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CBI Files Charge Sheet: सीबीआई ने बिल्डर-बैंकों के आपराधिक साजिश में शामिल होने के आरोप में आरोपपत्र दाखिल किया!

CBI Files Charge Sheet
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CBI Files Charge Sheet: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को बिल्डरों और बैंकों के अधिकारियों के साथ फर्जी घर खरीदारों के खिलाफ एक आपराधिक साजिश में शामिल होने के आरोप में आरोपपत्र दाखिल किया। इस साजिश से बैंकों और घर खरीदारों को आर्थिक नुकसान हुआ है।

आरोप पत्र में एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, एवीजे डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, केसर बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, उनके निदेशकों बैंक ऑफ़ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक और यूको बैंक के अधिकारियों के साथ-साथ फर्जी घर खरीददारों के नाम है।

जांच से पता चला कि बिल्डर कंपनियों और उनके निदेशकों ने, सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों के साथ मिलकर, गैर-कानूनी वित्तीय फायदे पाने के लिए कथित तौर पर झूठे भरोसे और फर्जी आश्वासन देकर घर खरीददारों और निवेशकों को गुमराह किया।

जांच में यह भी उभर कर सामने आया कि कुछ सरकारी कर्मचारियों ने कथित तौर पर बिल्डर की गैर-कानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपने आधिकारिक पदों का गलत इस्तेमाल किया, जो तय नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन था, जिससे बिल्डर कंपनियों को गलत वित्तीय फायदा हुआ और वित्तीय संस्थानों और घर खरीददारों को भी नुकसान हुआ।

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जांच में पता चला कि कुछ निजी लोगों ने फर्जी घर खरीददार के तौर पर काम किया और बिल्डरों के साथ मिलकर, होम लोन लेने के लिए वित्तीय संस्थानों के सामने गलत बातें बताईं। इन कामों से बिल्डर कंपनियों को गलत वित्तीय फायदा हुआ और बैंकों को नुकसान हुआ। इन फर्जी घर खरीददारों के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया गया है।

केसर बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड की पहचान एक सहयोगी कंपनी के तौर पर हुई है, जिसका इस्तेमाल फंड भेजने के लिए किया जाता था। आरोप पत्र भारतीय दंड संहिता (भादंस) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सक्षम अदालत में दायर किया गया है।

एजेंसी ने कहा कि जांच में काफी सबूत मिले हैं, जो सरकारी पदों के गलत इस्तेमाल, फंड का परिवर्तन और गलत इस्तेमाल, और खरीदारों को लक्ष्य करके धोखाधड़ी करने की एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हैं। एजेंसी अभी उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक, अलग-अलग बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अनजान अधिकारियों के खिलाफ करीब 50 मामलों की जांच कर रही है।

इसमें यह भी कहा गया है कि रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, और जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड के साथ-साथ उनके निदेशकों के खिलाफ तीन मामलों में आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी जैसे अपराधों के लिए आरोपपत्र पहले ही दाखिल किया जा चुका हैं।

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