Jitin Prasada: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री Jitin Prasada ने कहा है कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और इंडिया एआई मिशन जैसी पहलें देश में अनुसंधान, विनिर्माण और नवाचार आधारित आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने, कारोबार में सुगमता बढ़ाने और उन्नत तकनीकों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
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सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के 35वें स्थापना दिवस पर आयोजित ‘एसटीपीआई टेक समिट 2026: इंडियाज़ नेक्स्ट लीप’ को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि पिछले 35 वर्षों में एसटीपीआई ने भारत को वैश्विक डिजिटल शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर आधारित डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा एसटीपीआई जैसे संस्थान स्टार्टअप्स और उभरती तकनीकों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन और एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने भी तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और आईटी निर्यात में एसटीपीआई की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर एसटीपीआई की 35 वर्ष की यात्रा पर आधारित स्मारक संकलन जारी किया गया, अग्रणी आईटी निर्यातकों को सम्मानित किया गया तथा नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए वाधवानी फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान भी किया गया।

