Mauritius Labour Mobility Partnership: भारत और मॉरीशस के बीच श्रम गतिशीलता साझेदारी को नई मजबूती देते हुए 14 भारतीय कुशल श्रमिकों का एक दल मॉरीशस के लिए रवाना किया गया। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने इस दल को रवाना करते हुए इसे भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर जयंत चौधरी ने कहा कि भारतीय कुशल कार्यबल अपनी प्रतिभा, पेशेवर दक्षता और कार्य के प्रति समर्पण के कारण दुनिया भर में सम्मान प्राप्त कर रहा है। भारत-मॉरीशस श्रम गतिशीलता साझेदारी की सफलता यह दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय श्रमिकों की मांग लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार-से-सरकार समझौतों के माध्यम से विदेशों में रोजगार के सुरक्षित, पारदर्शी और सम्मानजनक अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे न केवल भारतीय युवाओं को बेहतर रोजगार मिलेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंध भी मजबूत होंगे।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार, यह मॉरीशस भेजा गया दूसरा बैच है। इससे पहले भेजे गए भारतीय श्रमिक वहां सफलतापूर्वक रोजगार प्राप्त कर चुके हैं। इसके अलावा 33 अन्य उम्मीदवारों के कार्य परमिट और दस्तावेजी प्रक्रियाएं भी अंतिम चरण में हैं।
मंत्रालय ने बताया कि भारत-मॉरीशस श्रम गतिशीलता साझेदारी मई 2023 में दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत संचालित की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, श्रमिकों के कल्याण की रक्षा करना तथा दोनों देशों के श्रम मानकों के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
मॉरीशस रवाना हुए 14 उम्मीदवार देश के सात राज्यों से हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के छह, बिहार और हिमाचल प्रदेश के दो-दो तथा मणिपुर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के एक-एक उम्मीदवार शामिल हैं। यह पहल भारतीय युवाओं को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

