NSE Social Stock Exchange: भारत के Social Stock Exchange (SSE) इकोसिस्टम को बड़ा बढ़ावा मिला है। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) ने कंपनियों को अपने Corporate Social Responsibility (CSR) खर्च का एक हिस्सा Social Stock Exchange के माध्यम से लगाने की अनुमति दे दी है। इस फैसले से गैर-लाभकारी संगठनों (NPOs) और सामाजिक संस्थाओं के लिए फंड जुटाने के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत कंपनियां अपने वार्षिक CSR बजट का एक निर्धारित हिस्सा Social Stock Exchange पर सूचीबद्ध पात्र गैर-लाभकारी संगठनों को Zero Coupon Zero Principal (ZCZP) इंस्ट्रूमेंट्स के माध्यम से उपलब्ध करा सकेंगी। MCA ने इसके लिए Companies Act, 2013 के तहत CSR नियमों में संशोधन किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत में सामाजिक वित्तपोषण (Social Financing) को मजबूत करेगा। इससे सामाजिक प्रभाव वाले प्रोजेक्ट्स को अधिक पारदर्शी और विनियमित तरीके से वित्तीय सहायता मिल सकेगी। साथ ही कॉर्पोरेट कंपनियों को भी अपने CSR खर्च के प्रभाव को बेहतर तरीके से मापने और ट्रैक करने का अवसर मिलेगा।
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Social Stock Exchange एक ऐसा विशेष प्लेटफॉर्म है जो सामाजिक संस्थाओं, गैर-लाभकारी संगठनों और निवेशकों को एक साथ जोड़ता है। पारंपरिक शेयर बाजार की तरह यहां वित्तीय लाभ कमाने के उद्देश्य से निवेश नहीं किया जाता, बल्कि सामाजिक प्रभाव और जनकल्याण को प्राथमिकता दी जाती है।
NSE के अधिकारियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सामाजिक क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता बढ़ेगी। उनका मानना है कि कंपनियों को अब एक संरचित और विनियमित प्लेटफॉर्म मिलेगा, जिसके जरिए वे अपने CSR फंड को प्रभावी सामाजिक परियोजनाओं तक पहुंचा सकेंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बदलाव से सामाजिक संगठनों के लिए पूंजी जुटाने की प्रक्रिया आसान होगी और सामाजिक परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक फंडिंग का रास्ता खुलेगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले संगठनों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
गौरतलब है कि Social Stock Exchange की अवधारणा पहली बार केंद्रीय बजट 2019 में पेश की गई थी। इसका उद्देश्य पूंजी बाजार को सामाजिक विकास और समावेशी वृद्धि से जोड़ना था। नए नियमों के लागू होने के बाद इस पहल को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

