ्हे की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। राज्यव्यापी सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट की समीक्षा के लिए बुलाई गई इस बैठक में प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि रिपोर्ट में सुझाए गए सभी उपाय निश्चित समयसीमा में लागू किए जाएं।

बदलापुर में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म की घटना और स्वारगेट बस स्टेशन प्रकरण की पृष्ठभूमि में यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से राज्य के 242 स्थानों पर किए गए सेफ्टी ऑडिट में बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े स्थलों का निरीक्षण कर सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था, महिला पुलिस गश्त, हेल्पलाइन, पैनिक बटन, शौचालय, शिकायत प्रणाली और ‘हिरकणी कक्ष’ जैसी सुविधाओं की स्थिति की जांच की गई।
रिपोर्ट में सामने आया कि कई स्थानों पर सुविधाएं मौजूद होने के बावजूद उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। विशेष रूप से पैनिक बटन प्रणाली के निष्क्रिय पाए जाने पर डॉ. गोऱ्हे ने इसे नियंत्रण कक्ष और व्हॉट्सऐप नंबर से सीधे जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में महिलाओं को तुरंत सहायता मिल सके।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि स्कूल बसों को स्कूल परिसर के भीतर ही खड़ा किया जाए और बस चालकों व कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। बस स्टेशनों पर सीसीटीवी संबंधी स्पष्ट सूचना पट्ट लगाए जाएं तथा पैनिक बटन के उपयोग को लेकर जनजागरूकता बढ़ाई जाए।

डॉ. गोऱ्हे ने यह भी कहा कि पीड़ित बालिकाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, इसकी समीक्षा की जाए और आवश्यकता पड़ने पर परामर्श (काउंसलिंग) सुविधा उपलब्ध कराई जाए। असंगठित क्षेत्र की महिला कामगारों की सुरक्षा के लिए अलग योजना तैयार करने और उनके पंजीकरण हेतु विशेष ऐप विकसित करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया।
परिवहन विभाग ने जानकारी दी कि 633 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं और प्रत्येक बस स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति की गई है। स्कूल बसों में महिला सहायकों की नियुक्ति अनिवार्य की गई है तथा जल्द ही सभी बसों में सीसीटीवी, जीपीएस और पैनिक बटन प्रणाली अनिवार्य कर उसे पुलिस विभाग से जोड़ा जाएगा।
पुलिस विभाग ने बताया कि स्कूल छुट्टी के समय गश्त बढ़ा दी गई है और प्रत्येक पुलिस चौकी में ‘भरोसा सेल’ सक्रिय है। साथ ही वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर की नियमित समीक्षा कर वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक अश्वती दोर्जे, परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर, उपसचिव (स्कूली शिक्षा) तुषार महाजन, कामगार कल्याण आयुक्त भास्कर मोराडे, उपायुक्त (महिला एवं बाल कल्याण) राहुल मोरे, एसटी महामंडल के सुरक्षा एवं सतर्कता अधिकारी श्री तिकोटकर, शारदा साठे तथा स्त्री मुक्ती परिषद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के अंत में प्रत्येक बस स्टेशन पर महिला कर्मचारियों की नियुक्ति कर अलग सहायता केंद्र शुरू करने, रेलवे और एसटी के लिए पृथक सतर्कता समितियां गठित करने तथा शौचालय और ‘हिरकणी कक्ष’ की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपसभापति कार्यालय के माध्यम से स्वतंत्र महिला सुरक्षा समिति गठित कर सेफ्टी ऑडिट की सभी सिफारिशों को चरणबद्ध और कड़ाई से लागू किया जाएगा, ऐसा आश्वासन डॉ. गोऱ्हे ने दिया।

