मुंबई: सॉफ्टबैंक समर्थित एंटरप्राइज एआई कंपनी Findability Sciences ने डेयरी और व्हे प्रोसेसिंग प्लांट्स के लिए अपना नया प्लेटफॉर्म LactaAI लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह प्लेटफॉर्म बड़े डेयरी प्लांट्स के मुनाफ़े में सालाना 2.35 करोड़ से 28.2 करोड़ रुपये तक की बढ़ोतरी करने में मदद कर सकता है।
उत्पादन और ऊर्जा दक्षता में सुधार
यह प्लेटफॉर्म उत्पादन में 0.5 से 1.5 प्रतिशत तक सुधार, वाष्पीकरण और ड्राइंग प्रक्रियाओं में 5 से 10 प्रतिशत ऊर्जा बचत, और तेज़ निर्णय प्रक्रिया के जरिए लागत कम करने में सहायक होगा।
क्या बोले CEO?
कंपनी के संस्थापक और CEO Anand Mahurkar ने कहा कि डेयरी उद्योग को अब सिर्फ डैशबोर्ड नहीं, बल्कि ऐसे इंटेलिजेंस की जरूरत है जो सीधे निर्णय लेने में मदद करे। उनके अनुसार, “उच्च उत्पादन वाले प्लांट में 1% सुधार भी बड़ा आर्थिक असर डालता है।”
कैसे काम करता है LactaAI?
LactaAI प्लेटफॉर्म डेयरी प्लांट्स के जटिल डेटा को समझकर तीन अहम सवालों के जवाब देता है—क्या हो रहा है, क्यों हो रहा है और क्या सुधार करना चाहिए।
प्लेटफॉर्म की दो मुख्य क्षमताएं
Lacta Insight: रियल-टाइम प्रोसेस इनसाइट देता है, जिससे उत्पादन को प्रेडिक्टिव और ऑप्टिमाइज़ किया जा सकता है।
Lacta BPC: एक कन्वर्सेशनल AI लेयर, जो आसान भाषा में ऑपरेशनल और बिजनेस सवालों के जवाब देता है।
मौजूदा सिस्टम के साथ इंटीग्रेशन
यह प्लेटफॉर्म PLC, SCADA, ERP जैसे मौजूदा सिस्टम्स के साथ आसानी से जुड़ जाता है, जिससे प्लांट को अपने पुराने सिस्टम बदलने की जरूरत नहीं पड़ती।
डेयरी सेक्टर के लिए गेम चेंजर
भारत के विशाल डेयरी सेक्टर में हर दिन भारी मात्रा में डेटा उत्पन्न होता है, जो अक्सर उपयोग में नहीं आ पाता। LactaAI इस डेटा को उपयोगी निर्णयों में बदलकर प्लांट की दक्षता और मुनाफ़े को बढ़ाने का काम करेगा।
कंपनी के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म डेयरी उद्योग के लिए “Applied AI” का एक मजबूत उदाहरण है, जो सीधे उत्पादन और लागत पर सकारात्मक असर डाल सकता है।

