Bhayandarpada Illegal mini-mall: ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र में अवैध निर्माणों का जाल फैलने का गंभीर आरोप लगाया जा रहा है। घोडबंदर रोड स्थित भायंदरपाड़ा इलाके में खड़े किए गए कथित अवैध मिनी मॉल को लेकर सूचना के अधिकार के तहत चौंकाने वाली जानकारी सामने आने का दावा किया जा है। “पालिका प्रशासन आखिर किसके दबाव में चुप बैठा है? इस अवैध मिनी मॉल का आका कौन है?” ऐसा सीधा सवाल ठाणे करो ने उठाया है।
ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र की सरकारी जमीनें, वन विभाग की जमीनें, गुरुचरण भूमि तथा नागरिक सुविधाओं के लिए आरक्षित भूखंड भू-माफियाओं, बिल्डरों और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से गायब किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध इमारतें, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और मिनी मॉल खड़े किए गए हैं, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
जनता दावा किया कि ठाणे शहर, कळवा, मुंब्रा, दिवा, घोडबंदर, कासार वडवली, वागळे इस्टेट, माजिवडा और मानपाडा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सरकारी और वन विभाग की जमीनों पर कब्जे किए गए हैं। कुछ राजनीतिक नेताओं ने खुद जमीनों पर कब्जा किया, जबकि कुछ जगहों पर अपने करीबी लोगों को इमारतें बनाने के लिए संरक्षण दिया गया।
“अवैध निर्माण करने वालों, सरकारी जमीन हड़पने वालों, उन्हें संरक्षण देने वाले राजनीतिक नेताओं, पालिका अधिकारियों और बिल्डरों के खिलाफ सबूतों के साथ कड़ी कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी,” ऐसा इशारा भी ठाणे की जनता ने दिया। सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर बड़ा खुलासा होने की संभावना से संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है।
इस बीच, नागरिकों की जान जोखिम में डालने वाले अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने में प्रशासन विफल साबित हो रहा है। नागरिकों द्वारा यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि “पालिका प्रशासन के आखिर किन लोगों से आर्थिक संबंध हैं?” अब इन गंभीर आरोपों के बाद महाराष्ट्र शासन और संबंधित एजेंसियां क्या कार्रवाई करती हैं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

