मुंबई: पमुंबई के मलबार हिल स्थित सिमलानगर बुद्ध विहार में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर तथागत गौतम बुद्ध की 2570वीं जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। यह आयोजन नालंदा बौद्ध सेवा संघ (रजि.) के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता समाजभूषण बौद्धाचार्य सो.ना. कांबळे गुरुजी ने की।(Lord Gautam Buddha Birth Anniversary)
कार्यक्रम की शुरुआत गौतम बुद्ध और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इस अवसर पर मलबार हिल पुलिस स्टेशन के एपीआई रणजीत भीमराव चव्हाण, निलेश फडतरे, कोमल घाटगे और दिलीपसिंह नेगी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। वरिष्ठ विलास रामदास भोसले के मार्गदर्शन में बुद्ध पूजन और बुद्ध वंदना का आयोजन किया गया।
इस मौके पर एपीआई रणजीत चव्हाण ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन त्रिउत्सव का प्रतीक है, जिसमें बुद्ध पूर्णिमा, मजदूर दिवस और महाराष्ट्र दिवस एक साथ मनाए जा रहे हैं। उन्होंने बुद्ध के “बुद्ध, धम्म, संघ” और डॉ. आंबेडकर के “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।
अध्यक्षीय भाषण में बौद्धाचार्य सो.ना. कांबळे ने कहा कि आज दुनिया को युद्ध नहीं, बल्कि बुद्ध के शांति और भाईचारे के विचारों की जरूरत है। उन्होंने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के 105 हुतात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य निर्माण और श्रमिकों के उत्थान में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के योगदान को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विठ्ठल सोनकांबळे, एस.टी. घुमरे, राम धबाले, दीपक लामतूरे, सिद्धार्थ घुमरे, चांगुनाबाई लामतुरे, विमल ससाणे, शांताबाई घुमरे, मीना घुमरे सहित अनेक लोगों ने योगदान दिया।

