मुंबई: आगामी राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर महा विकास अघाड़ी (मविआ) के घटक दलों ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। विधान परिषद चुनाव में अम्बादास दानवे को महाविकास आघाड़ी का उम्मीदवार घोषित किया गया है, जिन्हें कांग्रेस का स्पष्ट समर्थन मिलेगा। यह जानकारी महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दी।(Legislative Council Elections)
गांधी भवन में हुई अहम बैठक
मुंबई के गाँधी भवन में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें Vijay Wadettiwar, Satej Patil, Supriya Sule, Anil Parab, Anil Desai और Milind Narvekar समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक के दौरान Uddhav Thackeray और Ramesh Chennithala से भी चर्चा की गई।
साझा रणनीति पर सहमति
बैठक में विधान परिषद और राज्यसभा चुनावों के साथ-साथ भाजपा के खिलाफ रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि 2019 में बनी महाविकास आघाड़ी ने संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम किया है और आगे भी करती रहेगी।
कांग्रेस को मिलेगा प्राथमिक प्रतिनिधित्व
नेताओं ने बताया कि राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस को मौका दिया गया था, जबकि इस बार विधान परिषद में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) को प्रतिनिधित्व मिल रहा है। आने वाले चुनावों में कांग्रेस को प्राथमिकता देने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई है।
उद्धव ठाकरे के फैसले की सराहना
Uddhav Thackeray द्वारा स्वयं चुनाव न लड़कर Ambadas Danve को उम्मीदवार बनाने के निर्णय को उनकी राजनीतिक ईमानदारी का उदाहरण बताया गया। कांग्रेस ने इसे महाविकास आघाड़ी का सामूहिक निर्णय मानते हुए पूरा समर्थन देने की बात कही।
भाजपा के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा
मविआ नेताओं ने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग और सत्ता के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही, राज्य में सत्तारूढ़ महायुति के अन्य घटकों के खिलाफ भी लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।

