Tamil Nadu Drug Surveillance: स्कूल-कॉलेजों के आसपास ड्रग्स बिक्री रोकने के लिए बढ़ाई गई निगरानी!

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Tamil Nadu Drug Surveillance: तमिलनाडु सरकार ने विद्यार्थियों और युवाओं को नशीले पदार्थों का शिकार बनने से रोकने के उद्देश्य से बड़े अभियान के तहत प्रदेश भर में नशीली दवाओं और शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करते हुए स्कूलों, कॉलेजों और छात्र छात्रावासों के पास निगरानी बढ़ा दी है।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, मद्यनिषेध और उत्पाद शुल्क आयुक्तालय ने शनिवार को जिला स्तरीय अधिकारियों को तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) के शराब केंद्रों, लाइसेंस प्राप्त मदिरालयों और नशीले पदार्थों तथा अवैध शराब के व्यापार से जुड़े अन्य संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया।

यह निर्देश छात्रों के आवागमन वाले क्षेत्रों में प्रतिबंधित पदार्थों तक पहुंच को रोकने के लिए एक समन्वित प्रयास का हिस्सा है। मद्यनिषेध और उत्पाद शुल्क आयुक्त एस. पी. कार्तिका ने परिपत्र जारी करके निर्देश दिये हैं कि उपायुक्त और सहायक आयुक्त (उत्पाद शुल्क) यह सुनिश्चित करें कि शैक्षणिक संस्थानों, परिवहन केंद्रों और छात्रावास परिसरों के पास लगातार निरीक्षण हों। इसका मुख्य उद्देश्य दवाओं, नशीले पदार्थों और अवैध शराब की बिक्री, भंडारण और आवाजाही को रोकना है।

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सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि इस पहल का उद्देश्य एक नशामुक्त समाज का निर्माण करना और बच्चों, युवाओं तथा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस रणनीति के हिस्से के रूप में, अधिकारियों से शिक्षकों, अभिभावकों, गैर-सरकारी संगठनों, निवासी कल्याण संघों और महिला स्वयं सहायता समूहों को शामिल करके स्थानीय खुफिया तंत्र विकसित करने के लिए कहा गया है ताकि आवासीय और शैक्षणिक क्षेत्रों में सक्रिय अवैध आपूर्ति श्रृंखलाओं की पहचान करने में मदद मिल सके।

अधिकारियों को उन क्षेत्रों में छापेमारी तेज करने का भी निर्देश दिया गया है जहां अवैध शराब बनाने और नकली शराब की बिक्री की संभावना अधिक होती है, साथ ही तस्करी और अवैध भंडारण तंत्र के खिलाफ कार्रवाई बढ़ाने को कहा गया है। इसके साथ ही अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक दर पर शराब बेचने और 21 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को शराब की आपूर्ति करने जैसे उल्लंघनों की जांच के लिए ‘टीएएसएमएसी’ केंद्रों और एफ.एल.2 लाइसेंस प्राप्त परिसरों में औचक निरीक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।

परिपत्र में चेतावनी दी गई है कि प्रवर्तन में किसी भी तरह की लापरवाही या ढील मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जो सभी स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के सरकार के इरादे को दर्शाती है। यह नवीनतम कदम प्रवर्तन को कड़ा करने और शैक्षणिक वातावरण को नशीली दवाओं तथा अवैध शराब के बढ़ते खतरे से सुरक्षित रखने के लिए राज्य प्रशासन के व्यापक प्रयास को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने पहली बार पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद एक बड़े नीतिगत निर्णय के तहत शैक्षणिक संस्थानों, पूजा स्थलों और बस स्टैंडों के पास चल रही 700 से अधिक ‘टीएएसएमएसी’ दुकानों को बंद करने का आदेश दिया था और इस बात पर जोर दिया था कि 21 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को शराब की आपूर्ति नहीं की जानी चाहिए।

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