E20 Petrol Controversy: ई-20 पेट्रोल को लेकर उठे विवाद के बीच आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि पुराने वाहनों में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित ई-20 ईंधन के उपयोग को कंपनी लापरवाही नहीं मानती और केवल ईंधन के आधार पर बीमा दावे खारिज नहीं किए जाएंगे।
दरअसल, पिछले सप्ताह कंपनी के एक ब्लॉग में यह उल्लेख किया गया था कि जिन वाहनों को ई-20 ईंधन के लिए डिजाइन नहीं किया गया है, उनमें इसका उपयोग लापरवाही की श्रेणी में आ सकता है और इससे जुड़े नुकसान के दावों पर असर पड़ सकता है। इस टिप्पणी के बाद वाहन मालिकों और उपभोक्ताओं के बीच चिंता बढ़ गई थी।
विवाद बढ़ने पर कंपनी ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि मोटर बीमा दावों का मूल्यांकन वाहन में इस्तेमाल किए गए ईंधन के आधार पर नहीं किया जाता। बीमा सुरक्षा दुर्घटना, चोरी, व्यक्तिगत दुर्घटना और थर्ड पार्टी दायित्व जैसी घटनाओं पर आधारित होती है, न कि वाहन में प्रयुक्त ईंधन के प्रकार पर।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई दावा पारंपरिक पेट्रोल के उपयोग की स्थिति में स्वीकार्य है, तो वही दावा ई-20 ईंधन के उपयोग की स्थिति में भी समान रूप से स्वीकार्य रहेगा। बीमा पॉलिसी की वैधता पर ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।
गौरतलब है कि देश में सामान्य रूप से उपलब्ध पेट्रोल में अब इथेनॉल मिश्रण का स्तर बढ़ाया जा चुका है और अप्रैल 2023 से ई-20 अनुकूल वाहनों की बिक्री को अनिवार्य बनाया गया है। ऐसे में कंपनी के स्पष्टीकरण से बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को राहत मिली है, जो बीमा दावों को लेकर आशंकित थे। कंपनी ने कहा कि ग्राहकों के हित सर्वोपरि हैं और बीमा दावों का निपटारा पॉलिसी की शर्तों तथा वास्तविक घटनाओं के आधार पर ही किया जाता रहेगा।

