Sadbhavna Old Age Home: सद्भावना वृद्धाश्रम द्वारा राजकोट में एक विशाल और अत्याधुनिक वृद्धाश्रम परियोजना शुरू की गई है, जहां निराश्रित, बीमार और बिस्तर पर रहने वाले बुजुर्गों को आजीवन पूरी तरह मुफ्त रहने और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
राजकोट-जामनगर हाईवे पर पडधरी के पास मोटा रामपाल क्षेत्र में स्थित यह सद्भावना वृद्धाश्रम लगभग 20 लाख वर्गफुट क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस प्रकल्प में 7 टॉवर होंगे, जिनमें प्रत्येक टॉवर 11 मंजिला होगा। यहां 1400 कमरों में लगभग 5000 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था की जाएगी।
वृद्धाश्रम की खास बात यह है कि यहां जाति या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। जरूरतमंद और असहाय बुजुर्गों को संस्था के नियमों के अनुसार सम्मानपूर्वक प्रवेश दिया जाएगा और उनसे किसी प्रकार का शुल्क या चंदा नहीं लिया जाएगा। सभी सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क रहेंगी।
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संस्था की ओर से जैन समाज के बुजुर्गों के लिए एक अलग टॉवर भी बनाया गया है, जहां मंदिर की विशेष व्यवस्था की गई है। सद्भावना वृद्धाश्रम पिछले दस वर्षों से बुजुर्गों की सेवा में कार्यरत है। संस्था का उद्देश्य निःसंतान, निराश्रित, बीमार और अंथरुण से जुड़े बुजुर्गों को सम्मान और परिवार जैसा वातावरण प्रदान करना है।
30 एकड़ में फैले शांत और हरित परिसर में बुजुर्गों को प्राकृतिक वातावरण के बीच सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। वृद्धाश्रम में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा, प्रशिक्षित विशेषज्ञों की देखरेख, नियमित स्वास्थ्य जांच, फिजियोथेरेपी सेंटर, उपचारात्मक सेवाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
इसके अलावा योग, हल्के व्यायाम और आध्यात्मिक गतिविधियों के माध्यम से बुजुर्गों को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने का प्रयास किया जाएगा। संस्था का कहना है कि यह केवल एक वृद्धाश्रम नहीं, बल्कि ऐसा परिवार है जहां बुजुर्गों को प्यार, सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन बिताने का अवसर मिलेगा।

