मुंबई/नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने ग्रेट निकोबार द्वीप की अपनी हालिया यात्रा के बाद केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस परियोजना को सरकार “विकास” बता रही है, वह दरअसल देश की प्राकृतिक और आदिवासी विरासत के साथ एक बड़ा अन्याय है। (Rahul Gandhi Levels Serious Allegations)
राहुल गांधी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ग्रेट निकोबार के जंगल उनके जीवन में देखे गए सबसे अद्भुत वनों में से हैं—ऐसे पेड़ जो पीढ़ियों से खड़े हैं और ऐसी पारिस्थितिकी जो सदियों में विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि यहां के आदिवासी समुदाय और बसने वाले लोग बेहद सरल और सुंदर हैं, लेकिन उनसे उनका अधिकार छीना जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना के तहत लाखों पेड़ों की कटाई की तैयारी है और करीब 160 वर्ग किलोमीटर वर्षावन को नष्ट किया जा रहा है। उनके अनुसार, स्थानीय समुदायों की आवाज को नजरअंदाज कर उनके घर और आजीविका पर संकट खड़ा किया गया है।
राहुल गांधी ने कहा, “यह विकास नहीं है, बल्कि विकास की भाषा में छिपा विनाश है।” उन्होंने इसे देश के पर्यावरण और आदिवासी विरासत के खिलाफ सबसे बड़े अपराधों में से एक बताते हुए कहा कि इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे इस मुद्दे को समझें और आवाज उठाएं, ताकि ग्रेट निकोबार की प्राकृतिक धरोहर और वहां के लोगों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।

