
मुंबई। मुंबई में रोबोटिक तकनीक की मदद से बिना सीमेंट वाला टोटल घुटना प्रत्यारोपण (Uncemented Total Knee Replacement) सफलतापूर्वक किया गया। यह सर्जरी प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विविद्ध मकवाना ने की।
इस आधुनिक प्रक्रिया में रोबोटिक तकनीक की सहायता से सर्जरी से पहले घुटने का 3D मैप तैयार किया जाता है, जिससे ऑपरेशन के दौरान इम्प्लांट को बेहद सटीकता से लगाया जा सकता है। पारंपरिक घुटना प्रत्यारोपण में जहां इम्प्लांट को हड्डी से जोड़ने के लिए बोन सीमेंट का उपयोग किया जाता है, वहीं इस नई तकनीक में छिद्रयुक्त (porous) इम्प्लांट लगाया जाता है, जिसमें मरीज की हड्डी धीरे-धीरे विकसित होकर उसे प्राकृतिक रूप से मजबूत पकड़ देती है। इसे जैविक स्थिरीकरण (Biological Fixation) कहा जाता है।
डॉ. मकवाना के अनुसार, घुटने के उन्नत ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित मरीजों के लिए इस तरह की सर्जरी से न केवल दर्द में राहत मिलती है, बल्कि चलने-फिरने की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
डॉक्टरों का कहना है कि यह तकनीक खासतौर पर उन मरीजों के लिए उपयुक्त हो सकती है जिनकी हड्डियों की गुणवत्ता अच्छी होती है। सर्जरी के बाद नियमित फिजियोथेरेपी और पुनर्वास से मरीज की ताकत और गतिशीलता तेजी से सुधरती है।

