Shankaracharya’s Event in Kannauj: कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आयोजकों का दावा है कि प्रशासन की ओर से कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दिए जाने के कारण शंकराचार्य को सड़क किनारे रात्रि विश्राम करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य का प्रवास और रात्रि विश्राम छिबरामऊ स्थित एक निजी विद्यालय परिसर में प्रस्तावित था। आयोजकों का आरोप है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के चलते कार्यक्रम स्थल उपलब्ध नहीं हो सका, जिसके बाद शंकराचार्य ने पाल चौराहा क्षेत्र में सड़क किनारे अपना पड़ाव डाला।
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आयोजकों के अनुसार, शंकराचार्य इन दिनों ‘गविष्ठि यात्रा’ पर हैं। यह 81 दिवसीय यात्रा 3 मई को गोरखपुर से शुरू हुई है और 22 जुलाई को गोरखपुर में ही संपन्न होगी। यात्रा का उद्देश्य गो संरक्षण और गोमाता को विशेष संवैधानिक दर्जा दिए जाने की मांग के समर्थन में जनजागरण करना बताया जा रहा है।
यात्रा से जुड़े लोगों का कहना है कि विभिन्न जिलों में सभाओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से अभियान के उद्देश्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जा रही है। आयोजकों ने आरोप लगाया है कि कन्नौज में कार्यक्रम को अनुमति नहीं देकर यात्रा में बाधा उत्पन्न की गई।
हालांकि, इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और आयोजकों ने प्रशासन से मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है।

