Pradeep Singh’s Decisive Action: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद में चर्चित दूल्हा हत्याकांड के मुख्य आरोपी रवि यादव के इनकाउंटर ने यह साबित कर दिया कि अपराध कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून के हाथ उससे बड़े होते हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस, विशेषकर खेतासराय थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह की पैनी नज़र ने जिस तेजी, रणनीति और साहस के साथ कार्रवाई की, वह सराहनीय है।
1 मई को दूल्हे आजाद बिंद की दिनदहाड़े हत्या से पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी। घटना के बाद पुलिस पर त्वरित कार्रवाई का दबाव था लेकिन खेतासराय व जौनपुर पुलिस ने केवल बयानबाजी नहीं की बल्कि अपराधियों को जमीन से खींचकर बाहर निकालने का काम किया। बताया जा रहा है कि एक लाख के इनामी रवि यादव की लोकेशन 25 मई को मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी की।
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बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी जिसमें एक पुलिस अधिकारी घायल भी हुए लेकिन पुलिस पीछे नहीं हटी। जवाबी कार्रवाई में रवि यादव मारा गया। यह मुठभेड़ बताती है कि पुलिस अब अपराधियों के सामने झुकने वाली नहीं है। खेतासराय थानाध्यक्ष की सूझबूझ व एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई ने जनता में यह भरोसा मजबूत किया है कि कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए प्रशासन पूरी ताकत से मैदान में है।
जिस तरह से पुलिस ने लगातार दबिश, निगरानी और तकनीकी सर्विलांस का इस्तेमाल किया, वह अपराधियों के लिए साफ संदेश है, अपराध करोगे तो बचोगे नहीं। प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चल रही सख्त नीति का यह एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। आम जनता भी पुलिस की इस कार्रवाई की खुलकर प्रशंसा कर रही है और इसे पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।

