Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी मनपा के महापौर नारायण रतन चौधरी ने मानसून से पहले शहर में शुरू किए गए नाला सफाई कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को समय पर तथा गुणवत्तापूर्ण तरीके से सफाई कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। महापौर ने घोषणा की कि सबसे बेहतर तरीके से नाला सफाई करने वाले ठेकेदार को नकद 1 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
महापौर चौधरी ने रतन टॉकीज, भंडारी परिसर, काकूबाई चाल, दरगाह दीवान शाह नगर, देव नगर और कारिवली समेत कई क्षेत्रों में चल रहे सफाई कार्य का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान महापौर ने नाला सफाई में लगे मजदूरों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को गम बूट और हाथों के लिए दस्ताने उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
हालांकि मजदूरों ने बताया कि कुछ स्थानों पर अधिक फिसलन होने के कारण सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने में परेशानी होती है। भिवंडी मनपा के आरोग्य एवं स्वच्छता विभाग द्वारा विभिन्न प्रभाग समितियों में करोड़ों रुपये के ठेके जारी किए गए हैं। प्रभाग समिति क्रमांक-01 और 03 के नालों की सफाई का कार्य मैसर्स सुजित बालासाहेब खरात कंपनी को सौंपा गया है, जबकि प्रभाग समिति क्रमांक-02 और 05 का कार्य चंडिका कन्स्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है।
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इसके अलावा प्रभाग समिति क्रमांक-04 तथा मुख्य सड़कों के नालों की सफाई के लिए भी अलग-अलग कंपनियों को ठेके जारी किए गए हैं। वहीं मनपा के आंकड़ों को लेकर अब सवाल भी उठने लगे हैं। वर्ष 2025 में जहां 135 नालों की सफाई पर 2.27 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, वहीं वर्ष 2026 में नालों की संख्या बढ़ाकर 235 कर दी गई और खर्च भी 2.44 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया।
ऐसे में शहर में चर्चा है कि आखिर अतिरिक्त नाले कहां से आए और क्या कागजों में संख्या बढ़ाकर करोड़ों रुपये के ठेके जारी किए गए हैं। महापौर के साथ निरीक्षण के दौरान आरोग्य एवं स्वच्छता अधिकारी फैसल तातली, जे.एम. सोनवणे, वार्ड अधिकारी अरविंद घुगरे सहित अन्य मनपा अधिकारी मौजूद रहे। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि वसीम अंसारी, इरफान अंसारी और शकील पापा भी उपस्थित थे।

