rashtriyaswabhimaan.com
Hindi News / BNCMC / Mumbai

Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी में अवैध मोबाइल टावरों के सामने लाचार मनपा प्रशासन, वसूली फिसड्डी!

Bhiwandi Municipal Corporation
Bhiwandi Municipal Corporation
Article Top Ad

Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी मनपा अंतर्गत लगे अवैध मोबाइल टॉवरों से टैक्स वसूली को लेकर प्रशासन लाचार साबित हो रहा है। शहर में विभिन्न कंपनियों के लगे 284 मोबाइल टावरों पर मनपा प्रशासन का तकरीबन 40 करोड़ रुपया टैक्स बकाया है।जिनसे प्रशासन न बकाया टैक्स की वसूली कर पा रही है न ही उन पर कार्रवाई कर पा रही है। क्योंकि मनपा नोटिस के बाद भी इस पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। जबकि मनपा आर्थिक कंगाली से जूझ रही है।

भिवंडी मनपा करमूल्यांकन अधिकारी गिरीश घोष्टेकर ने बताया कि मनपा अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में प्रसिद्ध मोबाइल कंपनियों के कुल 284 मोबाइल टॉवर्स शहर की गगनचुंबी इमारतों पर लगे हैं। जिसमे बीएसएनल के 17, एटीसी के 57, जिटीएल के चार,इंडस के 63, रिलायंस कंपनी के 27,जिओ के 102, यूनिटी के 2,एयरटेल के 1,वोडाफोन के 1, मोबाइल कंपनियो के टॉवर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन मोबाइल टॉवरों में से रिलायंस जिओ के 70 मोबाइल टॉवर को छोड़कर बाकी सभी 214 टॉवर अबैध तरीके से बिना मनपा से किसी प्रकार परमिशन लेकर लगाए गए है।

संबंधित खबरें: Census 2027: शर्मिला पिंपलोलकर और कृष्णा पाटिल ने किया “स्व-गणना”, QR कोड से जनगणना की अपील!

मनपा अधिकारी का आरोप है कि उक्त मोबाइल कंपनियों द्वारा बिना मनपा प्रशासन से कोई एनओसी लिए इमारत मालिकों को लालच देकर मनपा द्वारा घोषित धोकादायक इमारतों पर भी मोबाईल टावर लगाए गए हैं।उन्होंने बताया कि इमारतों पर मोबाइल टॉवर लगानें वाली नामचीन कम्पनियां इमारत मालिकों व सोसाइटी को प्रतिमाह भाड़ा स्वरुप करीब 15 से 25 हजार रूपया अदा करती हैं। इन मोबाइल टॉवरों पर मनपा का कुल 39 करोड़,52 लाख 92 हजार302 करोड़ रूपया बतौर टैक्स राजस्व बकाया है।

जिस में से नियमित टैक्स 9 करोड़ 32 लाख 72 हजार 476 रुपया ही टैक्स है। जबकि 11 करोड़, 51 लाख, 83 हजार 450 रुपया दंड तथा 18 करोड़ 68 लाख 37 लाख 378 रुपया ब्याज है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्याद टैक्स इंडस कंपनी पर 14 करोड़ 30 लाख,42 हजार 816 रुपया तथा टाटा इंडिकॉम पर 9 करोड़ 77 लाख 60 हजार रुपया बकाया है। उन्होंने बताया कि टैक्स न भरने के कारण बिल्डिंगों पर लगे कई टावरों पर मनपा द्वारा पिछले दिनों कार्रवाई की गई थी।

जिसके बाद कई मोबाइल टॉवर कंपनियां मनपा कार्यवाई के खिलाफ कोर्ट में गई थी। जिसके बाद अदालत ने जन सुविधा के मद्देनजर टॉवरों को सील करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दिया था।इस कारण मनपा प्रशासन मोबाइल टावरों से बकाया राशि वसूलने के लिए चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रही है।इतना ही नहीं पिछले वर्ष से तो सरकार ने इन टावरों पर टैक्स लगाने पर ही रोक लगा दिया है।

Article Inline Ad
Article Bottom Ad