India US Relations: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता में खाड़ी क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। दोनों नेताओं की यह मुलाकात करीब 16 महीने बाद हुई।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयासों की सराहना की और उम्मीद जताई कि भविष्य में होने वाले किसी भी समझौते में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रधानमंत्री ने होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्बाध समुद्री आवाजाही के महत्व पर बल देते हुए कहा कि दुनिया भर में लाखों भारतीय नाविक अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनकी सुरक्षा वैश्विक व्यापार और आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद आवश्यक है।
मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों देशों की टीमें साझा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए तेजी से काम कर रही हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में होर्मुज क्षेत्र में हुए एक सैन्य हमले में एक व्यापारिक जहाज पर सवार तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु हो गई थी। इस घटना पर भारत ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए अमेरिका के कार्यवाहक राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया था।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में कार्य करना स्वभाविक रूप से जोखिम भरा है, लेकिन अमेरिका इस मामले में भारत के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पश्चिम एशिया में भारत की संभावित भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आगे भी निभाता रहेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी पिछली भारत यात्रा को याद करते हुए उसे बेहद सफल और यादगार बताया।

