Plunging Onion Prices: देश की कृषि मंडियों में इन दिनों प्याज की कीमतों में भारी गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई APMC मंडियों में प्याज का भाव महज 1 से 4 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि किसान ट्रैक्टर भरकर मंडी तक तो पहुंच रहे हैं, लेकिन दाम सुनने के बाद माल खाली कर वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
महाराष्ट्र के नासिक, लासलगांव और आसपास के इलाकों से आने वाले किसानों का कहना है कि उन्हें प्याज की खेती में जितनी लागत आई, उतना पैसा भी अब नहीं मिल पा रहा। ट्रांसपोर्ट, मजदूरी और भंडारण का खर्च जोड़ने के बाद उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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किसानों के अनुसार मंडियों में अचानक आवक बढ़ने, निर्यात में सुस्ती और बाजार में मांग घटने से दाम लगातार गिर रहे हैं। वहीं कुछ व्यापारियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर भी कृषि बाजार पर दिखाई दे रहा है। निर्यात और सप्लाई चेन प्रभावित होने से मंडियों में अस्थिरता बढ़ी है।
कई किसानों ने आरोप लगाया कि मंडियों में उन्हें उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा और बिचौलियों का दबाव बढ़ गया है। कुछ किसान तो इतने निराश हो गए कि उन्होंने मंडी परिसर के बाहर ही प्याज फेंक दिया या बेहद कम कीमत पर बेच दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, तो किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। किसानों ने सरकार से प्याज खरीद, निर्यात नीति में राहत और न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी मांगें उठाई हैं।

