Thane District Bank Forensic Audit: ठाणे जिला बैंक के वित्तीय लेन-देन का फोरेंसिक ऑडिट एवं कर्मचारी भर्ती की जांच कि मांग!

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Thane District Bank Forensic Audit: ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक ठाणे और पालघर जिले के किसानों, श्रमिकों, सदस्यों और आम जनता के विश्वास की संस्था थी, लेकिन बैंक के कामकाज में हुए कथित वित्तीय घोटालों के कारण यह विश्वास डगमगा गया है। यह आरोप बैंक के लगातार दस वर्षों तक अध्यक्ष रहे पूर्व अध्यक्ष और जिले के वरिष्ठ नेता आर. सी. पाटिल ने लगाया है।

जिला बैंक के निदेशक मंडल का चुनाव होने जा रहा है, इसी पृष्ठभूमि में बैंक में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के संबंध में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर निदेशक मंडल के उम्मीदवार सत्यवान पाटिल, मतदाता भगवान ठाकुर आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे।

ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक में हुए कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामले पर जनता के सामने अपनी भूमिका रखने के लिए पत्रकार वार्ता आयोजित करने की बात स्पष्ट करते हुए आर. सी. पाटिल ने कहा कि भ्रष्टाचार और कर्मचारी भर्ती के संबंध में कई शिकायतें कोर्ट में लंबित हैं। इसके बावजूद मतदाता सूची को दुरुस्त नहीं किया गया।

साथ ही, पालघर जिला अलग हुए 11 वर्ष बीत जाने के बाद भी ठाणे और पालघर बैंक का विभाजन नहीं किया गया है, इसलिए जल्दबाजी में बैंक का चुनाव कराना गलत है। उन्होंने कहा कि बैंक के पिछले सभी वित्तीय लेन-देन का फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए।

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पिछले दस वर्षों में हुई कर्मचारी भर्ती मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जाए। इसमें दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, निदेशकों और संबंधित व्यक्तियों पर तत्काल मामले (केस) दर्ज किए जाएं। बैंक के जमाकर्ताओं और सदस्यों के हितों की रक्षा की जाए।

जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव में किसी को भी संरक्षण न दिया जाए। “सहकारिता क्षेत्र महाराष्ट्र की ताकत है। कुछ चुनिंदा लोगों की गलतियों के कारण पूरे सहकारिता आंदोलन की छवि खराब नहीं होनी चाहिए।

इसलिए इस मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होना जरूरी है। हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ है। किसानों, सदस्यों और जमाकर्ताओं के पैसे का हिसाब जनता को मिलना ही चाहिए।”

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