India US Relations: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 23 से 26 मई तक भारत की यात्रा पर आएंगे। इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा, व्यापार, रक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि नागरिक परमाणु ऊर्जा साझेदारी इस दौरे का प्रमुख विषय रहेगी।
हाल के वर्षों में भारत-अमेरिका संबंधों में तेजी से बढ़ती रणनीतिक साझेदारी के बीच परमाणु ऊर्जा सहयोग को दोनों देशों के रिश्तों के अगले महत्वपूर्ण चरण के रूप में देखा जा रहा है। रुबियो की यात्रा से पहले नाभिकीय ऊर्जा संस्थान (NEI) और यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के प्रतिनिधियों ने मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की।
अमेरिकी अधिकारियों ने इस पहल को “भारत में अमेरिकी परमाणु कार्यकारी मिशन” का नाम दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, मार्को रुबियो अपने भारत दौरे के दौरान कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली का भी दौरा करेंगे।
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भारत यात्रा से पहले अमेरिकी दूतावास ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें रुबियो ने भारत-अमेरिका संबंधों को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ते हुए कहा कि अमेरिका अपनी 250वीं वर्षगांठ ऐसे समय मना रहा है जब वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के साथ रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है।
अमेरिकी दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी कंपनियां भारत को वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने में सहयोग देने के लिए तैयार हैं। बयान में कहा गया कि अमेरिकी विशेषज्ञता और निजी क्षेत्र की भागीदारी से भारत की स्वच्छ ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को गति मिलेगी।
इसी बीच परमाणु ऊर्जा विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ बैठक कर जैव प्रौद्योगिकी, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और परमाणु चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने “यूएस-इंडिया ट्रस्ट इनिशिएटिव” के तहत एआई, सेमीकंडक्टर, बायोटेक और स्पेस टेक्नोलॉजी में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

