NSE Biggest IPO: देश के प्रमुख शेयर बाजार संचालक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) अब तक का सबसे बड़ा प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी में है। इसके लिए एक्सचेंज ने पूंजी बाजार नियामक सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल कर दिया है।
एनएसई ने बताया कि प्रस्तावित आईपीओ के तहत एक रुपये अंकित मूल्य वाले 14.89 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी। इस निर्गम के माध्यम से करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। यदि यह योजना सफल रहती है तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी नियामकीय मंजूरी मिलनी बाकी है और आईपीओ के लॉन्च की तिथि बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए बाद में तय की जाएगी।
आईपीओ के जरिए हिस्सेदारी बेचने वाले शेयरधारकों में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के अलावा मॉरिशस और कनाडा के कुछ विदेशी निवेशक भी शामिल हैं।
यह सार्वजनिक निर्गम बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से लाया जाएगा। इसके तहत अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा पात्र संस्थागत निवेशकों, कम से कम 15 प्रतिशत गैर-संस्थागत निवेशकों और न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा।
साल 1992 में स्थापित एनएसई ने वित्त वर्ष 2025-26 में 36.99 अरब से अधिक कॉन्ट्रैक्ट्स के कारोबार के साथ वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े इक्विटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज के रूप में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी। पिछले वित्त वर्ष में एक्सचेंज का परिचालन राजस्व 16,601 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 10,302 करोड़ रुपये रहा। 31 मार्च 2026 तक एनएसई के पंजीकृत निवेशकों की संख्या 12.91 करोड़ तक पहुंच गई थी।

