ठाणे: दिवा, मुंब्रा, कलवा और वागळे एस्टेट प्रभाग समिति क्षेत्र में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा चल रहे सड़क विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। लगभग 178 करोड़ की लागत वाले इन प्रोजेक्ट्स में कई स्थानों पर बिना वास्तविक काम पूरा किए ही बिल पास किए जाने का दावा किया गया है।(178 Crore Roadworks Corruption)
इस संबंध में मनसे विभागाध्यक्ष शरद पाटील ने 12 दिसंबर 2025 को आयुक्त सौरभ राव को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। साथ ही सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी का भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई है।
शिकायत के अनुसार, दिवा प्रभाग समिति के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण सड़कों के कार्य कागजों में पूरे दिखाए गए हैं, जबकि हकीकत में वे अधूरे हैं या शुरू ही नहीं हुए हैं। इनमें कल्याण-डोंबिवली मार्ग से जुड़ने वाली सड़कें, बीएसयूपी प्रोजेक्ट क्षेत्र के डीपी रोड, तथा दिवा रेलवे स्टेशन परिसर में सड़क चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के कार्य शामिल हैं। इस मामले में सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता दीपक माने की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कुछ मामलों में बिना काम हुए ही ठेकेदारों को भुगतान किया गया।
साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि वे आरटीआई अपील के दौरान आवेदकों को बुलाकर स्वयं कई बार अनुपस्थित रहते हैं, जिससे मांगी गई जानकारी देने से बचा जा सके। मुंब्रा देवी कॉलोनी से दातेवली सड़क तक बनाई गई नालियों (गटर) के कार्यों में भी करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, नालियां अधूरी बनाई गई, लेकिन उनके पूरे बिल पास कर दिए गए।
शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित सभी 17 सड़क परियोजनाओं की गहन जांच कराई जाए और अब तक जारी किए गए फंड का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। साथ ही पूरे मामले पर श्वेतपत्र जारी कर करदाताओं के पैसे के उपयोग में पारदर्शिता लाई जाए। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनसे सचिव प्रशांत गावड़े ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की जाएगी।

