Jagadguru Shankaracharya: मैनपुरी ‘गविष्ठि (गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध)’ यात्रा के तहत मैनपुरी पहुंचे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का जिले भर में भव्य स्वागत किया गया। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्र “अहं हनं वृत्रं गविष्ठौ” का सामूहिक उच्चारण करते हुए गौ रक्षा का संकल्प लिया। इस अवसर पर मैनपुरी से सांसद Dimple Yadav ने शंकराचार्य जी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
उन्होंने कहा कि वह एक सनातनी होने के नाते शंकराचार्य जी के दर्शन करने और उनके गौरक्षा आंदोलन को समर्थन देने आई हैं। उन्होंने कहा कि समस्त सनातनी समाज को गौ रक्षा के इस अभियान के साथ खड़ा होना चाहिए।सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है।
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उन्होंने सनातन धर्म में धर्मदंड की व्यवस्था, शंकराचार्य पीठ की भूमिका और समाज में धर्म आधारित नेतृत्व की आवश्यकता पर विस्तार से अपने विचार रखे। कार्यक्रम में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल ने भी शंकराचार्य जी से मुलाकात कर गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग का समर्थन किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि गौ संरक्षण भारतीय समाज की साझा सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। शंकराचार्य जी ने कहा कि 3 मई से प्रारंभ हुई 81 दिवसीय ‘गविष्ठि’ यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचकर जनजागरण का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि गौ संरक्षण के संबंध में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो 24 जुलाई 2026 को लखनऊ में विशाल धर्मसभा आयोजित कर आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। सभा के अंत में उपस्थित जनसमुदाय ने गौ रक्षा, सनातन संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्रहित में कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गौभक्त, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित रहे।