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PM-E बस सर्विस स्कीम में 200 किमी प्रतिदिन लक्ष्य कम करने की मांग, सांसद नरेश म्हस्के ने उठाया मुद्दा

सांसद नरेश म्हस्के ने संसद की स्थायी समिति की बैठक में PM-E बस सर्विस स्कीम के तहत प्रतिदिन 200 किमी बस संचालन लक्ष्य घटाकर 150 किमी करने और ठाणे क्षेत्र के लिए अधिक बसें देने की मांग उठाई
सांसद नरेश म्हस्के ने संसद की स्थायी समिति की बैठक में PM-E बस सर्विस स्कीम के तहत प्रतिदिन 200 किमी बस संचालन लक्ष्य घटाकर 150 किमी करने और ठाणे क्षेत्र के लिए अधिक बसें देने की मांग उठाई
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ठाणे / नई दिल्ली | संवाददाता। शहरी विकास एवं आवास मंत्रालय की स्थायी समिति की बैठक बुधवार को संसद भवन, नई दिल्ली में श्री मंगुथा श्रीनिवासुल रेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में PM-E बस सर्विस स्कीम की प्रगति और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान ठाणे लोकसभा क्षेत्र के सांसद नरेश म्हस्के ने योजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।

सांसद नरेश म्हस्के ने सबसे पहले देश के विभिन्न शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्थानीय निकायों को दी जा रही सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पूरे देश में 10,000 नई बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।

योजना के अंतर्गत ठाणे शहर के लिए 100 और मीरा-भायंदर के लिए 60 नई बसें शामिल करने की प्रक्रिया जारी है। सांसद म्हस्के ने केंद्र सरकार से मांग की कि बसों को 10 वर्षों तक चलाने के लिए दी जाने वाली सब्सिडी की अवधि और सहायता को बढ़ाया जाए, ताकि नगर निगमों पर वित्तीय बोझ कम हो सके।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नगर निगमों को प्रतिदिन 200 किलोमीटर बस चलाने का जो लक्ष्य दिया गया है, उसे घटाकर 150 किलोमीटर प्रतिदिन किया जाए, क्योंकि कई शहरों में इतनी लंबी दूरी रोजाना तय करना व्यावहारिक नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने ठाणे लोकसभा क्षेत्र के लिए और अधिक बसें उपलब्ध कराने की मांग भी बैठक में रखी।

बैठक के दौरान देशभर में इस योजना के तहत हो रही प्रगति की समीक्षा की गई। सांसद नरेश म्हस्के ने ई-बसों में आने वाली तकनीकी समस्याओं, बैटरी से जुड़ी दिक्कतों जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।

इसके अलावा उन्होंने स्मार्ट ट्रैकिंग सिस्टम, ग्रीन एनर्जी पेमेंट सिक्योरिटी सिस्टम, प्रदूषण फैलाने वाली पुरानी बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाने और ई-बसों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ड्राइवर और कंडक्टर को विशेष प्रशिक्षण देने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

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