भिवंडी। विद्युत क्षेत्र में कार्य करते समय सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना अत्यंत आवश्यक है और संभावित दुर्घटनाओं से बचने के लिए ‘चेकलिस्ट’ (जांच सूची) सबसे महत्वपूर्ण साधन है। प्रत्येक कर्मचारी को इसे अपनी कार्यप्रणाली का अनिवार्य हिस्सा बनाना चाहिए। यह बात कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के आयुक्त अभिनव गोयल ने कही।

राष्ट्रीय विद्युत सुरक्षा अभियान के तहत 10 मार्च 2026 को कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आचार्य अत्रे कॉन्फ्रेंस हॉल में एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर उद्घाटन भाषण देते हुए आयुक्त अभिनव गोयल ने कहा कि विद्युत सुरक्षा केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
संगोष्ठी (Safety Seminar) में विभिन्न विशेषज्ञों ने बिजली से जुड़े तकनीकी विषयों और सुरक्षा उपायों पर विस्तृत जानकारी दी।
विद्युत निरीक्षक राजेश यादव (ठाणे-2) ने ‘विद्युत अधिनियम 2003’ और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण विनियमन 2023 के महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमों की सही जानकारी ही दुर्घटनाओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
सहायक विद्युत निरीक्षक अर्जुन जाधव (ठाणे-2) ने महाराष्ट्र में विद्युत क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाओं, उनके कारणों और उन्हें रोकने के उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
वहीं शाखा अभियंता भूषण मानकामे ने विद्युत इंस्टॉलेशन पर काम करते समय बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम में शहर अभियंता अनीता परदेशी, महावितरण के अधीक्षक अभियंता अनिल थोरात, केडीएमसी के अतिरिक्त शहर अभियंता (विद्युत) प्रशांत भागवत, कार्यकारी अभियंता जितेंद्र शिंदे, उप अभियंता भगवत पाटिल, जितेंद्र पाटिल सहित कई अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस संगोष्ठी में कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर, ठाणे, भिवंडी और नवी मुंबई नगर निगमों के विद्युत अभियंता, कर्मचारी, ठेकेदार और महावितरण के कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने विद्युत सुरक्षा की शपथ लेकर सुरक्षित कार्य करने का संकल्प लिया।

