Chhattisgarh Strict Guidelines: छत्तीसगढ़ में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को लेकर प्रशासन और छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से राज्यभर में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसकी जानकारी बुधवार को मीडिया को दी गयी। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देश के तहत खुले स्थानों पर कुर्बानी, निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि में डीजे संचालन तथा नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वक्फ बोर्ड के निर्देशानुसार सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, मैदानों और खुले क्षेत्रों में कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस अथवा निजी परिसरों के भीतर ही की जा सकेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था स्वच्छता बनाए रखने और सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसके लिए नगर निगमों को विशेष सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि पिछले वर्ष से ही नमाज शिफ्ट के आधार पर अदा कराई जा रही है। उन्होंने कहा, “वर्तमान में जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन हो रहा है। छत्तीसगढ़ में सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जा रही है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। त्योहार के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर भी प्रशासन सतर्क है।
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डॉ. राज के अनुसार डीजे और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम पर निगरानी रखी जाएगी तथा निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें निगरानी करेंगी। उन्होंने कहा कि ईद की नमाज सुबह छह बजे से 11 बजे के बीच विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में अदा की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि समय निर्धारण से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सुविधा होगी।
इस बीच रायगढ़ जिले में बकरीद को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुस्लिम समाज के लोगों ने एक से डेढ़ लाख रुपए तक कीमत वाले बकरों की खरीदारी की है। पंजाब, ओडिशा और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में बकरे मंगाए गए हैं। बीड़पारा निवासी शानू खान ने बताया कि उन्होंने लगभग छह महीने पहले पंजाब से बीटल नस्ल का महंगा बकरा मंगाया था। उन्होंने कहा कि उनके पास अन्य बड़े नस्ल के बकरे भी हैं, जिनकी विशेष देखभाल की जा रही है।
गर्मी को देखते हुए बकरों के लिए कूलर की व्यवस्था की गई है तथा उन्हें हरी सब्जियां, चना और पौष्टिक चारा दिया जा रहा है। वहीं बीड़पारा के फैज अहमद ने बताया कि वे ओडिशा से बड़े नस्ल के बकरे लेकर आए हैं, जिनमें दो बकरों की कीमत लगभग 55 से 60 हजार रुपए है। उन्होंने कहा कि इन बकरों की विशेष देखरेख की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार शहर में 20 से 30 हजार रुपए से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक कीमत वाले बकरों की खरीदारी हुई है और त्योहार नजदीक आने के साथ ही आसपास के इलाकों से बकरों की खरीद अभी भी जारी है।

